मुख्य बिंदु:
पूर्व क्रिकेटर मनोज तिवारी ने शुभमन गिल की वनडे कप्तानी पर चिंता जताई. उनके अनुसार गिल के नेतृत्व में लगातार सीरीज हार चिंता का विषय है. तिवारी का मानना है कि 2027 वर्ल्ड कप को देखते हुए रोहित शर्मा को फिर कप्तान बनाना भारत के लिए बेहतर होगा.
दिल्ली: भारत के पूर्व क्रिकेटर मनोज तिवारी ने शुभमन गिल की वनडे कप्तानी को लेकर बड़ा बयान दिया है. उनका मानना है कि BCCI को इस फैसले पर दोबारा सोचना चाहिए और रोहित शर्मा को फिर से ODI टीम की कमान सौंपनी चाहिए.
मनोज तिवारी ने की रोहित-शुभमन की तुलना
अक्टूबर 2025 में शुभमन गिल को रोहित शर्मा की जगह वनडे कप्तान बनाया गया था. लेकिन, अब तक उनके नेतृत्व में टीम इंडिया दोनों वनडे सीरीज हार चुकी है. ऑस्ट्रेलिया दौरे पर कप्तानी डेब्यू करते हुए भारत को सीरीज गंवानी पड़ी थी. इसके बाद साउथ अफ्रीका के खिलाफ घरेलू सीरीज में गिल नहीं खेले, और फिर न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज में भी टीम को हार झेलनी पड़ी.
न्यूजीलैंड के खिलाफ हाल ही में खत्म हुई ODI सीरीज के बाद गिल की कप्तानी पर काफी सवाल उठे. इसी पर बातचीत करते हुए मनोज तिवारी ने कहा कि अब भी वक्त है और BCCI को सही दिशा में फैसला लेना चाहिए, क्योंकि असली लक्ष्य 2027 का वर्ल्ड कप है.
उनका कहना था कि मामला किसी एक द्विपक्षीय सीरीज का नहीं है, बल्कि वर्ल्ड कप की तैयारी का है. अगर अभी सुधार नहीं किया गया, तो आगे चलकर नुकसान हो सकता है.
तिवारी का मानना है कि अगर न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में रोहित शर्मा कप्तान होते, तो नतीजे अलग हो सकते थे. भारत ने इस सीरीज में लगातार दो मैच हारकर पहली बार अपने घर में न्यूजीलैंड से ODI सीरीज गंवाई.
उन्होंने यह भी कहा कि रोहित की कप्तानी में टीम पहले सही दिशा में आगे बढ़ रही थी, खासकर चैंपियंस ट्रॉफी जीतने के बाद टीम का आत्मविश्वास अलग स्तर पर था.
वर्ल्ड कप 2027 के लिए कप्तान बदलने की मांग
मनोज तिवारी ने साफ शब्दों में कहा कि मौजूदा समय में रोहित शर्मा, शुभमन गिल से कहीं बेहतर कप्तान हैं. उनके मुताबिक, बात सिर्फ कप्तानी देने की नहीं है, बल्कि यह देखने की जरूरत है कि किस कप्तान के साथ भारत के वर्ल्ड कप जीतने के चांस ज्यादा हैं.
उन्होंने तुलना करते हुए कहा कि अगर शुभमन कप्तान रहते हैं तो टीम वर्ल्ड कप जीत सकती है, लेकिन अगर रोहित शर्मा कप्तान हों, तो भारत के जीतने की संभावना 85 से 90 प्रतिशत तक हो सकती है.
अब देखना होगा कि BCCI इस पर क्या फैसला लेता है और क्या 2027 वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए टीम मैनेजमेंट कोई बड़ा बदलाव करता है या नहीं.
