ind vs zim
IND vs ZIM: भारत ने ज़िम्बाब्वे के खिलाफ टॉस जीतकर पहले चुनी बल्लेबाजी

भारत के लिहाज से टी-20 वर्ल्डकप का 42वां मुकाबला बेहद अहम होने वाला है। दरअसल, टीम इंडिया इस मैच को जीतकर सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की करना चाहेगी। वहीं, टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी जिम्बाब्वे जाते-जाते उलटफेर करके विरोधी टीम का खेल बिगाड़ना चाहेगी। भले ही भारतीय टीम बेहतरीन फार्म में हो लेकिन उसे तब भी जिम्बाब्वे से सावधान रहना होगा क्योंकि वह पाकिस्तान के खिलाफ उलटफेर कर चुकी है। आंकड़े बताते हैं कि भारत और जिम्बाब्वे की टीमें टी-20 फॉर्मेट में 6 साल बाद आमने-सामने होंगी। पिछली बार दोनों के बीच 22 जून 2016 को हरारे में मैच हुआ था। इस रोमांचक मुकाबले में टीम इंडिया 3 रन से जीती थी। वहीं दोनों ही टीमें 7 बार टी-20 मैचों में आपस में भिड़ी हैं, जिसमें सारे मैच ही जिम्बाब्वे के हरारे में खेले गए। पहली बार दोनो टीमें किसी दूसरे मैदान में आमने-सामने होंगी। रिकॉर्ड देखें तो भारत 5 बार और जिम्बाब्वे 2 बार जीता है।

केएल राहुल बनाम ब्लेसिंग मुजरबानी

शुरुआती टी-20 विश्वकप के मैचों में केएल राहुल का बल्ला नहीं चला लेकिन विराट कोहली की सीख के बाद बांग्लादेश के खिलाफ उन्होंने धुआंधार बल्लेबाजी की। केएल ने शुरुआती तीन मैचों में 4, 9, 9 रन ही स्कोर किया लेकिन चौथे मैच में उन्होंने 32 गेंदों पर 50 रन बना डाले। उनका फॉर्म में लौटना भारत के लिये शुभ संकेत तो जिम्बाब्वे के लिए खतरा है। उन्होंने 70 टी-20 मैचों में 2 शतक व 21 अर्धशतक की मदद से 2209 रन बनाए हैं, जिसमें 110 उनका बेस्ट स्कोर है। जिम्बाब्वे के खिलाफ उन्होंने तीन मैचों में 69 रन बनाए, जिसमें 47 रन बेस्ट है। राहुल को रोकने की जिम्मेदारी राइट आर्म फास्ट मीडियम बॉलर ब्लेसिंग मुजरबानी के कंधों पर होगी। टूर्नामेंट में अब तक उन्होंने 5 विकेट झटके हैं। वैसे उन्होंने 33 टी-20 मैच खेले हैं, जिनमें 41 विकेट लिए हैं, जिसमें 3/21 उनकी बेस्ट बॉलिंग है। भारत के साथ उनको खेलने का अनुभव नहीं है। फिर भी वह रन मशीन केएल राहुल को आउट करने का लक्ष्य लेकर ही बॉलिंग करेंगे।

रोहित शर्मा बनाम क्रेग एर्विन

दक्षिण अफ्रीका को छोड़ दें तो रोहित शर्मा की कप्तानी ने अब तक भारत ने टी-20 में अपने सारे मैच जीते हैं। अब उनकी रणनीति जिम्बाब्वे को पछाड़कर सीधे सेमीफाइनल का टिकट पक्का करने की होगी। हालांकि, उनका बल्ला सिर्फ नीदरलैंड्स के खिलाफ ही चला है, जिसमें उन्होंने धुआंधार अर्धशतक जमाया था। बांग्लादेश के खिलाफ आखिरी मैच में भी वह सिर्फ 2 रन ही बना सके थे। ऐसे में उनकी खराब फॉर्म चिंता का विषय है। उधर, विरोधी टीम के कप्तान क्रेग एर्विन भी यही चाहते हैं कि “द हिटमैन” का यह सिलसिला जारी रहे क्योंकि वह भारत को हराकर फिर से बड़ा उलटफेर करना चाहते हैं। हालांकि, वह कप्तान के रूप में अब तक कोई भरोसेमंद पारी नहीं खेल पाए हैं। चार मैचों में उन्होंने 3, 8, 19 व 2 रन ही बनाए हैं। भारत के विरुद्ध वह 3 मैच खेल चुके हैं, जिसमें उन्होंने 13 के एवरेज से 39 रन ही बनाए हैं।

