आर अश्विन के इस सर्वश्रेष्ठ के लिए उन्हें मैन ऑफ द सीरीज के अवॉर्ड से नवाजा गया था।

भारतीय टीम के दिग्गज ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने इंग्लैंड के विरुद्ध खेली गई चार मुकाबलों की टेस्ट सीरीज में बेहतरीन प्रदर्शन किया था। भारत ने मेहमान टीम को इस सीरीज में 3-1 से करारी शिकस्त दी थी। आर अश्विन ने टीम इंडिया की इस बड़ी जीत में बल्ले और गेंद दोनों से महत्वपूर्ण योगदान दिया था। उनके इस सर्वश्रेष्ठ के लिए उन्हें मैन ऑफ द सीरीज के अवॉर्ड से नवाजा गया था।

रविचंद्रन अश्विन के टेस्ट क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन को देखते हुए ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि उन्हें सीमित ओवर प्रारूप में भी मौका दिया जा सकता है, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। अब अश्विन ने खुद इस मुद्दे पर अपनी राय दी है। 34 साल के भारतीय स्पिनर ने इंडिया टुडे से बातचीत करते हुए कहा, ”अकसर लोग कहते हैं कि ‘आपको खुद से प्रतिस्पर्धा करने की आवश्यकता है।’ मैंने निश्चित रूप से संतुलन पाया है और जीवन में यह सीखा है कि मुझे खुद से कैसे प्रतिस्पर्धा करनी चाहिए और जब मैं ऐसा करता हूं तो मुझे पूर्ण शांति चाहिए होती है।”

अश्विन ने आगे कहा, ”जब भी मेरे वनडे टीम में वापसी या टी20 टीम में वापसी या फिर सफेद गेंद के सपनों को लेकर सवाल पूछा जाता है तो मुझे वास्तव में इन प्रश्नों पर हंसी आती है। मैं जीवन में जो भी कर रहा हूं उससे मैं बहुत संतुष्ट और खुश हूं। लोगों को क्या सवाल पूछना, उनकी क्या राय है, मैं इसके बारे में सोचकर चिंतित नहीं हूं। फिलहाल मैं ये सोचता हूं कि मैं जितनी भी बार मैदान में खेलने के लिए जाऊं, वहां से अपने चेहरे पर एक मुस्कान के साथ वापस आऊं।”

गौरतलब है कि रविचंद्रन अश्विन ने इंग्लैंड के विरुद्ध हाल ही में संपन्न टेस्ट सीरीज में 4 मुकाबलों की आठ पारियों में 14.71 के औसत से 32 विकेट चटकाए थे। वहीं, उन्होंने बल्लेबाजी करते हुए 189 रन बनाए थे। इससे पहले अश्विन ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में तीन मुकाबलों में 12 विकेट लिए थे और 78 रन बनाए थे।

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