फाइनल में बुमराह बन सकते हैं सबसे बड़ा हथियार
भारत और न्यूजीलैंड के फाइनल से पहले जसप्रीत बुमराह की गेंदबाज़ी को लेकर उनके कोच किशोर ने बड़ा भरोसा जताया है. उन्होंने कहा कि बुमराह की चार ओवर की गेंदबाज़ी भी टीम इंडिया के लिए मैच का रुख बदल सकती है. पहले जहां वह बाउंसर से विकेट लेते थे, वहीं अब उनकी यॉर्कर और स्लोअर गेंद भी उतनी ही खतरनाक हो चुकी है. अगर पिच धीमी हुई तो बुमराह और भी घातक साबित हो सकते हैं.
दिल्ली: भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच होने वाले फाइनल मुकाबले से पहले जसप्रीत बुमराह की गेंदबाज़ी को लेकर उनके कोच किशोर ने अहम प्रतिक्रिया दी है. स्पोर्ट्स तक को दिए एक विशेष इंटरव्यू में उन्होंने बुमराह की मौजूदा फॉर्म, उनकी गेंदबाज़ी की विविधता और फाइनल में उनकी भूमिका पर विस्तार से बात की. किशोर का मानना है कि बुमराह अपनी सटीकता और अलग-अलग तरह की गेंदों की वजह से किसी भी बल्लेबाज़ के लिए मुश्किल खड़ी कर सकते हैं.
बुमराह की गेंदबाज़ी को बताया बेहद घातक
किशोर ने कहा कि जसप्रीत बुमराह की चार ओवर की गेंदबाज़ी भी टीम इंडिया के लिए काफी फायदेमंद साबित होती है. उनके मुताबिक बुमराह, जिस तरह से गेंदबाज़ी कर रहे हैं, उसे खेलना बल्लेबाज़ों के लिए आसान नहीं होता. उन्होंने भरोसा जताया कि फाइनल में भी बुमराह विपक्षी बल्लेबाज़ों को कड़ी चुनौती देंगे और उन्हें रन बनाने के मौके कम मिलेंगे.
गेंदबाज़ी में लगातार बढ़ी है विविधता
किशोर ने बुमराह के विकास पर भी बात की. उन्होंने बताया कि शुरुआती दौर में बुमराह बाउंसर से विकेट लेने के लिए जाने जाते थे, लेकिन समय के साथ उनकी गेंदबाज़ी में कई नए विकल्प जुड़ गए. बाद में उनकी सटीक यॉर्कर बल्लेबाज़ों के लिए बड़ी परेशानी बनी और अब उनका स्लोअर वन भी उतना ही प्रभावी हो गया है. किशोर के अनुसार इन अलग-अलग गेंदों की वजह से बल्लेबाज़ अक्सर असमंजस में पड़ जाते हैं कि अगली गेंद कैसी होगी.
‘ईश्वर का तोहफा’ हैं बुमराह
अपने शिष्य की तारीफ करते हुए किशोर ने कहा कि जसप्रीत बुमराह एक तरह से ईश्वर का दिया हुआ खिलाड़ी हैं. उन्होंने कहा कि बुमराह की प्रतिभा, उनकी कड़ी मेहनत और मैदान पर दिखने वाला स्टारडम – यही तीन बातें उन्हें खास बनाती हैं. किशोर का मानना है कि इन गुणों की वजह से बुमराह आज दुनिया के सबसे प्रभावी गेंदबाज़ों में गिने जाते हैं.
धीमी पिच पर स्लोअर गेंद बन सकती है हथियार
किशोर ने पिच की परिस्थितियों को लेकर भी अपनी राय दी. उनका कहना है कि अगर विकेट धीमी हुई तो बुमराह की स्लोअर गेंद सबसे ज्यादा खतरनाक साबित हो सकती है. उनकी लाइन-लेंथ और सटीकता के कारण बल्लेबाज़ अक्सर अनुमान नहीं लगा पाते और यही चीज़ उन्हें बढ़त दिलाती है.
