Ravichandran Ashwin
भारतीय टीम के दिग्गज ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन साल 2018 में संन्यास लेने के बारे में सोच रहे थे।

भारतीय टीम (Team India) के दिग्गज ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) साल 2018 में संन्यास लेने के बारे में सोच रहे थे। इस बात का खुलासा उन्होंने खुद करते हुए बताया है कि उस समय वह चोटों से जूझ रहे थे और उनकी फॉर्म भी कुछ खास अच्छी नहीं चल रही थी। ऐसे में उनके दिमाग में ऐसे ही ख्याल आ रहे थे।

अब अश्विन भारतीय टेस्ट टीम के अहम खिलाड़ियों में से एक हैं। इतना ही नहीं उनके शानदार प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें टी20 वर्ल्ड कप टीम और न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू टी20 सीरीज में भी जगह मिली थी, जिसका उन्होंने पूरा फायदा उठाया।

35 साल के भारतीय क्रिकेटर ने ईएसपीएन क्रिकइनफो से बातचीत करते हुए कहा, “साल 2018 से 2020 के दौरान कई बार मैंने क्रिकेट से संन्यास लेने के बारे में सोचा। इस समय मैं लगातार बेहतर करने का प्रयास कर रहा था, लेकिन चीजें मुश्किल होती जा रही थीं। छह गेंदे फेंकने के बाद ही मेरी सांस फूलने लगती थी और पूरा शरीर थक जाता था।”

रविचंद्रन अश्विन ने आगे कहा, “घुटने का दर्द बढ़ने पर मैं छोटी जंप लेकर गेंदबाजी करने की कोशिश करता था और जल्दी थक भी जाता था।” इसके अलावा दाएं हाथ के गेंदबाज ने कहा, “मुझे लगता है कि कई खिलाड़ियों पर भरोसा जताया गया तो मुझ पर क्यों नहीं। मैंने कुछ कम नहीं किया। मैंने टीम को कई मैच जिताए, लेकिन मुझ पर भरोसा नहीं जताया गया।”

गौरतलब है कि आर अश्विन ने इन सभी से उबरकर शानदार प्रदर्शन करते हुए वापसी की। उन्होंने गेंद और बल्ले दोनों से भारतीय टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। इस समय अश्विन दक्षिण अफ्रीका के दौरे (South Africa Tour) पर हैं, जहां भारतीय टीम मेजबान टीम के विरुद्ध 26 दिसंबर से तीन मुकाबलों की टेस्ट सीरीज का आगाज करेगी।

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