दूसरे टेस्ट में पाकिस्तान के लिए 36 साल से बड़ी उम्र में तेज गेंदबाज़ ताबिश खान ने डेब्यू किया.

ज़िम्बाब्वे के विरुद्ध इन दिनों चल रहे दूसरे टेस्ट में पाकिस्तान के लिए 36 साल से बड़ी उम्र में तेज गेंदबाज़ ताबिश खान ने डेब्यू किया। ये बात बड़ी सीधी है, लेकिन समझने में उतनी ही मुश्किल। आखिरकार ऐसा क्या हुआ कि इस उम्र में उन्हें टेस्ट खिला दिया और वो भी एक तेज गेंदबाज़ को? पाकिस्तान तो अपने युवा तेज गेंदबाज़ों को डेब्यू करने के लिए मशहूर है।

टेस्ट क्रिकेट में पाकिस्तान के लिए खेलने वाले वे 245 वें खिलाड़ी बने। वे इस टेस्ट में कैसा खेलेंगे ये तो आगे पता लगेगा और उसी से उनका टेस्ट भविष्य तय होगा। बहरहाल, मौजूदा स्थिति ये है कि पाकिस्तान के सेलेक्टर्स के फैसले को इस मामले में उनकी समझ पर सवाल के साथ देखा जा रहा है। ताबिश खान घरेलू क्रिकेट में दिग्गज हैं। कोच मिस्बाह-उल-हक से टेस्ट कैप मिलने पर ताबिश ने खुशी में कहा, “मैं उम्मीदों पर खरा उतरने की पूरी कोशिश करूंगा और अपना 110 प्रतिशत देने की कोशिश करूंगा, खासकर जब कि मैंने इस पल के लिए इतना लंबा इंतजार किया।”

इस 36 साल 146 दिन की उम्र में डेब्यू करने वाले पेसर ने करियर में 137 फर्स्ट क्लास मैच में 24.29 औसत के साथ 598 विकेट लिए थे टेस्ट शुरू होने से पहले तक। ये कोई मामूली रिकॉर्ड नहीं। पाकिस्तान की राष्ट्रीय चैंपियनशिप कायदे आज़म ट्रॉफी में उनके अतिरिक्त और किसी ने भी 500 विकेट नहीं लिए हैं. दाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज के नाम पर 115 मैच में 515 विकेट हैं। ये रिकॉर्ड उन्हें हाल के सालों का घरेलू क्रिकेट का दिग्गज साबित करता है। इसलिए वे पिछले कई महीने से सेलेक्टर्स की स्कीम में थे।

इस साल के शुरू में जब उन्हें दक्षिण अफ्रीका के विरुद्ध टीम में लिया तब भी बड़ी आलोचना हुई थी। भूतपूर्व कप्तान और सेलेक्टर इंज़माम ने तो साफ़ कहा था- नया खिलाड़ी ऐसा हो जो आगे लगातार खेल सके। ताबिश कितना खेलेंगे- इस बारे में सिर्फ अंदाज़ा ही लगाया जा सकता है। इंजमाम को यह समझ नहीं आया कि आखिरकार सेलेक्टर्स उनकी डेब्यू से साबित क्या कर रहे हैं? मीडिया में बड़ी चर्चा थी कि ऐसे खिलाड़ी को टेस्ट खेलने का मौका क्यों नहीं दे रहे ? शायद डेब्यू में इस चर्चा की ख़ास भूमिका रही।

अपनी इस सनसनीखेज और चर्चित डेब्यू से ताबिश ने कई ख़ास रिकॉर्ड बनाए। देखिए :

1. ताबिश खान टेस्ट क्रिकेट में पाकिस्तान के तीसरे सबसे बड़ी उम्र में डेब्यू करने वाले खिलाड़ी बन गए। रिकॉर्ड मीरन बख्श के नाम है- 1955 में भारत के विरुद्ध 47 साल 284 दिन की उम्र में अपना पहला टेस्ट खेला। उसके बाद आमिर इलाही हैं जिन्होंने 1952 में 44 साल 45 दिन की उम्र में अपना पहला टेस्ट खेला।

2. हरारे में टेस्ट डेब्यू से पहले पाकिस्तान से बाहर सिर्फ 3 फर्स्ट क्लास मैच खेले थे- श्रीलंका ए के विरुद्ध पाकिस्तान ए के लिए श्रीलंका में, जिनमें 4 विकेट लिए। बाकी सभी 594 विकेट पाकिस्तान में लिए।

3. टेस्ट क्रिकेट में आने के लिए फर्स्ट क्लास क्रिकेट करियर में 18 साल 119 दिन इंतजार किया- फर्स्ट क्लास क्रिकेट में डेब्यू किया था 8 जनवरी 2003 को कराची व्हाइट्स के लिए।

4. इस 20 के सालों वाली शताब्दी में, सिर्फ दो टीम ने 36+ साल के तेज गेंदबाज को टेस्ट डेब्यू कराया है- उनसे पहले आयरलैंड के टिम मुर्टाग ने 2018 में डेब्यू किया था।

5. उनके 598 विकेट, किसी एशियाई टीम के लिए टेस्ट डेब्यू से पहले किसी भी खिलाड़ी के सबसे ज्यादा विकेट का नया रिकॉर्ड हैं (इससे पहले : भारत के विरुद्ध 2017 में श्रीलंका के लिए टेस्ट डेब्यू करने वाले मलिंडा पुष्पकुमारा- 558 विकेट)। टेस्ट डेब्यू से पहले टिम मुर्टाग ने 712 फर्स्ट क्लास विकेट लिए थे।

6. टेस्ट डेब्यू से पहले ताबिश ने 137 फर्स्ट क्लास मैच खेले थे- पाकिस्तान के लिए इस मामले में सिर्फ ख़ालिद इबदुल्ला ( 218 मैच,1964 में ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध डेब्यू) ने उनसे ज्यादा मैच खेले थे ।

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