ड्राइव शॉट कैसे खेलें?

ड्राइव एक सीधे बैट से खेले जाने वाला शॉट है, जिसे गेंद की लाइन पर बैट को ऊपर से नीचे लाकर खेलते हैं। गेंद को बल्लेबाजी करने वाले खिलाड़ी के सामने जमीन पर हिट करते हैं, यह बल्लेबाज के लिए सबसे आम शॉट्स में से एक है और अक्सर जूनियर क्रिकेटरों को सिखाया जाने वाला पहला शॉट होता है। ये एक फ्रंट फुट शॉट है।

ड्राइव शॉट कैसे खेलें?

डिफेंस के लिए खेले जाने वाले फ्रंट-फुट ड्राइव और इस ड्राइव में बहुत अंतर नहीं है, फर्क आता है कि गेंद को बैट पर कहां खेला है? इसका नतीज़ा आम तौर पर स्कोरिंग शॉट होता है। रन बनाने के लिए ये कम जोखिम के साथ खेला जाने वाला शॉट है।

सबसे जरूरी : गेंद की पिच पर पहुंचना।

सिर की स्थिति : सिर को स्थिर रखना बहुत जरूरी है। ये पैड्स की वर्टिकल लाइन से भी आगे निकला हो।

हाथों की स्थिति : एक ड्राइव शॉट तभी पूरी तरह से सही लगता है जब ऊपरी हाथ ज्यादातर काम करे। नीचे वाला हाथ सिर्फ सपोर्ट के लिए उपयोग किया जाता है।

शॉट खेलना : बैट को शॉट की लाइन में आगे लाना चाहिए और ये एक सीधी लाइन में आगे आए।

फ्रंट-फ़ुट से खेले जाने कई ड्राइव हैं:

ऑफ ड्राइव : ऑफ स्टंप के ठीक आसपास पिच की गई गेंद पर इसे खेलते हैं। यह तय करने के लिए कि गेंद उस दिशा की ओर ही जा रही है, जिस तरफ चाहते हैं, बैट को मिड-ऑफ की दिशा में एक सीधी लाइन में नीचे आना चाहिए।

कवर ड्राइव: इसकी चर्चा विस्तार से अलग से कर चुके हैं।

स्क्वायर ड्राइव : इसे ऑफ स्टंप के बाहर टप्पा खाने वाली गेंद पर खेला जाता है- शॉट की दिशा विकेट से स्क्वायर होती है।

ऑन ड्राइव : खेलने के लिए सबसे सबसे मुश्किल ड्राइव में से एक, शायद इसीलिए आधुनिक क्रिकेट से धीरे-धीरे ये शॉट गायब होता जा रहा है। इसे खेलने वाले भी नहीं बचे। इसे मिड ऑन और मिड विकेट के बीच खेलते हैं।

स्ट्रेट ड्राइव : सभी ड्राइव शॉट में से सबसे आकर्षक शॉट- सीधे ग्राउंड पर नीचे खेलते हैं इसे।

ड्राइव शॉट खेलने के माहिर

बल्लेबाज किसी ख़ास लेंथ की गेंद पर खेलने के लिए, उसी के हिसाब से ड्राइव शॉट चुन सकता है, लेकिन हर शॉट में जोर निश्चित रूप से गेंद की पिच पर पहुंचने पर होता है। यूं तो ग्रांट फ्लावर और जैक्स कैलिस स्ट्रेट ड्राइव के माहिर खिलाड़ी रहे हैं। सबसे हालिया खिलाड़ी केविन पीटरसन और मार्टिन गुप्टिल हैं। सभी कमाल के हैं पर अगर ड्राइव शॉट की बात हो रही है तो समझ लीजिए कि सचिन तेंदुलकर जैसा कोई दूसरा खिलाड़ी नहीं है।

किताबी स्ट्रोक में माहिर, सचिन स्ट्रेट ड्राइव सबसे अच्छा खेलते थे। कुछ चीजें हैं जो तेंदुलकर के स्ट्रेट ड्राइव से हर युवा बल्लेबाज को सीखनी चाहिए। इसमें सबसे ख़ास है उनके ड्राइव का शेड्यूलिंग। वह कभी भी गेंद को ओवरहिट करने की कोशिश नहीं करते। बैट को सही समय पर गेंद को हिट करना चाहिए। इसलिए, फोकस टाइमिंग पर है, पावर बैटिंग पर नहीं। रिकॉर्ड के हिसाब से इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन उन्होंने इस शॉट से बनाए।

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