5 भारतीय खिलाड़ी, जिनके साथ बीसीसीआई ने की नाइंसाफी

भारत बहुत बड़ा देश है और यहां का सबसे पसंदीदा खेल क्रिकेट है, जब क्रिकेट को यहां इतना पंसद किया जाता है, तो जाहिर सी बात है इसे खेलने वाले भी यहां बड़ी तादाद में हैं। ऐसे में भारतीय चयनकर्ताओं के लिए राष्ट्रीय टीम के लिए मुट्ठी भर लोगों को चुनना बेहद मुश्किल होता है।

बीसीसीआई किसी भी द्विपक्षीय सीरीज या मल्टी नेशन टूर्नामेंट के लिए स्क्वाड का ऐलान करती है तो उसे जाने-अनजाने में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को नजरअंदाज करना पड़ता है। आज हम आपको ऐसे ही पांच खिलाड़ियों के बारे में बताने वाले हैं, जिन्हे उनकी प्रतिभा के मुताबिक मौके नहीं दिए गए।

तो चलिए नजर डालते हैं उन पांच टैलेंटेड खिलाड़ियों पर, जिनके साथ बीसीसीआई ने नाइंसाफी की है –

1 – करुण नायर –

करुण नायर (Karun Nair) को नाइंसाफी का दूसरा नाम कहें तो गलत नहीं होगा। नायर भारत के लिए टेस्ट प्रारूप में तिहरा शतक लगाने वाले महज दूसरे बल्लेबाज हैं। उन्होंने 19 दिसंबर 2016 को इंग्लैंड के खिलाफ एमए चितम्बरम स्टेडियम में 303 रनों की नाबाद पारी खेली थी। इसके बावजूद उन्हें भारतीय चयनकर्ताओं ने अधिक मौके नहीं दिए। दाएं हाथ के बल्लेबाज ने इंडिया के लिए 6 टेस्ट मैच खेले, जिनमें उनके बल्ले से 62.33 की औसत से 374 रन निकले हैं। इसके अलावा उन्होंने नीली जर्सी वाली टीम के लिए 2 एकदिवसीय मुकाबले भी खेले हैं।

2 – अंबाती रायडू –

अंबाती रायडू (Ambati Rayudu) 2004 अंडर 19 विश्व कप में भारतीय टीम के कप्तान थे। उनके नेतृत्व में शिखर धवन, सुरेश रैना और, दिनेश कार्तिक जैसे खिलाड़ियों ने खेला है। मगर रायडू से पहले इन खिलाड़ियों ने सीनियर टीम के लिए डेब्यू कर लिया था। अंबाती कभी नीली जर्सी वाली टीम में अपनी जगह पक्की नहीं कर पाए। उन्होंने घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन भारतीय चयनकर्ताओं ने उन्हें अधिक लंबे समय तक राष्ट्रीय टीम के योग्य नहीं समझा। दाएं हाथ के बल्लेबाज ने भारत के लिए 55 एकदिवसीय मुकाबलों में 47.05 की औसत से 1694 रन बनाए। वहीं, 6 टी20 आई मुकाबलों में उनके बल्ले से 42 रन निकले हैं।

3 – उन्मुक्त चंद –

उन्मुक्त चंद (Unmukt Chand) ने साल 2012 में भारतीय टीम को अंडर-19 विश्व कप जिताया था। इसके बाद उन्हें इंडियन क्रिकेट का आने वाला सुपरस्टार कहा जा रहा था। हर किसी को यही उम्मीद थी कि दिल्ली का यह लड़का आने वाले सालों में इंटरनेशनल क्रिकेट में अपने बल्ले के दम पर राज करेगा, लेकिन कुछ ही सालों में उन्मुक्त का नाम धीरे-धीरे गायब होता गया और चयनकर्ताओं ने उन्हें एक भी बार राष्ट्रीय टीम में नहीं चुना। 13 अगस्त 2021 को दाएं हाथ के बल्लेबाज ने भारतीय क्रिकेट से संन्यास लेकर अमेरिका की तरफ से खेलने का ऐलान किया था।

4 – सुरेश रैना –

सुरेश रैना (Suresh Raina) भारतीय बल्लेबाजी के मध्यक्रम के विस्फोटक बल्लेबाज और पार्ट टाइम ऑफ-स्पिन गेंदबाज थे। साथ ही उन्हें विश्व के सबसे बेहतरीन फील्डर्स में शुमार किया जाता था। मगर उनके करियर की समाप्ति सम्मानजनक रूप में नहीं हो सकी। रैना ने अपना अंतिम इंटरनेशनल मैच 17 जुलाई 2018 को इंग्लैंड के खिलाफ खेला था और इसके बाद उन्हें टीम से ड्रॉप कर दिया गया। बाएं हाथ के बल्लेबाज ने 2020 में महेंद्र सिंह धोनी के साथ ही अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से सन्यांस ले लिया था। उन्होंने भारत के लिए 18 टेस्ट मैचों में 768 रन, 226 वनडे में 5615 रन और 78 टी20 आई में 1605 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से कुल 7 शतक निकले थे।

5 – शिखर धवन –

शिखर धवन (Shikhar Dhawan) और रोहित शर्मा भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे बेहतरीन ओपनर्स में से एक माने जाते हैं। इन दोनों ने टीम इंडिया के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट के तीनों प्रारूपों में कई बार बेहतरीन शुरुआत की है। मगर वर्तमान समय में धवन केवल एकदिवसीय फॉर्मेट या इंडिया की बी टीम तक ही सिमट कर रह गए हैं। उन्हें मुख्य टी20 आई स्क्वाड या टेस्ट क्रिकेट में लंबे समय से मौका नहीं मिला है। बाएं हाथ के बल्लेबाज ने भारत के लिए अंतिम टेस्ट 2018 में खेला था। 36 साल के धवन के आंकड़ों की बात करें तो उन्होंने 34 टेस्ट मैचों में 40.61 की औसत से 2315 रन बनाए हैं। वहीं, 159 वनडे में उनके बल्ले से 45.55 के एवरेज और 91.92 के स्ट्राइक रेट से 6651 रन निकले हैं, जबकि शिखर धवन ने 68 टी20 आई में 11 अर्धशतकों की मदद से 1759 रन बनाए हैं।

7 खिलाड़ी, जिनकी बीवियों की बोल्डनेस पूरी दुनिया में है फेमस – Video

Q. भारत के लिए टेस्ट प्रारूप में पहला तिहरा शतक किसने लगाया था?

A. वीरेंद्र सहवाग

Leave a comment

Cancel reply