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दक्षिण अफ्रीकी पेसर ने बताया, केपटाउन टेस्ट में टीम इंडिया ने क्यों दिखाया 'इमैच्योर' रवैया?

दक्षिण अफ्रीकी (South Africa) टीम के दिग्गज तेज गेंदबाज लुंगी एंगीडी (Lungi Ngidi) ने केपटाउन टेस्ट मैच के तीसरे दिन भारतीय (India) खिलाड़ियों द्वारा दिखाए गए ‘इमैच्योर’ रवैये को लेकर बड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. उन्होंने कहा है कि मेहमान टीम के प्लेयर्स ने दबाव के चलते इस घटना को अंजाम दिया, क्योंकि कप्तान डीन एल्गर और कीगन पीटरसन के बीच काफी शानदार साझेदारी चल रही थी और वे एल्गर को नोटआउट दिए जाने की वजह से अपनी भावनाओं को व्यक्त करने लगे.

25 साल के प्रोटियाज तेज गेंदबाज ने केपटाउन टेस्ट मैच की तीसरे दिन की संध्या पर कहा, “हमें डीआरएस पर भरोसा है. भारत दबाव महसूस कर रहा था, क्योंकि साझेदारी अच्छी चल रही थी, वे इसे तोड़ना चाहते थे, इसलिए मेहमान खिलाड़ियों ने अपनी भावनाओं को इस तरह से व्यक्त किया. दिन खत्म होने के बाद हर किसी ने उस स्थिति को लेकर अलग बर्ताव किया.”

दरअसल, भारतीय टेस्ट टीम के कप्तान विराट कोहली अपने साथी खिलाड़ियों समेत केपटाउन में खेले गए सीरीज के तीसरे और आखिरी मैच के तीसरे दिन के खेल के दौरान उस समय अपना आपा खो बैठे, जब मेजबान टीम के कप्तान डीन एल्गर विवादास्पद डीआरएस निर्णय की वजह से पवेलियन लौटने से बच गए. दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजी के 21वें ओवर के दौरान भारतीय दिग्गज ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन की गेंद पर एल्गर साफ एलबीडब्ल्यू लग रहे थे, लेकिन रिप्ले में मालूम हुआ कि गेंद स्टंप के ऊपर से निकल रही है.

33 साल के भारतीय कप्तान कोहली इस फैसले से खुश नहीं दिखे और टीम के अन्य साथी खिलाड़ियों ने भी इस पर नाराजगी जताई.

वहीं, भारत ने दक्षिण अफ्रीका के सामने मैच जीतने के लिए 212 रनों लक्ष्य रखा, जिसके जवाब में मेजबान टीम ने एडेन मार्क्रम (16) रूप में अपना पहला विकेट 23 रनों के योग पर ही गंवा दिया. इसके बाद बल्लेबाजी करने उतरे कीगन पीटरसन (48*) ने कप्तान डीन एल्गर (30) के साथ दूसरे विकेट के लिए महत्वपूर्ण 78 रनों की साझेदारी निभाई. हालांकि, एल्गर दिन की आखिरी गेंद पर तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह का शिकार बने. अब मैच के चौथे दिन मेहमान टीम को जीतने के लिए 8 विकेट की दरकार है, जबकि मेजबानों को 111 रनों की ज़रूरत है.

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