Rashid Khan
Rashid Khan

काबुल हमले पर राशिद खान का दर्द

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में मंगलवार रात हुए भीषण हवाई हमले में करीब 400 लोगों की मौत और 250 से ज्यादा के घायल होने की खबर है. अफगान सरकार ने दावा किया कि हमले में एक बड़े ड्रग रिहैबिलिटेशन अस्पताल को भारी नुकसान पहुंचा. इस घटना पर अफगान स्टार क्रिकेटर राशिद खान ने गहरा दुख जताया. उन्होंने नागरिक ठिकानों पर हमले को गंभीर अपराध बताते हुए संयुक्त राष्ट्र से निष्पक्ष जांच की मांग की.

दिल्ली: अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में मंगलवार रात हुए एक भीषण हवाई हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया. स्थानीय समय के अनुसार करीब रात नौ बजे हुए इस हमले में कम से कम 400 लोगों की जान जाने की खबर है, जबकि 250 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं. इस घटना के बाद पूरे अफगानिस्तान में गुस्सा और शोक का माहौल है.

अस्पताल को निशाना बनाए जाने का आरोप

अफगान सरकार के उप-प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत के मुताबिक इस हमले में एक बड़े ड्रग रिहैबिलिटेशन अस्पताल को भारी नुकसान पहुंचा है. बताया जा रहा है कि लगभग 2000 बेड की क्षमता वाले इस चिकित्सा केंद्र का बड़ा हिस्सा धमाके में तबाह हो गया. सरकार का दावा है कि अस्पताल और उसके आसपास मौजूद नागरिक भी इस हमले की चपेट में आ गए.

पाकिस्तान ने आरोपों को किया खारिज

इस घटना को लेकर पाकिस्तान पर अस्पताल को निशाना बनाने के आरोप लगाए जा रहे हैं. हालांकि पाकिस्तान ने इन आरोपों से साफ इनकार किया है. पाकिस्तान का कहना है कि उसके हवाई हमले केवल सैन्य ठिकानों को ध्यान में रखकर किए जाते हैं और नागरिक ढांचे को निशाना बनाने का कोई इरादा नहीं होता.

क्रिकेट जगत से आई तीखी प्रतिक्रियाएं

इस दर्दनाक घटना ने खेल जगत को भी प्रभावित किया है. कई अफगान क्रिकेटरों ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी नाराज़गी और दुख जाहिर किया है. क्रिकेटरों का कहना है कि आम नागरिकों की मौत बेहद दुखद है और इस तरह की घटनाएं किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं हो सकतीं.

राशिद खान ने उठाई निष्पक्ष जांच की मांग

अफगानिस्तान के स्टार लेग स्पिनर राशिद खान ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि काबुल में हुए हवाई हमले में आम नागरिकों की मौत की खबर बेहद दर्दनाक है. उनके मुताबिक घरों, स्कूलों या अस्पताल जैसे नागरिक ढांचों को निशाना बनाना, चाहे जानबूझकर हो या गलती से, गंभीर अपराध है.

उन्होंने यह भी कहा कि इंसानी जिंदगी के प्रति इस तरह की लापरवाही, खासकर रमजान जैसे पवित्र महीने में, बेहद चिंताजनक है. राशिद खान ने संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार संगठनों से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराने की मांग की.

मुश्किल घड़ी में देश के साथ खड़े रहने का संदेश

राशिद ने अपने संदेश में कहा कि वह इस कठिन समय में अपने देशवासियों के साथ खड़े हैं. उन्होंने उम्मीद जताई कि अफगानिस्तान इस दुखद घटना से उबरकर एक बार फिर मजबूती के साथ खड़ा होगा.

शादाब अली पिछले सात वर्षों से क्रिकटुडे में बतौर खेल पत्रकार अपनी सेवाएं दे रहे...