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टी20 वर्ल्ड कप के 10वें एडिशन में फ्लॉप रहने वाले खिलाड़ी की प्लेइंग-11
दिल्ली: टी20 क्रिकेट फॉर्मेट के महाकुंभ का समापन 8 मार्च को टीम इंडिया के चैंपियन बनने के साथ ही हो चुका है. इस टूर्नामेंट में सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारत ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए फाइनल की अंतिम रेखा को जीत के साथ पार किया. अहमदाबाद में खेले गए खिताबी मुकाबले में भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हराया.
मैच इन ब्ल्यू की खिताबी जीत के बीच इस पूरे टूर्नामेंट में कई कमाल के प्रदर्शन देखने को मिले, जिन्होंने फैंस के दिलों में जगह बनायी, लेकिन कुछ खिलाड़ियों का प्रदर्शन बहुत ही साधारण रहा और पूरे सफर के दौरान निराश ही किया. तो चलिए इस आर्टिकल में टी20 वर्ल्ड कप 2026 की फ्लॉप प्लेइंग-11 पर एक नजर डाल देते हैं.
सैम अयूब
पाकिस्तान के युवा ओपनर बल्लेबाज सैम अयूब ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में बहुत ही फिका प्रदर्शन किया. इस पाकिस्तानी खिलाड़ी ने बल्ले से अपनी टीम और फैंस को निराश किया. वो वर्ल्ड कप के शुरुआती मैचों में खेलते रहे और उन्होंने 6 मैच की 5 पारियों में 14 की बहुत ही साधारण औसत से 70 रन बनाए. इसके बाद आखिर में उन्हें प्लेइंग-11 से बाहर तक होना पड़ा था.
जोस बटलर (विकेटकीपर)
इंग्लैंड का इस वर्ल्ड कप में कमाल का प्रदर्शन रहा, लेकिन टीम के सबसे अनुभवी खिलाड़ी जोस बटलर ने पूरी तरह से निराश किया. इस विकेटकीपर बल्लेबाज से टूर्नामेंट में अच्छे प्रदर्शन की आस थी, लेकिन वो खरे नहीं उतर सके. जोस बटलर के लिए ये वर्ल्ड कप कभी ना याद करने वाला साबित हुआ और उन्होंने 8 मैचों की 8 पारियों में 10.87 की बहुत ही खराब औसत से 87 रन बनाए.
सलमान अली आगा
पाकिस्तान की टीम ने ग्रुप राउंड की बाधा को पार कर सुपर-8 तक का सफर जरूर तय किया, लेकिन टीम के कप्तान सलमान अली आगा ने बहुत लचर प्रदर्शन किया. सलमान अली बतौर बल्लेबाज इस वर्ल्ड कप में ज्यादातर नंबर-3 पर खेलने तो उतरे, लेकिन वो पूरी तरह से नाकाम रहे और वो टूर्नामेंट में 6 पारियों में 10 की औसत से 60 रन बनाए पाए.
बाबर आजम
पाकिस्तान टीम के एक और स्टार बल्लेबाज बाबर आजम के लिए वर्ल्ड कप कभी ना याद करने वाला साबित हुआ. बाबर को बड़े बल्लेबाज होने की वजह से वर्ल्ड कप खेलने का मौका तो मिल गया, लेकिन वो इसे भुना नहीं सके और बल्लेबाज के तौर पर उन्होंने सरेंडर कर दिया. वो इस वर्ल्ड कप में 6 मैच की 4 पारियों में करीब 23 की औसत और 112 की स्ट्राइक रेट से 91 रन ही बना सके.
कैमरन ग्रीन
ऑस्ट्रेलिया की टीम टी20 वर्ल्ड कप के इस एडिशन में ग्रुप राउंड से आगे नहीं बढ़ सकी. कंगारू टीम पहले ही राउंड में बाहर हुई, इसके पीछे बड़ा कारण प्रमुख बल्लेबाजों का फ्लॉप होना है, जिसमें एक नाम कैमरन ग्रीन का रहा. इस खिलाड़ी ने बहुत ही बुरा प्रदर्शन किया और वो पूरे वर्ल्ड कप के दौरान केवल 4 मैच की 3 पारियों में 8 की औसत से 24 रन ही बना सके.
