यूएई में 17 अक्टूबर से आईसीसी टी20 विश्व कप शुरू होने वाला है.  टी20 विश्व कप का यह सातवें संस्करण होगा. विश्व कप के इस संस्करण का मेजबान भारत को बनाया गया था, लेकिन कोरोना के चलते इसे यूएई में स्थानांतरित कर दिया गया.  

टी20 विश्व कप में कई खिलाड़ियों का यह पहला विश्व कप होगा तो कई खिलाड़ी लंबे अनुभव के साथ मैदान पर उतरेंगे. ऐसे में कई टीमें अपने नए कप्तान की अगुआई में उतरेंगी और कई अपने अनुभवी कप्तानों के साथ. इस लेख में हम टी20 विश्व कप के लिए क्वालीफाई कर चुकी टीमों के कप्तानों के प्रदर्शन पर नज़र डालेंगे.

बाबर आज़म (पाकिस्तान)

बाबर आज़म

अक्टूबर 2019 में ऑस्ट्रेलिया सीरीज से पहले बाबर आज़म को टी20 की कप्तानी सौंपी गई थी, जिसके बाद से वह लगातार टीम की कप्तानी करते आ रहे हैं. टी20 विश्व कप में भी बाबर आज़म के कंधो पर टीम का भार रहेगा. लंबे अंतराल तक टॉप पर रही पाकिस्तान की टीम आईसीसी टी20 रैंकिंग में अभी तीसरे पायदान पर है. बाबर आज़म की अगुआई में पाकिस्तान ने 28 टी20 आई मैच खेले हैं, जिनमे से 15 में जीत और 8 में हार मिली है, 5 मैच बेनतीजा रहे हैं. बाबर के नेतृत्व में पाकिस्तान टीम का जीत प्रतिशत काफी अच्छा रहा है. उनकी अगुवाई में टीम का जीत प्रतिशत 65.21 का रहा है. बाबर के सामने टीम को संगठित रख कर आगे बढ़ने की चुनौती होगी, लेकिन ये देखना दिलचस्प होगा कि वह किस रणनीति के साथ इस टी20 विश्व कप में उतरने वाले हैं.

विराट कोहली (भारत)

विराट कोहली

विराट कोहली हाल ही में टी20 विश्व कप के बाद टी20 प्रारूप की कप्तानी छोड़ने की घोषणा कर चुके हैं. एक कप्तान के तौर पर विराट कोहली आगामी विश्व कप को जीत कर कप्तानी को अलविदा कहना चाहेंगे, लेकिन इससे पहले हमें विराट कोहली के कप्तानी रिकॉर्ड्स पर नजर डाल लेनी चाहिए.

विराट कोहली को साल 2017 में टीम इंडिया की कप्तानी सौंपी गई थी. टी20 अंतर्राष्ट्रीय में भारतीय टीम का जीत प्रतिशत विराट कोहली की कप्तानी में महेंद्र सिंह धोनी के मुक़ाबले बेहतर रहा है. विराट कोहली ने अभी तक 45 टी20 अंतर्राष्ट्रीय मुकाबलों में भारतीय टीम का नेतृत्व किया है, जिसमें 27 में टीम को जीत मिली है और 14 में हार का सामना करना पड़ा है. वहीं, 2 मैच टाई तो 2 मैच बेनतीजा रहे हैं. उनकी कप्तानी में टीम की जीत का प्रतिशत 65.11 का रहा है. उनकी अगुवाई में भारत ने दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज में सीरीज जीती हैं. कोहली की कप्तानी का यह रिकॉर्ड इस विश्व कप में उनके पक्ष को मजबूत करता है.

विराट कोहली ने बतौर कप्तान बल्लेबाज़ी में भी कमाल किया है और 43 पारियों में 143.18 के स्ट्राइक रेट और 48.45 की औसत से 1502 रन बनाए हैं, जिसमें 12 अर्द्धशतक भी शामिल हैं.  

ओइन मोर्गन (इंग्लैंड)

ओइन मोर्गन

ओइन मोर्गन ने बतौर कप्तान अपना पहला टी20 अंतर्राष्ट्रीय मैच 2012 में खेला था. उसके बाद पूरी तरह से टी-20 अंतर्राष्ट्रीय टीम की कप्तानी संभालने के बाद मॉर्गन ने 2016 टी20 विश्व कप में इंग्लैंड टीम का नेतृत्व किया. मोर्गन की कप्तानी में इंग्लैंड की टीम ने 64 टी20 आई मैच खेले हैं, जिनमें 37 में जीत और 24 में हार मिली है, 2 मैच टाई और 1 मैच बेनतीजा रहा. मोर्गन की अगुवाई में टीम का जीत प्रतिशत 60.31 रहा है.

2016 के बाद बतौर कप्तान यह मोर्गन का दूसरा टी20 विश्व कप होगा. मोर्गन 2019 वनडे विश्व कप विजेता टीम के कप्तान थे. ऐसे में इस टी20 विश्व कप में उनके पास सीमित ओवर क्रिकेट का एक बेहतरीन कप्तान बनने का भी मौक़ा होगा.कप्तान रहते हुए मोर्गन ने 59 पारियों में 144.46 के स्ट्राइक रेट से 1371 रन बनाए हैं. अब देखना ये होगा कि वो कप्तानी के साथ अपनी बल्लेबाज़ी से टीम को जिताने में कितना योगदान देते हैं.

