MS Dhoni and Wriddhiman Saha
MS Dhoni and Wriddhiman Saha

सबा करीम का चौंकाने वाला चयन

पूर्व भारतीय विकेटकीपर सबा करीम ने ईएसपीएनक्रिकइंफो के रैपिड फायर सेशन में कई विकेटकीपरों की तुलना की. जब महेंद्र सिंह धोनी और ऋद्धिमान साहा के बीच चयन करने को कहा गया, तो उन्होंने साहा को बेहतर विकेटकीपर बताया. करीम के अनुसार शुद्ध विकेटकीपिंग तकनीक में साहा काफी मजबूत हैं. हालांकि आगे तुलना में जब इंग्लैंड के महान एलन नॉट का नाम आया, तब उन्होंने नॉट को सभी से बेहतर विकेटकीपर मानते हुए अपना अंतिम चयन बनाया.

दिल्ली: भारतीय क्रिकेट में, जब भी महान विकेटकीपरों की चर्चा होती है, तो पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का नाम सबसे पहले लिया जाता है. अपनी तेज स्टंपिंग और शांत नेतृत्व शैली के कारण धोनी लंबे समय तक इस भूमिका में शानदार माने जाते रहे हैं. हालांकि, हाल ही में पूर्व भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज सबा करीम ने विकेटकीपिंग को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिसने क्रिकेट प्रशंसकों को चौंका दिया है.

सबा करीम का बड़ा बयान

क्रिकेट वेबसाइट ईएसपीएनक्रिकइंफो पर सबा करीम के साथ एक रैपिड फायर सेशन आयोजित किया गया था. इस दौरान उनसे अलग-अलग दौर के विकेटकीपरों के बीच तुलना करते हुए बेहतर खिलाड़ी चुनने को कहा गया. शुरुआत नयन मोंगिया और दिनेश कार्तिक के नाम से हुई, जहां सबा करीम ने अपने जवाब देते हुए एक खिलाड़ी को दूसरे पर तरजीह दी और आगे बढ़ते गए.

धोनी और साहा के बीच तुलना में चौंकाने वाला चयन

सेशन के दौरान एक समय ऐसा आया, जब विकल्प के रूप में महेंद्र सिंह धोनी और ऋद्धिमान साहा का नाम सामने रखा गया. इस सवाल पर सबा करीम ने धोनी की बजाय ऋद्धिमान साहा को बेहतर विकेटकीपर बताया. उनका मानना है कि शुद्ध विकेटकीपिंग कौशल के लिहाज से साहा काफी मजबूत खिलाड़ी रहे हैं. उनका यह जवाब सुनकर कई क्रिकेट प्रशंसक हैरान रह गए.

एलन नॉट के सामने बदला फैसला

रैपिड फायर आगे बढ़ता रहा और, जब साहा के सामने इंग्लैंड के दिग्गज विकेटकीपर एलन नॉट का नाम रखा गया, तब सबा करीम ने अपना चयन बदल दिया. इस मुकाबले में उन्होंने एलन नॉट को बेहतर बताया और अंत में उन्हें ही सर्वश्रेष्ठ विकेटकीपर के रूप में चुना.

महेंद्र सिंह धोनी के आंकड़े

महेंद्र सिंह धोनी ने अपने अंतर्राष्ट्रीय करियर में 90 टेस्ट, 350 वनडे और 98 टी20 आई मुकाबले खेले. टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 38 बार बल्लेबाजों को स्टंप किया. वहीं वनडे में उनके नाम 123 स्टंपिंग दर्ज हैं, जबकि टी20 आई में उन्होंने 34 स्टंपिंग की हैं. उनकी फुर्ती और तेज प्रतिक्रिया उन्हें दुनिया के सर्वश्रेष्ठ विकेटकीपरों में शामिल करती है.

ऋद्धिमान साहा का रिकॉर्ड

दूसरी ओर, ऋद्धिमान ने भारत के लिए 40 टेस्ट और 9 वनडे मुकाबले खेले हैं. टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम 12 स्टंपिंग दर्ज हैं. वहीं वनडे में उन्होंने एक बार बल्लेबाज को स्टंप आउट किया है. साहा को खास तौर पर टेस्ट क्रिकेट में उनकी बेहतरीन विकेटकीपिंग तकनीक के लिए जाना जाता है.

शादाब अली पिछले सात वर्षों से क्रिकटुडे में बतौर खेल पत्रकार अपनी सेवाएं दे रहे...