मुख्य बिंदु:
शाहीन की इस चोट ने अगले साल भारत और श्रीलंका में होने वाले आईसीसी टी20 विश्व कप में उनके खेलने को लेकर भी बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है.
दिल्ली: पाकिस्तान के अनुभवी तेज गेंदबाज शाहीन शाह अफरीदी एक बार फिर चोट की वजह से सुर्खियों में हैं. ऑस्ट्रेलिया में खेली जा रही बिग बैश लीग (BBL) के दौरान उन्हें चोट लग गई, जिसके चलते वे बुधवार को स्वदेश लौट गए. उनकी इस चोट ने अगले साल भारत और श्रीलंका में होने वाले आईसीसी टी20 विश्व कप में उनके खेलने को लेकर भी बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है.
ऑस्ट्रेलिया से वापस बुलाए गए शाहीन
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने शाहीन को इलाज के लिए लाहौर स्थित हाई परफॉर्मेंस सेंटर में रिपोर्ट करने को कहा है. वे बिग बैश लीग में ब्रिसबेन हीट की ओर से खेल रहे थे, जहां फील्डिंग के दौरान उन्हें यह चोट लगी. पीसीबी और क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (CA) के बीच बातचीत के बाद यह फैसला लिया गया कि शाहीन को तुरंत पाकिस्तान वापस बुलाया जाए.
बीबीएल में प्रदर्शन रहा साधारण
बिग बैश लीग में पदार्पण कर रहे शाहीन अफरीदी का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा. गेंदबाजी में बाएं हाथ के पेसर अपेक्षित असर नहीं छोड़ पाए और अब चोट के कारण उनका पूरा सत्र खेल पाना भी संभव नहीं हो सका. इससे पहले भी वे 2021-22 में घुटने की सर्जरी की वजह से लंबे समय तक क्रिकेट से दूर रहे थे.
आराम की सलाह, रिकवरी में लगेगा समय
पीसीबी के एक अधिकारी के अनुसार, शुरुआती रिपोर्ट में यही संकेत मिले हैं कि शाहीन को पूरी तरह आराम की जरूरत है. चोट कितनी गंभीर है और उन्हें मैदान पर लौटने में कितना समय लगेगा, इसका सही आकलन बोर्ड के डॉक्टरों की जांच के बाद ही हो पाएगा. फिलहाल, यह तय माना जा रहा है कि उनकी वापसी में समय लग सकता है.
शाहीन का बयान
ब्रिसबेन हीट की ओर से जारी बयान में अफरीदी ने कहा कि ब्रिसबेन में खेलना उनके लिए शानदार अनुभव रहा. उन्होंने अफसोस जताया कि वे पूरे टूर्नामेंट में टीम का हिस्सा नहीं बन सके, लेकिन उम्मीद जताई कि वे जल्द ही फिट होकर मैदान पर वापसी करेंगे.
टी20 विश्व कप से बाहर होने का खतरा
अगर शाहीन शाह अफरीदी टी20 विश्व कप में हिस्सा नहीं ले पाते हैं, तो यह पाकिस्तान टीम के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है. उनकी तेज गेंदबाजी और नई गेंद से विकेट निकालने की क्षमता टीम की सबसे बड़ी ताकत मानी जाती है. ऐसे में उनकी फिटनेस पर आने वाले दिनों में सभी की नजरें टिकी रहेंगी.
