Virender Sehwag
हमें 2011 विश्व कप जीतने का यकीन था, क्योंकि हम श्रीलंका और पाकिस्तान से ज्यादा मजबूत थे - सहवाग

भारतीय टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली और पूर्व धाकड़ सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग टीवी की मशहूर शो कौन बनेगा करोड़पति के 13वें सीजन के खास एपिसोड में गए थे। इसका प्रसारण टीवी पर 3 सितंबर को हुआ था, जिसमें इन दोनों खिलाड़ियों ने अपने खेल के दिनों के दिलचस्प किस्से अमिताभ बच्चन को बताए। इसी दौरान गांगुली और सहवाग के सामने मेंटल स्ट्रेंथ या प्रेशर से जुड़ा एक सवाल रखा गया था, जिसके दौरान वीरू ने अपना एक पुराना किस्सा सुनाया।

केबीसी 13 के इस खास शो में अमिताभ बच्चन ने सौरव गांगुली और वीरेंद्र सहवाग से सवाल पूछा कि हाल ही में जापान की टेनिस खिलाड़ी नाओमी ओसाका ने एक टूर्नामेंट से नाम वापस लेने कि क्या वजह बताई थी। इसका दोनों खिलाड़ियों ने जवाब दिया था मानसिक थकान या मानसिक दबाव। इसके बाद गांगुली ने कहा कि इन दिनों कोविड-19 के कड़े बायो-बबल में रहने के कारण खिलाड़ियों के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि हाल ही में इंग्लैंड के ऑलराउंडर बेन स्टोक्स ने भी इसी वजह से अनिश्चितकालीन ब्रेक लिया है।

ऐसे में पूर्व तूफानी सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने अपनी इस समस्या के बारे में खुलासा किया। वीरू ने कहा कि वे भी मानसिक दबाव से गुजर चुके हैं। उनकी यह समस्या अंग्रेजी भाषा से जुड़ी हुई थी। सहवाग ने कहा कि उन्हें अपने करियर की शुरुआत में अंग्रेजी बोलनी नहीं आती थी और उन्हें यही डर लगा रहता था कि मैच खत्म होने के बाद उनसे अंग्रेजी में सवाल पूछे जाएंगे, जिसके उन्हें जवाब देने में मुश्किल होगी।

इस दौरान उन्होंने एक किस्सा बताया कि एक बार रवि शास्त्री को बोला गया था कि वे उनसे हिंदी में सवाल पूछें, लेकिन शास्त्री ने वीरू से पहला ही सवाल अंग्रेजी में पूछ लिया था। वीरेंद्र सहवाग ने बताया कि उस समय इंग्लिश भाषा नहीं आने से बहुत परेशानी होती थी और यह मानसिक दबाव का कारण भी बनता था। सहवाग ने आगे कहा कि उन्होंने धीरे-धीरे बाद में अंग्रेजी सीखी। हालांकि, वे कहीं भी जाते हैं अब हिंदी भाषा में ही बोलते हैं।

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