दिग्गज धावक मिल्खा सिंह के निधन के साथ ही एक युग के अंत पर देशवासियों ने शोक व्यक्त किया है।

दिग्गज धावक मिल्खा सिंह के निधन के साथ ही एक युग के अंत पर देशवासियों ने शोक व्यक्त किया है। मिल्खा सिंह ने चंडीगढ़ के पीजीआईएमईआर में शुक्रवार रात को आखिरी सांस ली। वे पिछले एक महीने से कोविड-19 के संक्रमण से जूझ रहे थे। पिछले ही हफ्ते उनकी पत्नी और भारतीय वॉलीबॉल टीम की पूर्व कप्तान निर्मल कौर का भी कोरोना वायरस के संक्रमण से निधन हो गया था। 91 साल के मिल्खा सिंह के निधन से खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग, कपिल देव, हरभजन सिंह सहित कई खेल सितारों ने उनके निधन पर शोक जताते हुए श्रद्धांजलि दी है।

भारतीय क्रिकेट टीम के महानतम बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने भी मिल्खा सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर लिखा, “फ्लाइंग सिख मिल्खा सिंह जी आपकी आत्मा को शांति मिले। आपके जाने से देश के दिल में एक खालीपन पैदा हो गया है। आप हमेशा ही आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देते रहेंगे।”

पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने भी मिल्खा सिंह को श्रद्धांजलि दी और ट्वीट में लिखा, “महान व्यक्ति मिल्खा सिंह हमें छोड़कर चले गए, लेकिन मिल्खा सिंह बहादुरी का सिंबल बनकर हमेशा हमारे दिल में जिंदा रहेंगे। वे क्या शख्सियत थे। मिल्खा सिंह के परिवार के साथ मेरी संवेदनाएं हैं।”

सचिन-सहवाग के अलावा केंद्रीय खेलमंत्री किरण रिजिजू ने भी मिल्खा सिंह के निधन पर शोक जताते हुए कहा कि वे उनकी आखिरी इच्छा जरूर पूरी करेंगे।” दरअसल, हाल ही में मिल्खा सिंह ने किरण रिजिजू से कहा था कि वे ओलंपिक में किसी एथलीट को मेडल जीतते हुए देखना चाहते हैं।

खेल जगत के इन खिलाड़ियों ने भी मिल्खा सिंह को श्रद्धांजलि दी-

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मिल्खा सिंह ने चार बार एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जिता था। उन्होंने 1958 राष्ट्रमंडल खेलों में भी पीला तमगा हासिल किया था। हालांकि, उनका सर्वोच्च प्रदर्शन साल 1960 के रोम ओलंपिक में था, जिसमें उन्होंने 400 मीटर फाइनल में चौथा स्थान हासिल किया था। इतना ही नहीं मिल्खा सिंह ने 1956 और 1964 ओलंपिक में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया था। साल 1959 में उन्हें पद्म श्री पुरुस्कार से सम्मानित किया गया था।