चलिए यह तो तय हो गया कि आईपीएल 2019 में पहला मैच 23 मार्च को सुपर किंग्स और रॉयल चैलेंजर्स के बीच खेला जाएगा। बोर्ड ने बड़ा इंतजार किया कि इस साल के आम चुनाव की तारीखें घोषित हो जाएं तो उसे देखकर आईपीएल कैलेंडर बनाएं पर टीमों को आईपीएल में एक शहर से दूसरे शहर जाने और ठहरने का इंतजाम करने में हो रही देरी को देखकर आखिरकार पहले दो हफ्ते का प्रोग्राम घोषित कर दिया। आगे कैलेंडर के लिए फिर से चुनाव की तारीखों का इंतजार है।

आईपीएल तो आम चुनाव से प्रभावित रहा है क्योंकि संयोग से आईपीएल के इतिहास के तीनों आम चुनाव का आईपीएल की तारीखों से टकराव रहा – इसलिए इंतजाम मुश्किल हो गया। 2009 का पूरा आईपीएल दक्षिण अफ्रीका ले गए, 2014 की आईपीएल के पहले 20 मैच यूएई में थे तथा अगले 36 और प्ले ऑफ मैच भारत में तथा इस बार तो हाल फिलहाल फैसला यही है कि पूरी आईपीएल भारत में होगी।

2009, 2014 और 2019 के आम चुनाव ने आईपीएल पर असर डाला – पर क्या इससे पहले के आम चुनाव भी क्रिकेट पर असर डालते रहे हैं?

1951-52: ये आम चुनाव 25 अक्टूबर 1951 से 21 फरवरी 1952 तक चले। इन चुनाव के दिनों में क्रिकेट चलती रही। निजेल हावर्ड की इंग्लिश टीम भारत में थी और 5 टेस्ट की सीरीज इन्हीं तारीखों के बीच में खेले। क्रिकेटरों को छूट दी थी कि वोट डालने अपने शहर जा सकते हैं।

देश नया-नया आजाद हुआ था। इसके बाद आम तौर पर बोर्ड की कोशिश यही रही कि कम से कम भारत में चुनाव की तारीखों से टकराव न हो। संयोग देखिए आईपीएल तीसरा आम चुनाव देखने वाली है और तीनों में चनुाव की तारीखों से टकराव। अन्यथा तो चुनाव की तारीखें भी बदलती रही हैं।

1957 में वोटिंग फरवरी से जून तक चली देश के अलग-अलग हिस्सों में और उन दिनों में भारत ने कोई सीरीज नहीं खेली। 1962 में चुनाव फरवरी में हुए और तब टीम नारी कांट्रेक्टर की कप्तानी में वेस्टइंडीज टूर पर थी। 1967 में वोटिंग फिर से फरवरी में थी और सीरिज वेस्टइंडीज की भारत में 1966-67 की सीरीज का प्रोग्राम ऐसा बनाया कि वोटिंग से पहले सीरीज खत्म।

1971 के चुनाव के वक्त टीम वेस्टइंडीज टूर पर थी। इंदिरा गांधी ने गजब की कामयाबी पाई और उधर भारत ने वेस्टइंडीज में पहली बार टेस्ट और सीरीज जीती। एक कमेंटेटर ने क्रिकेट की जीत को राजनीतिक लहर से जोड़ दिया था। 1977 में चुनाव मार्च में हुए और इंग्लैंड के विरुद्ध सीरीज उससे कुछ पहले ख़त्म हो गई थी।

1980 में चुनाव 3 और 6 जनवरी को थे। पाकिस्तान टीम भारत में थी। प्रोग्राम ऐसा बनाया कि कानपुर टेस्ट 30 दिसंबर को ख़त्म और चेन्नई में अगला टेस्ट 15 जनवरी से। ऐसा ही 1984 में किया। फ़िरोज़शाह कोटला टेस्ट 17 दिसंबर को ख़त्म और कोलकाता में अगला टेस्ट 31 दिसंबर से। तब मेहमान डेविड गावर की इंग्लिश टीम थी।

1989 में वोटिंग 22 और 26 नवंबर को थी। भारत की टीम ने पाकिस्तान टूर में इन दोनों दिन क्रिकेट नहीं खेली ताकि क्रिकेटर वोट दे सकें – फैसलाबाद टेस्ट से जुड़े थे ये दोनों दिन। 1991 में टकराव से बच गए। 1996 में अप्रैल-मई की वोटिंग के बाद टीम इंग्लैंड टूर पर गई जबकि 1998 में 28 फरवरी को वोटिंग खत्म होने के बाद ऑस्ट्रेलिया ने 6 मार्च से खेलना शुरू किया। यही बात 1999 में हुई। वोटिंग 3 अक्टूबर को खत्म हुई और न्यूजीलैंड के विरूद्ध भारत में सीरीज 10 अक्टूबर से शुरू हुई। 2004 में टीम पाकिस्तान में थी पर वोटिंग से पहले लौट आई थी।

इस बार आईपीएल के बीच में चुनाव वास्तव में आए तो क्या क्रिकेटर वोट दे पाएंगे?

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