हुक शॉट खेलने का तरीका.

गेंदबाज, जब शॉर्ट बॉल फेंकता है तो इसका साफ़ मतलब है कि बल्लेबाज़ को मुश्किल में डाल रहा है। बल्लेबाज़ के पास इसके खिलाफ एक प्रभावी हथियार है, हुक शॉट। यही वह स्ट्रोक है, जो शॉर्ट बॉल के प्रभाव को काफी हद तक खत्म कर सकता है। इसे अक्सर गलतफहमी में पुल के साथ मिला दिया जाता है, जो गलत है। तेज गेंदबाजों के खिलाफ हमले का ये बड़ा कारगर तरीका है पर ये शॉट लगाना आसान नहीं होता, अक्सर बल्लेबाज़ गलती करता है शॉट लगाने में और नतीजा वही होता है जो गेंदबाज़ चाहता है यानि कि कैच। इतना ही नहीं, इसे सही तरह लगाने में जरा सी चूक और बल्लेबाज़ के सिर/कनपटी से खून बहता दिखाई देना कोई हैरानी की बात नहीं। पता नहीं कितने ही बल्लेबाज़ों ने चोट खाई है।

हुक शॉट को कैसे खेलते हैं?

-हुक शॉट एक जमीन के समानांतर खेला जाने वाला शॉट है, जो बल्लेबाज के सीने और सिर पर आ रही गेंद पर खेला जाता है। यह बड़ा मुश्किल शॉट है, बल्लेबाज़ को शार्ट बॉल/ बाउंसर खेलना सिखाता है पर साथ ही खेलते वक़्त बल्लेबाज की आंख या चेहरे पर चोट लगने का खतरा होता है। शॉट सही ढंग से लगा दिया, तो बाउंड्री। इसे सही लगाना बहुत कुछ बल्लेबाज के फुटवर्क पर निर्भर करता है। ये शॉट ही हेलमेट पहनने के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार रहा – शॉट खेलते समय पूरा ध्यान गेंद पर होनी चाहिए। शॉट खेला तो साथ में कलाई को घुमाना होता है। गेंद पर बॉउंड्री के ऊपर छक्का मार सकते हैं। इसके अलावा, यह भी जानने की जरूरत है कि फील्डर कहां हैं?

-बैकलिफ्ट में बैट ऊंचा किया, सिर और शरीर का ऊपरी हिस्सा पिछले पैर पर तथा सामने से आ रही गेंद की लाइन से दूर हो जाते हैं। सही बैलेंस बड़ा जरूरी है- कई बल्लेबाज़ गिरते देखे गए हैं।

-अब बल्लेबाज़ को पीछे से देखें तो बांया पैर जमीन से कुछ ऊपर, जिससे कन्धों को एक तरफ होने में मदद मिलती है। दाहिनी कोहनी बिलकुल पीठ के करीब और दाहिनी कलाई बैट को शक्ति देने के लिए तैयार। इसी से शॉट में जान पड़ती है।

-अपने बाज़ू हवा में घुमाते हुए कुछ नीचे लाएं और अपनी आंखों के सामने अपने शरीर पर बैट लाकर गेंद को स्क्वायर लेग और फाइन लेग के बीच की बॉउंड्री की तरफ शॉट लगाएं।

-इसके बाद आपके दोनों पैर उस तरफ होंगे जिस दिशा में शॉट खेला जा रहा है या अगला पैर कुछ उठा होगा और शरीर का वजन पिछले पैर के बीच में होगा। ऐसा शॉट लगाते हुए ध्यान रखें कि सिर को लाइन के अंदर रखना है ताकि यदि आप गेंद नहीं खेल पाए तो यह सामने वाले कंधे के ऊपर से बिना चोट पहुंचाए निकल जाए। सिर बिलकुल स्थिर और आँखें शॉट को देखती हुई।

हुक शॉट लगाने वाले टॉप बल्लेबाज़

मोहिंदर अमरनाथ: उन्होंने अगर हुक शॉट लगाया तो साथ में इस शॉट के चक्कर में कई बार विकेट भी गंवाया। कई बल्लेबाज़ इस शॉट को लगाने के चक्कर में ही नहीं पड़ते और नीचे झुककर या एक तरफ होकर गेंद से बच लेते हैं। ये भी वैसे आसान नहीं होता। इसके उलट कई माहिर रहे हैं इसे खेलने के, खासकर हेलमेट आने के बाद। कुछ ऐसे माहिर :

गॉर्डन ग्रीनिज : 1970 और 1980 के दशक की वेस्टइंडीज टीम कमाल की थी और उनके ओपनर गॉर्डन ग्रीनिज आक्रामक बल्लेबाज जिनकी आदत थी गेंदबाजों पर हावी होना। हुक उनका मन पसंद शॉट था- आमतौर पर गेंद बाउंड्री के बाहर ही जाती थी। कोई भी गेंदबाज़- वे रुकते कहाँ थे?

जैक्स कैलिस : उनके पास हर किताबी शॉट था, वे हुकर नहीं थे पर अगर सही गेंद मिल जाए तो हुक लगाने से रुकते नहीं थे।

क्रिस गेल : उन्हें अपने शरीर की ताकत से इस शॉट को खेलने में बड़ी मदद मिली। आज भी टी 20 में उन्हें ये शॉट लगाते देखा जा सकता है।

विव रिचर्ड्स : ‘किंग’ संभवतः सबसे आक्रामक बल्लेबाज जिसने दुनिया के कुछ सबसे तेज गेंदबाजों का सामना किया- कैप लगाते थे और उनका मानना था कि हेलमेट पहनना डर का संकेत है। शार्ट बॉल पर तब भी हुक लगाने से डरते नहीं थे।

रिकी पोंटिंग : कहते हैं उनके लिए शॉर्ट बॉल फेंकना मुसीबत बुलाने जैसा था। अपने 17 साल के शानदार करियर के दौरान, दाएं हाथ का यह खिलाड़ी दुनिया में हुक का सबसे अच्छा खिलाड़ी गिना गया। ज्यादातर मौके पर उनकी प्लेसमेंट बिल्कुल सही थी ।

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