भारत की तरफ से उप-कप्तान अजिंक्य रहाणे ने सबसे अधिक 49 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली

भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले जा रहे आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल के तीसरे दिन भारतीय टीम 217 रनों पर ढेर हो गई। भारत की तरफ से उप-कप्तान अजिंक्य रहाणे ने सबसे अधिक 49 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली, जबकि कीवी तेज गेंदबाज काइली जैमीसन ने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए पांच विकेट चटकाए। साउथेम्प्टन के रोज बाउल मैदान पर खेले जा रहे इस खिताबी मुकाबले के तीसरे दिन रहाणे अपने अर्धशतक से चूक गए। कीवी कप्तान केन विलियमसन ने शानदार रणनीति बनाकर रहाणे को वापस पवेलियन भेजा।

बता दें कि रहाणे शार्ट गेंद अच्छा खेलते हैं और वे इन गेंदों पर हुक और पुल शॉट बेहतरीन लगाते हैं, लेकिन रविवार को वे इसी गेंद पर आउट हो गए। भारतीय टीम के पूर्व महानतम बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण ने विलियमसन की शानदार कप्तानी की तारीफ की। वीवीएस लक्ष्मण ने स्टार स्पोर्ट्स पर बातचीत करते हुए रहाणे की कमजोरी पर बात की और इस दौरान उन्होंने सचिन तेंदुलकर की एक खास सलाह का जिक्र भी किया।

46 साल के पूर्व दाएं हाथ के बल्लेबाज ने कहा, “मैं हमेशा से केन विलियमसन की कप्तानी से काफी प्रभावित हुआ हूं। मुझे लगा कि अजिंक्य रहाणे पिच पर जम चुके हैं। वे बहुत अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे। वे दूसरे दिन के मुकाबले बेहतर स्थिति में नज़र आ रहे थे, लेकिन यह रहाणे की बल्लेबाजी का पैटर्न बन गया है। न्यूजीलैंड ने क्राइस्टचर्च में भी अजिंक्य रहाणे के विरुद्ध यही रणनीति बनाकर उन्हें आउट किया था। अब उन्हें इस बात को समझने की आवश्यकता है।”

लक्ष्मण ने आगे कहा, “आप नील वैगनर और केन विलियमसन के बीच हुई बातचीत को देखें। वहां पर पांचवीं गेंद तक कोई फील्डर नहीं खड़ा था। इसके बाद वहां और बैकवर्ड शॉर्ट-लेग पर भी फील्डर लगा दिया गया। ऐसे में रहाणे को पूरे मन से पुल शॉट खेलने के लिए उकसाया गया। रहाणे भी अपने इस शॉट से काफी निराश होंगे।”

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पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने सचिन तेंदुलकर की सलाह को याद करते हुए कहा, “मुझे याद है कि जब मैंने अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत की थी तो तेंदुलकर ने मुझे कहा था कि अगर आप कामयाब होना चाहते हैं तो आपको दो क्षेत्रों में सहज होने की जरूरत है।

उन्होंने कहा, “सबसे पहले आपको पता होना चाहिए कि आपका ऑफ स्टंप कहां हैं। आपको पता होना चाहिए कि गेंद जब ऐसी जगह पिच हो जहां समझना मुश्किल हो कि कैसे खेलना है, उसका सामना करना आपको आना चाहिए। दूसरा आपको बाउंसर को छोड़ना या डिफेंड करना भी आना चाहिए। विपक्षी टीम को पता है कि आप पुल या हुक शॉट अच्छा खेलते हैं तो वे काफी बाउंसर फेंकेंगे और फिर उसके अनुसार से ही फील्ड सजाएंगे।”