ग्लेन मैक्सवेल
ऑस्ट्रेलिया के लिमिटेड ओवर्स के दिग्गज खिलाड़ियों में से एक ग्लेन मैक्सवेल के लिए टी20 वर्ल्ड कप का ये संस्करण निराश करने वाला साबित हुआ. मैक्सवेल पूरे वर्ल्ड कप के दौरान बतौर बल्लेबाज फुस्स रहे और 20.66 की औसत से केवल 62 रन बना सके. मैक्सवेल ने 110 की स्ट्राइक रेट से रन बनाने के अलावा गेंदबाजी से भी 2 विकेट ही हासिल किए.
सैम करन
इंग्लैंड के ऑलराउंडर खिलाड़ी सैम करन इस टीम में एक बॉलिंग ऑलराउंडर के तौर पर खेले, लेकिन उन्होंने अपनी गेंदबाजी से बिल्कुल भी प्रभाव नहीं छोड़ा. सैम करन वर्ल्ड कप में 8 मैचों की 7 पारियों में 9.46 की इकॉनोमी और 34 से ज्यादा की औसत से 6 विकेट ही हासिल किए. सैम करन का गेंदबाजी में इस प्रदर्शन ने इंग्लैंड को काफी मुसीबत में डाला और सेमीफाइनल में भी उन्होंने जमकर रन खर्च किए.
मिचेल सेंटनर
न्यूजीलैंड की टीम मिचेल सेंटनर की कप्तानी में टी20 वर्ल्ड कप का फाइनल शर्मनाक तरीके से हारी है. इस टूर्नामेंट में कीवी टीम के कप्तान मिचेल सेंटनर ने भी काफी उम्मीदें थी, लेकिन उन्होंने जिस तरह से निराश किया है, वो वाकई में हैरान करने वाला रहा है. मिचेल सेंटनर ने बल्लेबाजी से तो और भी कुछ रन बनाए, लेकिन उनकी प्रमुख गेंदबाजी की भूमिका में वो बुरी तरह से नाकाम रहे. सेंटनर वर्ल्ड कप में 8 मैच में महज 2 विकेट ही ले सके, तो वहीं बल्ले से 120 रन बनाए.
केशव महाराज
वर्ल्ड कप में प्रोटियाज टीम के लिए प्रमुख स्पिन गेंदबाज के तौर पर केशव महाराज खेले, लेकिन इस पूरे टूर्नामेंट के दौरान उनकी फिरकी का बिल्कुल भी प्रभाव नहीं देखने को मिला. महाराज ने बहुत ही साधारण गेंदबाजी करते हुए इस महाकुंभ में 6 मैच में 35.60 की औसत और 8.52 की इकॉनोमी से केवल 5 विकेट ही ले सके.
लॉकी फर्ग्यूसन
न्यूजीलैंड की टीम को फाइनल मैच में करारी हार का सामना करना पड़ा, इस हार में एक बहुत बड़ा फैक्टर तेज गेंदबाज लॉकी फर्ग्यूसन रहे, उन्होंने फाइनल मैच में 24 की इकॉनोमी से 48 रन खर्च किए, वहीं पूरे टूर्नामेंट की बात करें तो लॉकी 8 मैच खेलते हुए करीब 10 की इकॉनोमी और 33.50 की औसत से सिर्फ 6 विकेट ले सके और वो इस वर्ल्ड कप के फ्लॉप खिलाड़ियों में से एक रहे.
कगिसो रबाडा
दक्षिण अफ्रीका के प्रीमियम फास्ट बॉलर कगिसो रबाडा से टी20 वर्ल्ड कप 2026 में काफी उम्मीदें थी, लेकिन इस खिलाड़ी ने पूरी तरह से निराश किया. प्रोटियाज टीम ने वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल तक का रास्ता जरूर तय किया, लेकिन रबाडा इस दौरान पूरी तरह से साधारण दिखे. उन्हें इस वर्ल्ड कप के दौरान ना सिर्फ विकेट के लिए तरसता देखा गया, बल्कि उनकी धुलाई भी खूब हुई. इस दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाज ने टूर्नामेंट में 7 मैचों में 813 की इकॉनोमी और 43 की साधारण औसत से सिर्फ 5 विकेट हासिल किए.
