टीम इंडिया की 5 बड़ी कमजोरियां
सुपर-8 से पहले भारतीय टीम की 5 कमजोरियां फैंस को चिंता में डाल रही हैं. अभिषेक शर्मा की खराब फॉर्म भी इसमें शामिल है.
दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम ने ग्रुप स्टेज में बाकी सभी 19 टीमों से अच्छा प्रदर्शन किया और सबसे अधिक नेट रन रेट (+2.500) अर्जित करके सुपर-8 में जगह पक्की की. सुपर-8 में भारतीय टीम ग्रुप 1 में शामिल है, जिसमें उसके अलावा साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज को जगह मिली है. सुपर-8 में भारतीय टीम अपने पहले मैच में 22 फरवरी को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में साउथ अफ्रीका का सामना करेगी.
ग्रुप स्टेज में टीम इंडिया की कई बड़ी कमजोरियां सामने आईं, जो मेन इन ब्लू के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं. भारतीय टीम को अगर सुपर-8 में अपना दबदबा कायम करना है, तो उसे इन 5 कमजोरियों को दूर करना होगा.
- अभिषेक शर्मा का खराब फॉर्म
टी20 वर्ल्ड कप के आगाज से पहले अभिषेक शर्मा को भारत का सबसे बड़ा हथियार माना जा रहा था, क्योंकि उनमें अपने बल्ले से विरोधी टीम को पहले ही 5 ओवरों में मैच से बाहर करने का टैलेंट है. हालांकि, ये यकीन करना मुश्किल है कि इवेंट में अब तक अभिषेक एक रन तक नहीं बना पाए. वह तीनों मैचों में डक का शिकार हुए हैं. पिछली सात पारियों में अभिषेक 4 बार डक पर आउट हो गए हैं. इस दौरान उनके बल्ले से सिर्फ 1 फिफ्टी निकली है. उनका ये लचर प्रदर्शन टीम इंडिया को खतरे में डाल सकता है.
- तिलक वर्मा का संघर्ष
तिलक वर्मा टीम इंडिया के भरोसेमंद बल्लेबाजों में से एक हैं, लेकिन पिछले कुछ मैचों में उन्हें रन बनाने के लिए संघर्ष करते हुए देखा गया है. तिलक ने नामीबिया के खिलाफ 21 गेंदों पर 25 रन की पारी खेली थी. पाकिस्तान के विरुद्ध उनके बल्ले से 27 गेंदों पर 31 रन निकले थे. वहीं, बाएं हाथ का ये बैटर नीदरलैंड्स के सामने 27 गेंदों पर 31 रन बनाकर पवेलियन लौटा. तिलक की इन धीमी पारियों की वजह से सामने वाले बल्लेबाज पर दबाव बढ़ता है.
- टीम इंडिया की लचर फील्डिंग
टूर्नामेंट में टीम इंडिया ने खराब फील्डिंग के जरिए अपनी नाक कटाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है. पाकिस्तान के खिलाफ हुए मैच में सूर्यकुमार यादव एंड कंपनी ने 4 कैच टपकाए थे. वहीं, नीदरलैंड्स से मैच में भारतीय खिलाड़ियों ने दो प्लेयर्स को जीवनदान दिया था. इस तरह की फील्डिंग से बड़े मैचों में विजेता नहीं बना जा सकता.
- ऑफ स्पिन के सामने ढेर होना
टूर्नामेंट में भारत ने अभी तक जो चार मैच खेले हैं, उनमें सभी प्लेयर्स स्पिनर्स के सामने संघर्ष करते नजर आए हैं. अमेरिका के स्पिनर मोहम्मद मोहसिन और हरमीत सिंह ने भारतीय बल्लेबाजों को काफी बार मुश्किलों में डाला. वहीं, पाकिस्तानी गेंदबाज उस्मान तारिक और साइम अयूब के सामने भी भारतीय बल्लेबाजों की घिग्गी टाइट हो गई थी. गत बुधवार के नामीबिया के आर्यन दत्त ने टीम इंडिया के बल्लेबाजों को अपनी फिरकी के जाल में फंसाया. इससे पता चलता है कि भारतीय बल्लेबाज स्पिन नहीं खेल पा रहे.
- अंतिम ओवरों में रन लुटाने की आदत
भारतीय गेंदबाज अक्सर अंतिम ओवरों में विकेट कम लेते हैं और रन ज्यादा लुटाते हैं. मेन इन ब्लू की यही कमजोरी नीदरलैंड्स के सामने उजागर हुई. स्कॉट एडवर्ड्स की टीम ने अंतिम चार ओवरों में 51 रन बटोरे थे और सिर्फ 1 विकेट गंवाया था. सुपर-8 में भी अगर ऐसा ही हाल रहा, तो टीम इंडिया का सुपर-8 के बाद सफर खत्म होना तय हो जाएगा.
