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उन्होंने इसका समर्थन किया है और कहा है कि यह सही तरीका है।

टीम इंडिया (Team India) के पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री (Ravi Shastri) ने टेस्ट और लिमिटेड ओवर्स के क्रिकेट में अलग-अलग कप्तानी पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसका समर्थन किया है और कहा है कि यह सही तरीका है। भारतीय टेस्ट टीम की कप्तानी विराट कोहली (Virat Kohli) के पास है, जबकि टी20 और वनडे टीम का कप्तान रोहित शर्मा (Rohit Sharma) को बनाया गया है।

59 साल के पूर्व भारतीय हरफनमौला खिलाड़ी ने स्टार स्पोटर्स के शो ‘बोल्डएंड ब्रेव : द शास्त्री वे’ में बातचीत करते हुए कहा, “मुझे लगता है कि यह तरीका सही है। यह विराट और रोहित दोनों के लिए अच्छा होगा, क्योंकि पता नहीं है कि कब तक बायो-बबल की जिंदगी जीनी पड़ेगी। एक व्यक्ति अकेले नहीं संभाल सकता। यह आसान नहीं है।”

दाएं हाथ के पूर्व बल्लेबाज ने अपने और कोहली के संबंधों को लेकर कहा, “हम दोनों काफी आक्रामक हैं और जीत के लिए खेलना चाहते हैं। हमें बहुत जल्दी अहसास हो गया था कि जीतने के लिए 20 विकेट लेने होते हैं और हमने आक्रामक तथा निर्भीक क्रिकेट खेलने का फैसला किया।”

शास्त्री ने आगे कहा, “इसमें कई बार हार भी मिलती है, लेकिन एक बार जीत की आदत पड़ जाए तो यह आदत संक्रामक है।” इसके अलावा रवि शास्त्री ने रोहित शर्मा के लिए कहा, “मैं जो करना चाहता था, वह मेरे दिमाग में साफ था। मुझे लगता था कि बतौर बल्लेबाज रोहित से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं करा सका तो एक कोच के तौर पर यह मेरी नाकामी होगी, क्योंकि वह अपार प्रतिभाशाली हैं।”

उल्लेखनीय है कि रवि शास्त्री के कोचिंग कार्यकाल में भारतीय टीम ने क्रिकेट के तीनों प्रारूपों में घर और विदेशों में जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए जीत हासिल की। भारत ने ऑस्ट्रेलिया को उसी के घर में दो बार टेस्ट सीरीज में मात दी, जबकि इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका में मुकाबले जीते। इसके अलावा टीम इंडिया शास्त्री के कोचिंग में एक भी आईसीसी टूर्नामेंट नहीं जीत पाई।

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