विराट कोहली बनाम सिकंदर रजा

टूर्नामेंट के धुरंधर और टीम इंडिया के भरोसेमंद बल्लेबाज विराट कोहली पूरे टूर्नामेंट में विराट प्रदर्शन करते ही आए हैं। उन्होंने चार मैचों में 82, 44, 12 और 64 रन बनाए हैं। जिम्बाब्वे के खिलाफ 2 मैच की एक पारी में उन्होंने नाबाद 26 रन बनाए हैं। उनको रोकना विरोधी टीम का सबसे बड़ा लक्ष्य होगा। ऐसे में जिम्बाब्वे के हरफनमौला खिलाड़ी सिकंदर रजा और विराट के बीच जंग देखी जा सकती है। रजा टूर्नामेंट में 4 विकेट झटक चुके हैं, जिसमें पाक के खिलाफ 3/25 उनका बेस्ट है। यही नहीं वह बल्ले से भी काबिलियत दिखाने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने नीदरलैंड्स के खिलाफ 24 गेंदों पर ताबड़तोड़ 40 रन बनाए थे। भारत के विरुद्ध वह 4 मैच खेल चुके हैं, जिसमें उन्होंने कुल 39 रन बनाए हैं और एक भी विकेट लेने में वह सफल नहीं रहे हैं। कुल 65 टी-20 मैचों में उन्होंने 37 विकेट लिए हैं। 1225 रन 6 अर्धशतक के साथ बनाए हैं।

अर्शदीप सिंह बनाम सीन विलियम्स

भारतीय टीम के उभरते हुए तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह टूर्नामेंट के चार मैचों में 9 विकेट ले चुके हैं। पाकिस्तान के खिलाफ उन्होंने 32 रन देकर सर्वाधिक 3 विकेट झटके थे। इसके अलावा हर मैच में उन्होंने 2-2 विकेट झटके हैं। उन्होंने अब तक कुल 17 टी-20 मैच खेले हैं और 28 विकेट झटके हैं। टूर्नामेंट में उनकी परफॉर्मेंस दमदार रही है। ऐसे में उनके निशाने पर जिम्बाब्वे के मध्यक्रम के बल्लेबाज सीन विलियम्स होंगे। उन्होंने चार मैचों में अच्छी बल्लेबाजी करते हुए 28, 64, 31 और 1 रन बनाए हैं। उन्होंने कई मौकों पर टीम को मुश्किल हालातों से निकाला है। ऐसे में नवदीप नहीं चाहते होंगे कि यह बल्लेबाज भारत के सेमीफाइनल में पहुंचने की राह में रोड़ा बने। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने 65 मैचों में 1418 रन बनाए हैं। उन्होंने भारत के खिलाफ एक ही मैच खेला है, जिसमें 17 रन बना पाए हैं।

सूर्यकुमार यादव बनाम वेस्ले मधेवेरे

टीम इंडिया में सूरज की तरह चमकते हुए सूर्यकुमार यादव ने चार मैचों में शानदार 164 रन बनाए हैं। इसमें 2 अर्धशतक भी शामिल हैं। मैदान के चारों ओर रन बनाने वाले इस खिलाड़ी के लिए फील्डिंग सेट करना मुश्किल भरा रहता है क्योंकि यह बल्लेबाज कहीं पर भी बड़ा शॉट लगाने की काबिलियत रखता है। जिम्बाब्वे के खिलाफ भी उनसे ऐसे ही प्रदर्शन की उम्मीदें हैं। जिम्बाब्वे के खिलाफ उन्हें खेलने का अनुभव नहीं है लेकिन उसके सामने विपक्षी टीम नहीं बल्कि रन बनाना मायने रखता है। ऐसे में वेस्ले मधेवेरे बल्ले में उनसे दो-दो हाथ करना चाहेंगे। यह सलामी बल्लेबाज चार मैचों में कुल 56 रन ही बना सका है लेकिन आंकड़े बताते हैं कि वह कुछ भी कर सकते हैं। उन्होंने 43 मैचों में 901 रन बनाए हैं, जिसमें 73 उनका उच्च स्कोर है। देखा जाए तो वह पहली बार भारत का सामना करेंगे।

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