मोहम्मद नबी (अफगानिस्तान)

मोहम्मद नबी

अफगानिस्तान के स्टार खिलाड़ी राशिद खान ने टी20 विश्व कप के लिए चुनी गई राष्ट्रीय टीम में उनके इनपुट लिए बिना राष्ट्रीय टीम के चयन का विरोध करते हुए कप्तानी छोड़ दी थी, जिसके बाद मोहम्मद नबी को टीम की कप्तानी सौंपी गई. इससे पहले अफगानिस्तान के इस अनुभवी ऑलराउंडर ने 2013 में पहली बार टी20 टीम की कप्तानी की थी. अभी तक नबी ने 12 टी20 आई मैचों में टीम की कप्तानी की है, जिसमें 6 में टीम को जीत मिली और 6 में हार का सामना करना पड़ा है. मोहम्मद नबी की कप्तानी में अफगानिस्तान की टीम का जीत प्रतिशत 50 का रहा है.

इस विश्व कप में नबी को एक बार फिर से खुद को साबित करने का मौका मिला है और टीम मैनेजमेंट ने उन पर भरोसा जताया है.  

एरोन फिंच (ऑस्ट्रेलिया)

एरोन फिंच

ऑस्ट्रेलिया के सलामी बल्लेबाज़ एरोन फिंच ने 2014 में जॉर्ज बैली के कप्तानी से हटने के बाद पहली बार ऑस्ट्रलियाई टीम की कप्तानी संभाली थी. अपनी ताबड़तोड़ बल्लेबाज़ी के लिए मशहूर फिंच ने अभी तक 49 मैचों में ऑस्ट्रेलिया टीम की कप्तानी की है, जिसमें टीम को 23 मैचों में जीत मिली और 24 में हार का सामना करना पड़ा, 2 मैच बेनतीजा रहे. टी20 अंतर्राष्ट्रीय में फिंच की कप्तानी में ऑस्ट्रेलियाई टीम की जीत का प्रतिशत 48.93 रहा है. एरोन फिंच ने टीम का कप्तान रहते हुए बल्लेबाज़ी में भी बेहतरीन प्रदर्शन किया है. फिंच टी 20 अंतर्राष्ट्रीय में बतौर कप्तान 49 पारियों में 36.11 के औसत से 1589 रन बना कर टॉप पर मौजूद हैं.

केन विलियमसन (न्यूजीलैंड)

केन विलियमसन

न्यूजीलैंड के दिग्गज बल्लेबाज केन विलियमसन एक बार फिर टी20 विश्व कप में टीम की कप्तानी करते नजर आएंगे. केन विलियमसन के लिए बतौर कप्तान पिछला कुछ समय बड़ा ही ख़ास रहा है. 2019 ODI विश्व कप में वह टीम को अपने नेतृत्व में फाइनल तक ले गए थे, लेकिन दुर्भाग्य से वह वर्ल्ड चैंपियन बनने से चूक गए. 2021 में केन विलियमसन ने अपनी टीम की अगुवाई करते हुए टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में भारत को हराकर चैंपियनशिप अपने नाम की. अब टी20 विश्व कप में विलियमसन अपने अनुभव का फायदा उठाकर एक बार फिर अपनी काबिलियत का लोहा मनवाने के लिए तैयार होंगे.

टी20 अंतरराष्ट्रीय में विलियमसन की कप्तानी में न्यूजीलैंड टीम ने 49 मैचों में 23 में जीत दर्ज़ की, तो 24 मैचों में टीम को शिकस्त झेलनी पड़ी, 1 मैच टाई तो एक 1 बेनतीजा रहा है. विलियमसन की कप्तानी में उनकी टीम का जीत प्रतिशत 48.95 रहा है.

टेंबा बावुमा (दक्षिण अफ्रीका)

टेंबा बावुमा

मार्च 2021 में क्विंटन डी कॉक से कप्तानी का कार्यभार लेने के बाद टेंबा को टीम का कप्तान बनाया गया. उनकी कप्तानी में दक्षिण अफ्रीका ने आयरलैंड के खिलाफ 3 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों की सीरीज खेली. इस सीरीज के तीनों मैच जीतकर टेंबा की अगुवाई वाली टीम ने क्लीन स्वीप किया. सितंबर 2021 में, टेंबा बावुमा को टी20 विश्व कप के लिए चुनी गई दक्षिण अफ्रीकी टीम का कप्तान घोषित किया गया. पिछले कुछ समय से संकट में घिरे दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट को एक बार फिर से पटरी पर लाने के लिए टेंबा की अगुवाई वाली टीम को कुछ चमत्कार करने की जरूरत है, जिससे टीम और बोर्ड दोनों के हालात सुधर सकें.

कीरोन पोलार्ड (वेस्टइंडीज)

कीरोन पोलार्ड

वेस्टइंडीज के दिग्गज ऑलराउंडर कीरोन पोलार्ड 2019 से टी20 आई में टीम की कप्तानी का भार संभाल रहे हैं. उनकी कप्तानी में टीम का रिकॉर्ड कुछ खास नहीं रहा है. उनकी अगुआई में वेस्टइंडीज ने 26 मैच खेलें हैं, जिनमें 12 में टीम को हार का सामना करना पड़ा है और केवल 9 मैचों में ही जीत हासिल हुई है, 5 मैच बिना किसी नतीजे के समाप्त हुए हैं.

Leave a comment