Suryakumar Yadav
Suryakumar Yadav

मुख्य बिंदु:

भारतीय टीम के पास इस समय टी20 प्रारूप के लिहाज से बेहतरीन खिलाड़ियों की फौज है. आक्रामक बल्लेबाजों से लेकर मैच पलटने की क्षमता रखने वाले ऑलराउंडर तक, भारत हर मोर्चे पर मजबूत नजर आता है. इसी कारण टीम इंडिया को खिताब का सबसे बड़ा दावेदार माना जा रहा है.

दिल्ली: भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में अगले महीने होने जा रहे आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप को लेकर माहौल गरमाने लगा है. मौजूदा चैंपियन के रूप में टीम इंडिया एक बार फिर खिताब बचाने के इरादे से मैदान में उतरेगी. ऐसे में पूरी दुनिया की नज़रें भारतीय टीम और उसके स्टार खिलाड़ियों पर टिकी रहेंगी.

टीम इंडिया की मजबूती

भारतीय टीम के पास इस समय टी20 प्रारूप के लिहाज से बेहतरीन खिलाड़ियों की फौज है. आक्रामक बल्लेबाजों से लेकर मैच पलटने की क्षमता रखने वाले ऑलराउंडर तक, भारत हर मोर्चे पर मजबूत नजर आता है. इसी कारण टीम इंडिया को खिताब का सबसे बड़ा दावेदार माना जा रहा है.

शोएब अख्तर की राय में असली गेम चेंजर कौन?

पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर का मानना है कि भारत के लिए असली गेम चेंजर कप्तान सूर्यकुमार यादव हो सकते हैं. अख्तर के मुताबिक सूर्यकुमार ऐसे बल्लेबाज हैं, जिनका एक बार बल्ला चल गया तो मैच का रुख पूरी तरह बदल सकता है.

सूर्यकुमार यादव की फॉर्म पर सवाल

इस समय दाएं हाथ के बल्लेबाज की फॉर्म को लेकर सवाल जरूर उठ रहे हैं. पिछले कुछ समय से उनका बल्ला शांत रहा है और वह रन बनाने के लिए संघर्ष करते नजर आए हैं. कप्तान के तौर पर टीम का प्रदर्शन भले ही अच्छा रहा हो, लेकिन व्यक्तिगत रूप से सूर्यकुमार की निरंतरता चिंता का विषय बनी हुई है.

खिताब बचाने के लिए कप्तान का चलना जरूरी

पीटीवी स्पोर्ट्स से बातचीत में शोएब अख्तर ने कहा कि भारत में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और इसी वजह से टीम खिताब की सबसे बड़ी दावेदार है, लेकिन अगर भारत को ट्रॉफी डिफेंड करनी है तो कप्तान सूर्यकुमार यादव को रन बनाने होंगे. टी20 क्रिकेट में तेज रन गति बेहद अहम होती है और इसमें सूर्यकुमार की भूमिका सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाती है.

वर्ल्ड कप में बड़ी जिम्मेदारी

सात फरवरी से आठ मार्च तक खेले जाने वाले इस टी20 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया से काफी उम्मीदें होंगी. ऐसे में कप्तान सूर्यकुमार का फॉर्म में लौटना भारत के लिए बेहद जरूरी होगा, क्योंकि उनका बल्ला चला तो गेंदबाजों के लिए मुश्किलें बढ़ना तय है.

शादाब अली पिछले सात वर्षों से क्रिकटुडे में बतौर खेल पत्रकार अपनी सेवाएं दे रहे...