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IPL 2022 के 15वें सीजन की बेस्ट प्लेइंग-11, जो किसी भी टीम को दे सकती है मात

आईपीएल सीजन 2022 के लीग राउंड को रोमांचक और कामयाब बनाने का श्रेय किसी इलेवन को ही दे देना सही नहीं होगा पर ये वे खिलाड़ी हैं जो उम्मीद की कसौटी पर सिर्फ खरे नहीं उतरे, उससे भी बेहतर प्रदर्शन किया। एक खिलाड़ी का अच्छा खेलना ही किसी भी टीम के प्रभाव पर कैसा असर डाल सकता है- इसकी लोकेश राहुल से बेहतर मिसाल और कोई नहीं हो सकती।

तो आईपीएल 2022 की कामयाब इलेवन बनाते हैं लीग राउंड के मैचों तक की यानि कि उन खिलाड़ियों की टीम जो लीग में, उम्मीद में टॉप पर थे और अपने बेहतर खेल से टीम के रिकॉर्ड पर असर डाला।

(यह रिकॉर्ड आईपीएल 2022 के लीग मुकाबलों तक का है. इसमें प्ले-ऑफ के आंकड़े शामिल नहीं हैं.)

ओपनर बल्लेबाज केएल राहुल (कप्तान) और जोस बटलर: केएल राहुल ने पिछले सीजन में पंजाब के लिए भी मेहनत की पर अकेले कुछ नहीं कर पाए। इस बार नई टीम और नई सोच का नतीजा सामने है- खुद राहुल ने 14 पारी में 537 रन बनाए 2 सेंचुरी के साथ और 48 से ज्यादा की औसत उनके प्रदर्शन में स्थिरता का सबूत है। जोस बटलर एक समय तो लीग में उस मुकाम पर थे जब लग रहा था कि विराट कोहली का एक सीजन में सबसे ज्यादा 973 रन का रिकॉर्ड खतरे में है। संयोग से ये वे दोनों ओपनर हैं जिन्हें आज टी 20 क्रिकेट में सबसे कामयाब ओपनर कह सकते हैं। बटलर के पास अभी 14 मैच में 629 रन के रिकॉर्ड को और नई ऊंचाई पर ले जाने का मौका है।

मिडिल ऑर्डर के बल्लेबाज एलएस लिविंग्स्टन, अभिषेक शर्मा, डेविड मिलर, दिनेश कार्तिक, राहुल त्रिपाठी: एलएस लिविंग्स्टन अपनी जोरदार हिटिंग की प्रतिष्ठा के साथ आए थे। हालांकि प्रदर्शन में स्थिरता नहीं थी पर 14 पारी में 437 रन फिफ्टी वाले 4 स्कोर के साथ और 182+ का स्ट्राइक रेट- तो और क्या चाहिए? हैदराबाद के लिए अभिषेक शर्मा ने 14 मैच में 426 रन बनाए 133+ स्ट्राइक रेट से और अगर ये टीम प्ले ऑफ खेलने की दावेदार थी तो श्रेय उन्हें भी जाता है। दक्षिण अफ्रीका से आए डेविड मिलर ने आईपीएल की बदौलत अपना प्रोफाइल और बेहतर कर दिया- नई टीम गुजरात टाइटन्स की कामयाब स्टोरी के सूत्रधार में से एक- उनके 381 रन में अपेक्षाकृत चौके-छक्के कम जो इस बात का सबूत कि जोखिम के बिना भी स्ट्राइक रेट तेज रखा जा सकता है। दिनेश कार्तिक अगर पुराने फिनिशर तो राहुल त्रिपाठी नए- इन दोनों ने अपने-अपने अंदाज में प्रभावित किया और इसीलिए इस सीजन के लीग राउंड की बदौलत ही टीम इंडिया में जगह के हकदार बन गए। इनकी केमियो पारियां, इनकी टीम के बड़े काम आईं- कार्तिक ने 191+ स्ट्राइक रेट से 287 रन बनाए तो त्रिपाठी ने 158+ स्ट्राइक रेट से 413 रन।

गेंदबाज उमरान मलिक, राहुल चाहर, कगिसो रबाडा, युजवेंद्र चहल: उमरान के लिए हर जानकार एक सुर में बोल रहा था- इससे पहले कि उसका हौसला टूटे, उसे टीम इंडिया के लिए खेलने का मौका दो। उमरान की गेंद की तेजी और 14 मैच में 22 विकेट से ज्यादा ख़ास है उसका 13.4 का स्ट्राइक रेट यानि कि विकेट लेने की तेजी। 5.25 करोड़ रुपये में राहुल चाहर को पंजाब किंग्स ने खरीदा- जरूरत पड़ने पर विकेट और पार्टनरशिप को तोड़ने के लिए टीम के बड़े काम आए। रिकॉर्ड- 13 मैच में 14 विकेट लेकिन इकॉनमी रेट 8 से भी कम। इस लेग स्पिनर ने टीम इंडिया को एक विकल्प दिया है। कगिसो रबाडा ने सीजन की शुरुआत धीमे की पर एक बार रंग में आए तो सबसे कामयाब विदेशी गेंदबाज में एक रहे- 13 मैच में 22 विकेट 12.5 स्ट्राइक रेट से। युजवेंद्र चहल ने राजस्थान रॉयल्स के पैसे वसूल कराए (6.5 करोड़ रुपये)- आरसीबी का उन्हें रिलीज करने का फैसला इसीलिए पूरे सीजन में चर्चा में रहा।लगभग हर 13 वीं गेंद पर विकेट, 7.67 रन इकॉनमी और 26 विकेट लिए। राजस्थान को प्ले ऑफ में लाने में बहुत बड़ी भूमिका निभाई। न सिर्फ हैट्रिक दर्ज की- 5 विकेट भी लिए (5/40 के मैच विजेता गेंदबाजी के आंकड़े)। कुलदीप यादव के साथ मिलकर अटैक की चर्चा तभी तो शुरू हुई।

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