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28 नवंबर 2021: क्रिकेट जगत की टॉप-5 न्यूज़

चेन्नई सुपर किंग्स ने आईपीएल 2021 के फाइनल मुक़ाबले में कोलकाता नाइटराइडर्स को हराकर चौथी बार आईपीएल ट्राफी अपने नाम की है. आईपीएल इतिहास में चेन्नई सुपर किंग्स को सबसे सफल टीम माना जाता है. आईपीएल 2020 में अपने खराब प्रदर्शन के बाद टीम में कुछ नए चेहरों को शामिल किया गया था. इस सीजन में टीम ने युवा जोश और अनुभवी खिलाड़ियों की बदौलत शानदार प्रदर्शन किया.

इस लेख में हम चेन्नई के बेहतरीन प्रदर्शन के 5 प्रमुख कारणों के बारे में जानेंगे.

सलामी जोड़ी की शानदार फॉर्म
ऋतुराज गायकवाड़ और फाफ डु प्लेसिस के रूप में चेन्नई सुपर किंग्स को एक मजबूत सलामी जोड़ी मिली. युवा ऋतुराज गायकवाड़ ने इस आईपीएल में जिस तरह का प्रदर्शन किया है, वह दर्शाता है कि आने वाले समय में यह खिलाड़ी कितना बड़ा स्टार बनने जा रहा है. गायकवाड के बल्ले से इस सीज़न में 16 मैचों में 136.26 की स्ट्राइक रेट और 45.35 के औसत से 635 रन आए हैं, गायकवाड़ ने इस सीज़न ऑरेंज कैप पर भी कब्ज़ा जमाया. वहीं फाफ ने भी इस सीज़न कमाल की बल्लेबाज़ी की है, उन्होंने 16 मैचों में 45.21 के औसत से 633 रन बनाए और वह ऋतुराज से बस 2 रन ही पीछे रहे. इस साल चेन्नई सुपर किंग्स के सलामी बल्लेबाजों ने बेहतर प्रदर्शन किया और टीम को आईपीएल ट्राफी तक ले जाने में एक अहम भूमिका निभाई.

स्पिन बालिंग आल-राउंडर
2021 में मोइन अली और के गोथम को टीम में शामिल किया गया. इन दोनों आल-राउंडर और रविंद्र जडेजा की मौजूदगी ने टीम को और मजबूती प्रदान की, जिसका परिणाम यह हुआ कि टीम ने चौथी बार आईपीएल ट्राफी पर कब्ज़ा जमाया. मोइन अली और रविंद्र जड़ेजा ने बेहतरीन आल-राउंड प्रदर्शन किया, मोइन अली ने 16 मैचों में 6 विकेट लिए और साथ ही 357 रन भी बनाए. जड़ेजा ने 145.51 के स्ट्राइक रेट से 227 रन बनाए और 13 विकेट हासिल किए.

अनुभव और युवा जोश का मिश्रण
कोई भी टूर्नामेंट जीतने में अनुभव हमेशा एक आवश्यक कारक होता है. यह कहना कि बूढ़े खिलाड़ी होने से टूर्नामेंट जीतने में मदद नहीं मिलेगी, इस टीम ने इस धारणा को बदल दिया है. सीएसके ने सभी को गलत साबित किया और बड़ी आसानी से खिताब जीता. कुछ खिलाड़ियों के अलावा, सीएसके ने अपनी कोर टीम को बनाए रखा है. अनुभव और युवा जोश की इस जुगलबंदी ने टीम को खिताब जीतने में काफी मदद की.

मजबूत भारतीय कोर
चेन्नई सुपरकिंग्स के पास अनुभवी खिलाड़ियों की खेप है और उसी के कारण यह टीम पूर्व में भी खिताब जीत चुकी है. आईपीएल की दो सर्वश्रेष्ठ टीम, सीएसके और एमआई ने हमेशा अपने कोर को मजबूत बनाए रखा है और विदेशी खिलाड़ियों को भी संबंधित भूमिकाओं में फलने-फूलने दिया है. इस साल, सीएसके का भारतीय कोर काफी मजबूत रहा, जिसकी बदौलत यह टीम चौथी बार आईपीएल चैंपियन बनी. अंबाती रायडू, सुरेश रैना, एमएस धोनी, रवींद्र जडेजा, दीपक चाहर, कृष्णप्पा गौतम,ऋतुराज गायकवाड़ की उपस्थिति ने टीम को मजबूत बनाया.

गेंदबाज़ी रही शानदार
चेन्नई सुपर किंग्स ने अपनी गेंदबाज़ी के साथ काफी प्रयोग नहीं किए, टीम के मेन तेज़ गेंदबाज़ दीपक चाहर और शार्दुल ठाकुर ने शानदार गेंदबाज़ी की. दीपक चाहर ने 15 मैचों में 14 विकेट हासिल किए और उनका इकॉनमी रेट 8.35 का रहा, शार्दुल ठाकुर चेन्नई की ओर से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज़ बने, उन्होंने 8.80 के इकॉनमी रते से 21 विकेट हासिल किए. ड्वेन ब्रावो का भी बतौर गेंदबाज़ अहम योगदान रहा और उन्होंने 11 मैचों में 7.81 के इकॉनमी रेट से 14 विकेट चटकाए. रविंद्र जड़ेजा और जोश हेज़लवुड भी चेन्नई की गेंदबाज़ी में और अधिक गहराई लेकर आए, जिसके चलते विपक्षी टीम का चेन्नई से पार पाना पूरे टूर्नामेंट में मुश्किल बना रहा.

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