सीनियर भारतीय ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह टीम इंडिया के लिए खेलने वाले सबसे सफल गेंदबाजों में से एक हैं. लेकिन फॉर्म में आई गिरावट और बाकी गेंदबाजों के बेहतर प्रदर्शन के चलते वह 2012 से भारतीय टीम का नियमित हिस्सा नहीं हैं. हालांकि पाकिस्तान के दिग्गज ऑफ स्पिनर सकलैन मुश्ताक का मानना है कि उन्हें यकीन है कि अगर हरभजन नियमित रूप से खेलते रहते तो वह 700 टेस्ट विकेट ले चुके होते.

सकलैन मुश्ताक ने कहा कि वह हरभजन सिंह को भारतीय टीम से ड्रॉप किए जाने से हैरान थे. उन्होंने यह भी कहा कि रविचंद्रन अश्विन और हरभजन सिंह की गेंदबाजी का स्टाइल काफी अलग है वे दोनों साथ खेल सकते हैं. उन्होंने सवाल किया कि जब दो दाएं हाथ के तेज गेंदबाज एक साथ खेल सकते हैं, तो दो दाएं हाथ के स्पिनर साथ क्यों नहीं खेल सकते. मुश्ताक ने आगे कहा कि हरभजन के पास क्लास थी वह कम से कम 700 टेस्ट विकेट लेते.

हरभजन सिंह की जगह रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा के टीम में शामिल किए जाने के पीछे कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का भी हाथ था. हर कप्तान की अलग सोच होती है और वह उसी हिसाब से खिलाड़ियों को चुनता है. 2011 वर्ल्ड कप के बाद भारतीय टीम में स्पिन गेंदबाजी को लेकर सोच में बदलाव देखा गया. रविचंद्रन अश्विन शानदार गेंदबाजी कर रहे थे और ऐसे में हरभजन की जगह टीम में स्थायी नहीं रही. साल 2012 के बाद से पंजाब के इस ऑफ स्पिनर ने सिर्फ पांच टेस्ट मैच खेले हैं.

सकलैन ने भारतीय टीम के मौजूदा स्पिनर्स रविचंद्रन अश्विन, रवींद्र जडेजा और कुलदीप यादव के बारे में भी अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि जडेजा और अश्विन दोनों 100 टेस्ट मैच खेल सकते हैं. उन्होंने कहा, “भारत में बहुत अच्छी क्वॉलिटी के स्पिनर्स हैं. कुलदीप ने अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया है. अश्विन और जडेजा नियमित तौर पर अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं. वे विश्व स्तरीय गेंदबाज हैं. मुझे यकीन है कि अश्विन और जडेजा 100 टेस्ट मैच खेलेंग.”

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