टोक्यो ओलंपिक 2020 में भारत के टॉप 10 मेडल दावेदार.

भारत की अब तक की सबसे बड़ी टीम टोक्यो ओलंपिक में हिस्सा ले रही है, नई उम्मीद के साथ। पूरा विश्वास कि इस बार पहले से बेहतर होगा रिकॉर्ड और मैडल आएंगे। उम्मीद की वजह ये भी कि जो टोक्यो में हैं, उनमें से कुछ तो ऐसे भी हैं जो दुनिया में सबसे बेहतर में से एक हैं। इसलिए सबसे ख़ास सवाल- टोक्यो में भारत कितने मैडल जीतेगा, कौन सा एथलीट कौन सा मैडल जीतेगा? टॉप 10 जो मैडल जीतने के दावेदार हैं :

  1. सौरभ चौधरी

उम्र : 19 साल, स्पोर्ट्स और इवेंट: शूटिंग (10 मीटर एयर पिस्टल), वर्ल्ड रैंकिंग : 2

चौधरी 8 बार के आईएसएसएफ वर्ल्ड कप के गोल्ड विजेता- इसमें 2019 में नई दिल्ली और म्यूनिख में कामयाबी शामिल है। इस साल की शुरुआत में नई दिल्ली में वर्ल्ड कप में सिल्वर और 2019 में रियो डी जनेरियो में ब्रॉन्ज़ जीता था। ऐसे लगातार जीतने की वजह से ही वे टोक्यो में मैडल जीतने के जोरदार दावेदार हैं। मुश्किल में फंसेंगे कम उम्र और अनुभव के कारण। कोविड-19 के बाद कितने फिट हैं ये भी एक मसला हो सकता है।

  1. मनु भाकर

उम्र : 19 साल, स्पोर्ट्स और इवेंट : शूटिंग (महिला 25 मीटर पिस्टल और 10 मीटर एयर पिस्टल), वर्ल्ड रैंकिंग : 2

मनु भारत की सबसे बड़ी मैडल उम्मीदों में से एक हैं। अपने करियर की प्रभावशाली शुरुआत के बाद से 2017 में वर्ल्ड कप में गोल्ड जीतने वाली सबसे कम उम्र की निशानेबाज के रिकॉर्ड सहित बहुत कुछ हासिल किया है। टोक्यो में दो इवेंट में हिस्सा लेंगी। 2018 कॉमनवेल्थ खेलों और यूथ ओलंपिक में गोल्ड के अलावा जूनियर वर्ल्ड कप में तीन टाइटल की वजह से उनसे मैडल की उम्मीद है।

सौरभ चौधरी और मनु भाकर मिलकर भी एक और मैडल के दावेदार हैं – इवेंट : 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम
इस जोड़ी ने वर्ल्ड कप में 6 बार एक साथ हिस्सा लिया है और हर बार पोडियम पर पहुंचे- इनमें से पांच बार टाइटल जीता। दोनों भरोसे के शूटर लेकिन कहीं अपने पहले ओलंपिक के भारी दबाव में न फंस जाएं?

  1. दिव्यांश पंवार और इलावेनिल वालारिवन

स्पोर्ट्स और इवेंट : शूटिंग (10 मीटर एयर राइफल मिक्स्ड टीम), वर्ल्ड रैंकिंग :1

सिर्फ दो बार जोड़ी के तौर पर हिस्सा लिया है- 2021 में नई दिल्ली वर्ल्ड कप में गोल्ड और ओसिजेक वर्ल्ड कप में नंबर 6, तब भी भारत के लिए सबसे अच्छी उम्मीदों में से हैं। दोनों इस समय 10 मीटर एयर राइफल में सबसे बेहतर भारतीय शूटर और अपनी अपनी इवेंट में रैंकिंग में नंबर 1 हैं। पंवार ने 2019 में अंजुम मौदगिल के साथ दो वर्ल्ड कप गोल्ड और एक ब्रॉन्ज़ जीता। अब नई जोड़ी बनाई है और नई दिल्ली वर्ल्ड कप में गोल्ड जीता पर ये जोड़ी ओसिजेक वर्ल्ड कप में लड़खड़ा गई। सब पंवार पर निर्भर है।

कमाल ये कि इस साल अप्रैल में दिल्ली वर्ल्ड कप में 10 मीटर एयर राइफल इवेंट में व्यक्तिगत गोल्ड भी जीतने वाली वलारिवन टोक्यो गई हैं, कोटे की बदौलत जगह की हकदार चिंकी यादव की कीमत पर। इसलिए मैडल लाना ही चाहिए।

  1. नीरज चोपड़ा

उम्र : 23 साल, स्पोर्ट्स और इवेंट : ट्रैक एंड फील्ड (जैवलिन थ्रो), वर्ल्ड रैंकिंग : 4

2016 में, पोलैंड में अंडर- 20 वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड जीतकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने वाले पहले भारतीय एथलीट बने। उसी साल (1958, मिल्खा सिंह के बाद) कॉमनवेल्थ और एशियाड दोनों में गोल्ड जीतने वाले दूसरे भारतीय एथलीट बने। इस साल मार्च में इंडियन ग्रां प्री, पटियाला में 88.07 मीटर की थ्रो के साथ नया नेशनल रिकॉर्ड बनाया। दक्षिण अफ्रीका में जनवरी 2020 में ही टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर लिया था। हाल ही में, लिस्बन ग्रां प्री और कार्लस्टेड ग्रां प्री, फिनलैंड में गोल्ड जीते। टोक्यो में मैडल जीतना है तो 90 मीटर की थ्रो की मंज़िल को पार करना होगा।

