IPL 2021: 7 बातें, जो इस सीजन में सबसे तेज गेंद फेंकने वाले उमरान मालिक के बारे में ख़ास हैं

गेंद की तेजी के मामले में पिछले कुछ दिनों में जो हल्ला सनराइजर्स हैदराबाद के उमरान मालिक ने किया, उसका जवाब नहीं। कोलकाता नाइट राइडर्स से उनकी टीम भले ही मैच हार गई पर उमरान मलिक ने बल्लेबाजों को चकमा देने और गेंद की तेजी से सभी को हैरान कर दिया। जम्मू-कश्मीर के रहने वाले मलिक ने स्पीड गन पर 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दो गेंदें डालीं- सबसे तेज गेंद 151.03 किमी प्रति घंटा वाली थी। नतीजतन, इस सीजन के लिए सबसे तेज गेंद फेंकने वाले टॉप 10 में एकमात्र भारतीय बन गए।

इस गेंद का जिक्र ख़त्म भी नहीं हुआ था कि 152.95 किमी प्रति घंटे की तेजी से गेंद फेंक दी (आरसीबी के विरुद्ध) और लॉकी फर्ग्यूसन (152.75 किमी प्रति घंटे) को पीछे छोड़ते हुए, आईपीएल सीज़न में सबसे तेज़ बन गए।

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कौन है ये उमरान, गेंद की तेजी के मामले में ऐसी चर्चा भारत में इससे पहले किसी को भी नहीं मिली थी। क्या आप उमरान के बारे में ये जानते हैं?

  • उनके पहले कोच का नाम रणधीर सिंह मन्हास- वे जम्मू और कश्मीर स्पोर्ट्स काउंसिल के एक कोच हैं। मलिक को पहली बार 17 साल की उम्र में तब देखा था जब वह बिना किसी तैयारी जम्मू के मौलाना आज़ाद स्टेडियम में आए थे- स्पोर्ट्स काउंसिल यहाँ एक क्रिकेट कोचिंग सेंटर चलाती है।
    कोच कहते हैं – लापरवाह थे और क्रिकेट के लिए संजीदा भी नहीं। कोचिंग के लिए एक दिन आना, फिर तीन दिन गायब। फिर भी खेल के लिए जुनून था।
  • शुरू में टेनिस बॉल क्रिकेट खेलते थे और स्थानीय टूर्नामेंटों में हिस्सा लेते थे- पैसा कमाने के लिए। टेनिस बॉल ने गेंद की तेजी बढ़ाने में मदद की तो पैसे ने परिवार की। उनके पिता गुर्जर नगर में सब्ज़ी- फल की दुकान चलाते हैं। फिर भी पिता ने अपने बेटे को क्रिकेट जारी रखने के लिए हर मदद दी। इसीलिए पढ़ाई नहीं की- वह दसवीं का ड्रॉप आउट है। उसकी बड़ी बहनें हैं और परिवार में इकलौता बेटा है।
  • भारत के पूर्व विकेटकीपर अजय रात्रा, मलिक को नेट्स पर देखकर बड़े प्रभावित हुए थे- वे तब असम के कोच थे और रणजी ट्रॉफी खेलने उनकी टीम जम्मू आई थी। उमरान तब नेट गेंदबाजों में से एक थे। उन्हें इतनी तेज गेंदबाजी करते देख रात्रा ने पूछा था कि जम्मू-कश्मीर के लिए क्यों नहीं खेल रहे …? मन्हास के पास तब कोई जवाब नहीं था।
  • जब इरफान पठान जम्मू-कश्मीर टीम के मेंटोर बने तो नज़ारा बदला- इरफान ने एक टॉप तेज गेंदबाज देखा उमरान में।
  • क्रिकेट के प्रति रुझान तब हुआ जब सिर्फ 3 साल के थे। 2018 में, अंडर-19 क्रिकेटरों के लिए एक ट्रायल था। उमरान ट्रायल के लिए आए तो यह भी नहीं जानते थे कि स्पाइक्स क्या हैं? जॉगिंग शूज़ में गेंदबाजी करते थे। एक दोस्त ने खेलने के लिए स्पाइक्स दिए और उसी ट्रायल से अंडर-19 टीम में वन-डे के लिए आए। अगले साल अंडर-23 खेला।
  • आईपीएल ऑक्शन में उन्हें किसी ने नहीं खरीदा। तब सनराइजर्स हैदराबाद ने नेट गेंदबाज के तौर पर इस्तेमाल के लिए बुला लिया। दूसरे राउंड की शुरुआत की सुबह नटराजन कोविड पॉजिटिव निकले तो उमरान को मुख्य टीम में शामिल कर लिया ।
  • जब पहली बार उमरान ने सनराइजर्स हैदराबाद नेट्स पर गेंदबाज़ी की तो डेविड वार्नर और केन विलियमसन भी उनकी गेंद की तेजी देखकर हैरान थे। नेट्स में वह अक्सर बल्लेबाजों को हेलमेट पर मारते थे।

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