भारतीय क्रिकेट टीम को 18 जून से न्यूजीलैंड के खिलाफ आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2021 का फाइनल खेलना है. इंग्लैंड के साउथेम्पटन में खेले जाने वाले इस खिताबी मुकाबले के लिए विराट सेना अपनी कमर कस चुकी है. वहीं, कीवी टीम भी इंग्लैंड के खिलाफ दो मुकाबलों की टेस्ट सीरीज का दूसरा और आखिरी मैच खेलने में व्यस्त है. कयास लगाए जा रहे हैं कि ब्लैककैप्स को डब्ल्यूटीसी के फाइनल में अंग्रेजों के खिलाफ सीरीज का फायदा मिलेगा. हालांकि, भारतीय कप्तान विराट कोहली ने इस लॉजिक को बकवास बताया था.

वहीं, शुक्रवार से शुरू होने वाले महा मुकाबले से पहले टीम इंडिया के दिग्गज ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने बड़ा बयान दिया है. अश्विन ने कहा है कि भारतीय टीम को न्यूजीलैंड के खिलाफ ज़बरदस्त प्रदर्शन कर 110 फीसदी देना होगा. हालांकि, अश्विन मानते हैं कि कीवी टीम को मेजबानों के विरुद्ध टेस्ट सीरीज का फायदा मिलेगा.

उन्होंने कहा, “मुझे उम्मीद है कि एक सुनियोजित और शानदार तैयारी के साथ न्यूजीलैंड टीम हमारे पास आएगी. उन्हें 2 टेस्ट खेलने के बाद निश्चित रूप से फायदा हुआ है इसलिए हमें उसके अनुकूल होना होगा.”

दूसरी तरफ, तेज गेंदबाज इशांत शर्मा ने कहा कि यह खिताबी मुकाबला विश्व कप के फाइनल जैसा है. दाएं हाथ के पेसर ने कहा, “यह काफी भावनात्मक यात्रा रही है, यह ऐसा आईसीसी टूर्नामेंट है जो 50 ओवर के वर्ल्ड कप फाइनल की तरह बड़ा है. विराट ने पहले भी कहा है कि यह एक महीने नहीं बल्कि लगातार 2 साल की मेहनत का नतीजा है. कोविड-19 के कारण नियमों में बदलाव के बाद हम दबाव में थे हमें काफी कड़ी मेहनत करनी थी. इंग्लैंड के खिलाफ 3-1 (या 2-0) से जीतना था.”

इसके अलावा इशांत ने आगामी फाइनल मैच के लिए गज़ब का प्लान भी तैयार किया है. उन्होंने कहा कि यहां अलग तरह से गेंदबाजी करनी होगी, क्योंकि यहां गेंद को स्विंग कराना काफी कठिन होता है. उन्होंने कहा, “भारत में गेंद जल्दी पुरानी होती है और रिवर्स स्विंग मिलती है, लेकिन यहां गेंद को स्विंग करने के लिए आगे टप्पा करना होगा. किसी को गेंद की चमक को बरकरार रखने की जिम्मेदारी लेनी होगी. अगर यह सही तरीके से हुआ तो तेज गेंदबाजों को मदद मिलेगी.”

दाएं हाथ के तूफानी गेंदबाज मोहम्मद शमी ने भी टीम के प्रदर्शन को याद करते हुए अपना हाल ए दिल बयां किया. शमी ने कहा, “हमारे लिए सबसे अच्छा पल ऑस्ट्रेलिया में आया, सीनियर गेंदबाजों की गैरमौजूदगी में युवाओं ने शानदार प्रदर्शन किया. यह भी सीखने की प्रक्रिया है और इससे आत्मविश्वास मिला. उन्होंने एक मानक स्थापित किया.”

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