  1. मीराबाई चानू

उम्र : 26 साल, स्पोर्ट्स और इवेंट : वेटलिफ्टिंग (महिला 49 किग्रा), वर्ल्ड रैंकिंग : 2

वर्ल्ड चैंपियन चानू ने इस साल अप्रैल में 119 किग्रा भार उठाकर क्लीन एंड जर्क रिकॉर्ड तोड़ा और ताशकंद में एशियाई वेटलिफ्टिंग चैम्पियनशिप में एक नया रिकॉर्ड बनाया। चानू को तो टोक्यो में न सिर्फ गोल्ड जीतने, नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का भी भरोसा है। चानू की स्नैच तकनीक में गड़बड़ है और इसे सुधारने के लिए मेहनत जारी है।

  1. बजरंग पुनिया

उम्र : 27 साल, स्पोर्ट्स और इवेंट : कुश्ती (फ्रीस्टाइल 65 किग्रा), वर्ल्ड रैंकिंग : 1

2019 के बाद से हर इंटरनेशनल टूर्नामेंट में पोडियम फिनिश हासिल की है। इससे पहले, 2018 में एशियाई और कॉमनवेल्थ खेलों दोनों में गोल्ड और उसी साल वर्ल्ड चैंपियनशिप में सिल्वर जीता था। 27 साल की उम्र में, उनके पास तीन वर्ल्ड चैम्पियनशिप मैडल हैं। उनका रेड-हॉट फॉर्म 2021 में जारी है।

  1. विनेश फोगट

उम्र : 26 साल, स्पोर्ट्स और इवेंट : कुश्ती (महिला फ्रीस्टाइल 53 किग्रा), वर्ल्ड रैंकिंग : 1

विनेश फोगट एक ही साल में एशियाई और कॉमनवेल्थ खेलों में गोल्ड जीतकर 2018 से ओलंपिक मैडल के लिए दावा कर रही हैं। चोट ने उन्हें 2016 के रियो ओलंपिक के 50 किग्रा में क्वार्टर फाइनल से बाहर कर दिया था पर अब 53 किग्रा के मुकाबले में हिस्सा लेती हैं। इस बदलाव के साथ- यासर डोगू इंटरनेशनल और पोलैंड ओपन में गोल्ड, 2019 एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप और वर्ल्ड कुश्ती चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज़ और 2020 सीजन का अंत रोम रैंकिंग सीरीज में गोल्ड के साथ। जापान की मयू मुकैदा से कड़ी चुनौती मिलेगी और अपने लो ब्लड प्रेशर भी नजर रखनी होगी।

  1. पीवी सिंधु

उम्र : 25 साल, स्पोर्ट्स और इवेंट: बैडमिंटन (महिला सिंगल्स), वर्ल्ड रैंकिंग : 7

2016 के रियो ओलंपिक में सिल्वर विजेता की नजर टोक्यो में गोल्ड पर है। ख़ास बात ये कि 2016 में उन्हें गोल्ड जीतने से रोकने वाली स्पेन की कैरोलिना मारिन चोट के कारण इस बार मुकाबले में नहीं है- इससे सिंधु दावेदार बन गई। अगस्त 2019 में वर्ल्ड चैंपियनशिप जीती। हालाँकि 2021 की शुरुआत उसके लिए अच्छी नहीं रही, लेकिन हाल ही में स्विस ओपन और ऑल इंग्लैंड बैडमिंटन चैंपियनशिप अच्छी रही।

  1. अमित पंघाल

उम्र : 25 साल, स्पोर्ट्स और इवेंट : बॉक्सिंग (52 किग्रा फ्लाईवेट), वर्ल्ड रैंकिंग : 1

पंघाल टोक्यो में टॉप सीड हैं- इसीलिए मैडल के दावेदार क्योंकि टॉप 8 क्वार्टर फाइनल तक आपस में मुकाबला नहीं करेंगे। ऐसे में मैडल आना चाहिए। सीनियर नेशनल सर्किट में शामिल होने के चार साल के अंदर कमाल की कामयाबी पाई। 2018 में, 2016 के ओलंपिक चैंपियन को हराकर एशियाड में गोल्ड, उसी साल कॉमनवेल्थ खेलों में सिल्वर और 2019 वर्ल्ड चैंपियनशिप में सिल्वर जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष बॉक्सर बने। उपलब्धियों ने उन्हें दुनिया में नंबर 1 बना दिया- 52 किग्रा रैंकिंग में। मई 2021 में एशियाई बॉक्सिंग चैम्पियनशिप में सिल्वर, टोक्यो में बड़ी कामयाबी का हौसला देने वाला होगा।

  1. एमसी मैरी कॉम

उम्र : 38 साल, स्पोर्ट्स और इवेंट : बॉक्सिंग (महिला 51 किग्रा फ्लाईवेट), वर्ल्ड रैंकिंग : 3

2012 लंदन ओलंपिक में ब्रॉन्ज़ विजेता, एमसी मैरी कॉम अपने आख़िरी ओलंपिक में पोडियम फिनिश की उम्मीद कर रही हैं। कॉमनवेल्थ खेलों में 36 साल की उम्र में अपना पहला गोल्ड जीतकर यह साबित कर दिया कि उम्र तो महज एक गिनती है- 6 बार की वर्ल्ड चैंपियन अभी भी जीत रही हैं और हाल ही में एशियाई चैम्पियनशिप में सिल्वर जीता था। 2016 रियो ओलंपिक के लिए जगह बनाने में नाकाम रही, कॉम का कहना है कि उन्हें तब तक तसल्ली नहीं होगी जब तक गोल्ड नहीं मिल जाता। उनका अनुभव काम आएगा- हालांकि 51 किग्रा (फ्लाईवेट) में कामयाबी कोई आसान नहीं है।

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