IPL 2021, DC v CSK: पंत ने एक हाथ से जड़े दो छक्के, वीडियो हुआ वायरल

आधुनिक और तेज तर्रार क्रिकेट ने, जो नए नए शॉट बल्लेबाज़ को दिए हैं, ये उनमें से एक है। तेजी से रन बनाने की जरूरत हो तो बल्लेबाज़ ये शॉट खूब खेलते हैं। देखने वालों को मजा आता है तेजी से रन बन रहे हों तो किसे मजा नहीं आएगा?

स्लॉग शॉट आम तौर पर 6 के लिए हवा में हिट किया जाता है, 4 मारा जाता है तो भी गेंद काफी देर हवा में रहती है। कहते हैं कि ये शॉट वही खेलता है, जिसमें गेंद पर छक्का मारने की न सिर्फ ताकत होनी चाहिए, जोश भी होना चाहिए। स्लॉग शॉट इसीलिए टी-20, टी10 या द हंड्रेड जैसी क्रिकेट में ज्यादा दिखाई देते हैं। अब आप समझ ही गए होंगे कि इस शॉट को ऋषभ पंत, जैसे बल्लेबाज़ ज्यादा खेलते हैं, चेतेश्वर पुजारा जैसे बल्लेबाज़ नहीं।

यह खेलने के लिए एक बेहद खतरनाक शॉट है क्योंकि पक्का है कि गेंद लंबे समय तक हवा में रहने वाली है- जितनी देर गेंद हवा में, उतना ज्यादा जोखिम। इसलिए ये किताबी या कलात्मक स्ट्रोक की परिभाषा में फिट होने वाला शॉट नहीं है। कई विशेषज्ञ इसके बारे में कहते हैं कि ये पॉवर की नुमाइश है, तकनीक और कलात्मकता को भूल जाइए।

ऐसा नहीं कि इसे सिर्फ टी20, प्रो 40 या वन डे मैच में ही इस्तेमाल करना है। स्लॉग टेस्ट क्रिकेट में भी उपयोगी हो सकता है, ऐसी हालत में कि जब किसी टीम के पास अच्छी लीड है, अब तेजी से रन की जरूरत है ताकि पारी समाप्त घोषित कर दूसरी टीम के खिलाड़ियों को आउट करने के लिए ज्यादा समय मिले। तेजी से रन चाहिए तो जोखिम तो उठाना ही पड़ेगा।

बैट से गेंद हिट करने में नाकाम रहे तो बोल्ड। स्लॉग खेलते समय LBW भी आम है। इस बात की भी कोई गारंटी नहीं है कि गेंद किसी फील्डर के पास नहीं जाएगी। इसलिए इसे तभी खेलें जब रनों की बहुत तेज़ी से जरूरत है और विकेट गिरने की कोई चिंता नहीं। स्लॉग स्वीप सबसे ज्यादा खेले जाने वाले क्रिकेट शॉट्स में से एक है, इसे मैच के आखिर में या डेथ ओवर में खेलते हैं।

स्लॉग स्वीप शॉट कैसे खेलें?

ये तो तय हो गया कि आम तौर पर हवा में बॉउंड्री पार करने की कोशिश में ये खेला जाता है। स्लॉग खेलते समय बल्लेबाज को गेंद को बैट की पूरी स्विंग के साथ हिट करने की कोशिश करनी चाहिए। स्लॉग शॉट को घुटना टेककर , मिड-विकेट के बजाय ओवर स्क्वायर लेग पर खेला जाता है। बैट की पूरी स्विंग के लिए फ्रंट लेग को लेग स्टंप के बाहर रखा जाना चाहिए। इसे ख़ास तौर पर पूरी पिच हुई गेंद पर खेलते हैं।

सिर की स्थिति: स्वीप शॉट की तरह, शॉट खेलते समय सिर आपके सामने के घुटने के ऊपर होना चाहिए। अपने सिर को आगे रखना याद रखें ताकि गेंद को बैट के ठीक बीच में देख सकें।

बैट: बैट ऊंचे से नीचे की ओर जाने के बजाय, नीचे से ऊपर ले जाकर हिट करते हैं ताकि स्ट्रोक को ऊँचाई मिले। गेंद को बहुत जोर से मारने की कोशिश न करें, क्योंकि इससे शॉट में आप शरीर पर कंट्रोल खो देंगे। यहीं से मुश्किल होगी।

इसे ऑफ स्टंप से थोड़ी बाहर गेंद पर खेला जाता है, जिससे बल्लेबाज को पूरे बाज़ू घुमाने का मौका मिलता है। गेंद को स्क्वायर के सामने खेलते हैं।

स्लॉग शॉट खेलने के माहिर बल्लेबाज़

जैसा कि ऊपर लिखा गया ये किताबी शॉट नहीं है- ये शॉट क्रिकेट के कोचिंग मैन्युअल में नहीं मिलता। इसलिए इसे वे खेलते हैं जिनका मंत्र है तेजी से रन बनाना, चाहे जैसे भी बनें। ऋषभ पंत इसकी सबसे अच्छी मिसाल हैं। आईपीएल शुरू हो रही है, हर पारी के आखिरी ओवरों के दौरान ये स्ट्रोक खूब दिखाई देगा। आंद्रे रसेल अगर तेजी से रन बटोरते हैं तो इसी शॉट की बदौलत।

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