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IPL 2022: फ्लॉप XI, जो सही रंग में हो तो कमाल कर जाएगी

आईपीएल 2022 में अगर कामयाबी की स्टोरी हैं तो बराबर हिस्सेदारी उनकी भी है, जो उम्मीद की कसौटी पर खरे नहीं उतरे। एक खिलाड़ी का अच्छा न खेलना या बिलकुल न खेल पाना किसी भी टीम पर कैसा असर डाल सकता है- इसकी राहुल चाहर से बेहतर मिसाल और कोई नहीं हो सकती। इसी तरह, कोई दिन ऐसा नहीं निकला जिसमें सनराइजर्स किसी बड़ी उम्मीद के साथ केन विलियम्सन के बैट की तरफ नहीं देखा।

तो आईपीएल 2022 की फ्लॉप इलेवन बनाते हैं लीग राउंड के मैचों तक की यानि कि उन खिलाड़ियों की टीम जो लीग में ,उम्मीद में टॉप पर थे पर निराशा बन गए और अपनी टीम के रिकॉर्ड पर असर डाला।

(यह रिकॉर्ड आईपीएल 2022 के लीग मुकाबलों तक का है. इसमें प्ले-ऑफ के आंकड़े शामिल नहीं हैं.)

ओपनर बल्लेबाज मयंक अग्रवाल और रोहित शर्मा (कप्तान): मयंक अग्रवाल को तो पंजाब ने कप्तान बनाया पर लगता है कप्तान बनना उन पर भारी पड़ गया- एक अर्धशतक सहित 13 मैचों में सिर्फ 196 रन। हालत ये रही कि सीजन के बीच खुद को डिमोट किया और जॉनी बेयरस्टो को मौका दिया। उनके पार्टनर और कप्तान रोहित शर्मा ने अपने करियर का सबसे खराब आईपीएल खेला- 14 मैचों में 268 रन उनके नाम के साथ फिट नहीं होते। मुंबई इंडियंस उनकी खराब शुरुआत के बाद संभल ही नहीं पाई।

मिडिल ऑर्डर के बल्लेबाज विराट कोहली, वेंकटेश अय्यर, अंबाती रायुडू, एमएस धोनी, कीरोन पोलार्ड: विराट कोहली नाकामयाब क्योंकि वे अपनी प्रतिष्ठा के हिसाब से नहीं खेले- 14 मैच में 309 रन और अपनी टीम के नंबर 2 पर उनके बैट से इससे ज्यादा रन की उम्मीद की आदत हो गई है। वेंकटेश अय्यर को 8 करोड़ रुपये में केकेआर ने रिटेन किया तो बहुत उम्मीद की- ख़ास तौर पर पिछले साल की फार्म देखते हुए। मिला क्या- 12 मैचों में सिर्फ 182 रन और कोई विकेट नहीं। 2021 में 10 मैचों में 370 रन बनाए थे। अंबाती रायुडू की हालत तो ये हो गई कि उम्मीद में नाकामयाब तो जल्दबाजी में सीजन के बीच रिटायर होने का फैसला ले लिया- अपने 13 मैच में 274 रन के रिकॉर्ड को अगले सीजन में जरूर सुधारना चाहेंगे। एमएस धोनी से ज्यादा रन की उम्मीद नहीं थी (बनाए : 14 मैच में 232 रन) पर फिनिशर के रोल को भी सही तरह नहीं निभाया जहां बड़े नहीं, चुस्त स्कोर की जरूरत थी। कीरोन पोलार्ड ने मुंबई इंडियंस का संतुलन ही बिगाड़ दिया- टीम भरोसा करती रही पर वे 11 मैच में 144 रन और 4 विकेट के रिकॉर्ड के साथ लौट गए और टीम के रिकॉर्ड को खराब कर दिया।

गेंदबाज पैट कमिंस, वरुण चक्रवर्ती, क्रिस जॉर्डन, डेनियल सैम्स: पैट कमिंस आए तो लगा केकेआर की किस्मत ही बदल जाएगी पर 5 मैच में सिर्फ 7 विकेट ले पाए- जब दुनिया के सबसे बेहतरीन गेंदबाज में से एक की हालत ये हो तो टीम क्या करेगी? वरुण चक्रवर्ती ने भी केकेआर को धोखा दिया- पैसा गया और बदले में मिले 11 मैच में 6 विकेट। क्रिस जॉर्डन को तो जानकार, इस सीजन में नेट बॉलर से भी ज्यादा खराब कह रहे हैं। चेन्नई ने उनसे यूएई वाले जादू की उम्मीद लगाई और मिले 4 मैच में 2 विकेट 10+ इकॉनमी रेट से। कई बार तो उनसे नेट्स पर भी गेंदबाजी नहीं करवाई। डेनियल सैम्स ने साबित कर दिया कि मुंबई का ट्रेंट बोल्ट को छोड़कर उन्हें लेने का फैसला बिलकुल गलत था- 11 मैच में 13 विकेट 8+ इकॉनमी रेट से टीम के खेल में फिट नहीं बैठे।

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