Indian Team with T20 WC 2026 Winning Trophy
Indian Team with T20 WC 2026 Winning Trophy

भारत की ऐतिहासिक टी20 वर्ल्ड कप जीत

अहमदाबाद में खेले गए टी20 वर्ल्ड कप 2026 फाइनल में भारत ने न्यूजीलैंड को हराकर इतिहास रच दिया. पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम इंडिया ने 256 रन का विशाल स्कोर बनाया. जवाब में न्यूजीलैंड की टीम दबाव में दिखी और लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकी. सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारत ने लगातार दूसरा टी20 वर्ल्ड कप जीत लिया. संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा ने भरोसे को सही साबित करते हुए शानदार प्रदर्शन किया.

दिल्ली: सबसे पहले तो पूरे देश को भारत की टी20 वर्ल्ड कप में जीत की बधाई। अहमदाबाद में फ़ाइनल शुरू होने से पहले सब तरह की बातें चर्चा में थीं: भारत ने कभी इतवार के दिन वाला फाइनल नहीं जीता, भारत ने कभी बैक-टू-बैक वर्ल्ड कप नहीं जीता, भारत ने कभी भी टी20 वर्ल्ड कप में न्यूजीलैंड को नहीं हराया, नरेंद्र मोदी स्टेडियम भारत के लिए भाग्यशाली नहीं रहा है और ऐसे सभी नारों की 8 मार्च 2026 को धज्जियां उड़ गईं। 

दोनों टीम इस ग्रैंड फ़ाइनल के लिए तैयार थीं पर एक बड़ा मजेदार सच और भी सामने था। न्यूज़ीलैंड ने भारत को पहले बल्लेबाजी के लिए कहा ये जानते हुए भी कि इस टी20 वर्ल्ड कप में भारत एक भी ऐसा मैच नहीं हारा था जब पहले बल्लेबाजी की (सभी 6 जीते)। शायद न्यूज़ीलैंड ने इस टी20 वर्ल्ड कप में चेज करते हुए एक भी मैच न हारने के अपने रिकॉर्ड को देखा (4 जीते और एक में कोई स्पष्ट नतीजा नहीं निकला) पर इस बार न्यूज़ीलैंड के लिए 256 का लक्ष्य बहुत ज़्यादा साबित हुआ। इसे पार करना नामुमकिन नहीं है लेकिन मालूम था कि आसान नहीं है। वहीं से ट्रॉफी पर भारत का कब्जा शुरु हो गया था। 

जो आज क्रिकेट पर भारत के बढ़ते प्रभुत्व को हजम नहीं कर पा रहे उन्हें एक और वजह मिल गई। किसी भी गैर बिग 3 के वर्ल्ड कप जीतने का सिलसिला और लंबा हो गया। सब बात तो करते हैं कि बिग 3 का प्रभुत्व बढ़ता जा रहा है पर रिकॉर्ड भी तो यही साबित करता है। किसी गैर बिग 3 ने 10 साल पहले वर्ल्ड कप जीता था (वेस्टइंडीज ने)।

टीम के खिलाड़ी तो बधाई के हकदार हैं ही। किस-किस का नाम लिखें? हर एक ने अपना रोल बखूबी निभाया और इसमें संजू सैमसन एवं अभिषेक शर्मा का ख़ास जिक्र इसलिए कि इन दोनों में टीम ने जो विश्वास दिखाया, दोनों ने उस विश्वास को सही साबित किया। इस जीत में टीम के साथ-साथ सिलेक्टर्स भी बधाई के हकदार हैं जिन्होंने सिर्फ़ मेरिट के आधार पर सबसे अच्छी टीम चुनी। अब तो ये बहस शुरू होगी कि क्या ये भारत की सर्वकालिक सबसे बेहतर टी20 इंटरनेशनल टीम है? टीम में हर खिलाड़ी सिर्फ़ क्रिकेट की मेरिट के आधार पर चुना गया और उसने अपना रोल बखूबी निभाया। 

सूर्यकुमार यादव की टीम के पास इतिहास रचने का मौका था और डिफेंडिंग चैंपियन के तौर पर खेलते हुए टाइटल पर अधिकार का एक और रिकॉर्ड बना दिया। अहमदाबाद शहर का नाम भारत की क्रिकेट में कामयाबी के साथ भी जुड़ गया। 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स का मेजबान है ये शहर और साथ ही 2036 में ओलंपिक में डेब्यू का भी सपना देख रहा है। | ये वही जमीं हैं जहां सुनील गावस्कर ने 1987 में पाकिस्तानी स्पिनर एजाज फकीह की गेंद पर लेट कट लगाकर 10,000 टेस्ट रन बनाने वाले पहले खिलाड़ी का रिकॉर्ड बनाया था। 1994 में, यहीं कपिल देव टेस्ट में सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज़ बने। ये उपलब्धियां व्यक्तिगत थीं और इसीलिए एक बड़ी, टीम की कामयाबी की तलाश थी। अब इस शहर ने मेन इन ब्लू टीम की 2023 वर्ल्ड कप फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से हार का हिसाब बराबर कर दिया। 

ऐसा नहीं कि सामने वाली टीम न्यूज़ीलैंड कोई कमजोर है। ईडन गार्डन्स में सेमीफाइनल में जिस तरह से दक्षिण अफ़्रीका को धूल चटाई, वह भारत के लिए भी एक बड़ी चुनौती थी। साथ में ब्लैक कैप्स अक्सर क्रिकेट के सबसे बड़े स्टेज पर भारत को हराते आ रहे थे: चाहे वह मैनचेस्टर में 2019 वर्ल्ड कप सेमीफ़ाइनल हो या साउथैम्प्टन में 2021 आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फ़ाइनल, न्यूज़ीलैंड ने भारत की उम्मीदों पर पानी फेरने में कोई कसर नहीं रखी थी। इस बार बहरहाल भारत ने हर हिसाब बराबर कर दिया। 

इस टी20 वर्ल्ड कप जीत के साथ भारत अब आईसीसी ट्रॉफियों की लिस्ट में : महिला अंडर-19 वर्ल्ड कप, अंडर-19 वर्ल्ड कप, महिला वर्ल्ड कप, चैंपियंस ट्रॉफी और टी20 वर्ल्ड कप का विजेता है, जिन्हें इस रिकॉर्ड से जलन है, वे जलते रहें। अगला टी20 वर्ल्ड कप भारत में नहीं होगा पर एक बार फिर भारत ही फेवरिट होगा। वर्ल्ड कप फाइनल में किसी बॉलिंग लाइन अप का इस तरह का कत्लेआम कई साल बाद देखने को मिला। 2003 का वर्ल्ड कप फाइनल भी ऐसा ही था। यह बहरहाल भारतीय क्रिकेट के लिए एक शानदार दिन था। पहले कभी किसी टी20 टीम को पहले 10-11 ओवर में ऐसे बैटिंग करते नहीं देखा जैसे कि वे पारी के आखिरी पांच ओवर खेल रहे  हों: 14 छक्के और 14 चौके। न्यूजीलैंड क्रिकेट में हमेशा ये सवाल पूछा जाएगा कि पहले बॉलिंग का फैसला क्या सोचकर किया?