कश्मीर घाटी का नाम सुनते ही आतंकवाद की एक खौफनाक तस्वीर हमारे ज़ेहन में चलने लगती है, लेकिन ऐसा नहीं है, जम्मू के शहीदी चौक पर एक सब्जी और फल बेचने वाले के 21 साल के लड़के उमरान मलिक ने अपनी गेंदबाज़ी से यह साबित कर दिखाया है. उमरान मलिक आईपीएल 2021 में ऐसी गेंदबाज़ी कर गए कि भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली भी खुद को उनकी तारीफ़ करने से रोक नहीं पाए. टी20 विश्व कप के लिए जाने वाली भारतीय टीम में उनका चयन बतौर नेट गेंदबाज़ भी किया गया है.  

जम्मू-कश्मीर में जन्मे 22 साल के उमरान मलिक ने जनवरी 2021 में सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में जम्मू-कश्मीर के लिए अपना टी20 डेब्यू किया था. अगले ही महीने उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी में जम्मू-कश्मीर के लिए लिस्ट ए में पदार्पण किया.  

इस साल के आईपीएल में उमरान मलिक को सनराइजर्स हैदराबाद ने अपने दल में शामिल किया था, लेकिन टूर्नामेंट के अधिकांश भाग में वह प्लेइंग xi में जगह बनाने में सफल नहीं हो पाए. हालांकि, 3 अक्टूबर को टी नटराजन के कोविड-19 पॉजिटिव आने के बाद, उन्हें टीम में जगह दी गई. उन्होंने केकेआर के खिलाफ अपने पहले मैच में अपनी तेज गति और नियंत्रण से सभी को चौंका दिया था. उमरान ने इस मैच में 150 किमी प्रति घंटे से अधिक की गति से दो गेंदें फेंकी.

उमरान मलिक ने आरसीबी के खिलाफ आईपीएल 2021 की सबसे तेज़ गेंद फेंकी, इस गेंद की गति 152.95 किमी प्रति घंटे थी.  

उमरान मलिक की रफ़्तार को लेकर क्रिकेट जगत में भी कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आयी. फैंस अब उन्हें भारत का शोएब अख्तर भी कहने लगे हैं, लेकिन क्या वह सच में शोएब अख्तर की सबसे तेज़ गेंद का रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं? आइये जानते हैं:  

दुनिया में सबसे तेज गेंद फेंकने का रिकॉर्ड फिलहाल शोएब अख्तर के नाम है. लाहौर में न्यूजीलैंड के खिलाफ ODI सीरीज के तीसरे मैच में शोएब अख्तर ने क्रैग मैकमिलन को 161.3 की रफ़्तार से गेंद फेंकी थी, जो आज तक विश्व क्रिकेट में फेंकी गई सबसे तेज़ गेंद है.

शोएब अख्तर की तेज़ गेंदबाज़ी की अगर बात करें तो, वह एक ओवर में निरंतर 150किमी की रफ़्तार से गेंद फेंकते थे, लेकिन क्या उमरान मलिक ऐसा कर पाएँगे? तो हम कह सकते हैं ‘हाँ’.

गति में निरंतरता
आरसीबी के खिलाफ मैच के दौरान नौवें ओवर में उमरान मलिक ने 147, 150, 151.9 और 152.95 kph की रफ्तार से गेंदबाजी की थी. गति में ऐसी निरंतरता उमरान मलिक को बाकी भारतीय तेज़ गेंदबाजों से अलग करती है. चोटिल होने के कारण या सटीक लाइन ना मिल पाने के कारण भारत के पूर्व तेज़ गेंदबाजो के लिए अपनी रफ़्तार बढ़ाना काफी मुश्किल रहा. मुनाफ पटेल ने अपने करियर की शुरुआत 140 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से की, लेकिन अंत में वह 120 की मध्यम गति पर आकर उनका करियर समाप्त हुआ.  

फिटनेस और सही ट्रेनिंग पर देना होगा ध्यान
उमरान मलिक अगर सही गेंदबाज़ी कोच की निगरानी में ट्रेनिंग करते हैं साथ ही वह खानपान और फिटनेस को लेकर भी सही चीजों का चुनाव करते हैं, तो हो सकता है कि वह जल्द ही शोएब अख्तर के बनाए रिकॉर्ड को भी ध्वस्त कर दें. तेज़ गेंदबाज़ी को पसंद करने वाले भारतीय कप्तान विराट कोहली के नेतृत्व में यह खिलाड़ी दुनिया का सबसे तेज़ गेंदबाज़ बन सकता है और साथ ही शोएब अख्तर के सबसे तेज़ गेंद के रिकॉर्ड को भी तोड़ सकता है.  

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