Rohit Sharma Crictoday
क्या रोहित शर्मा की जाने वाली है कप्तानी और होने वाला है करियर खत्म?

क्या अब यह मान लेना चाहिए कि रोहित शर्मा के करियर का सूरज ढलने की ओर है। टी20 क्रिकेट का नया कप्तान टीम इंडिया में चुने जाने और अच्छा परिणाम निकलकर सामने आने के बाद तो यही कयास लगाए जा रहे हैं। वैसे भी टी20 वर्ल्डकप के सेमीफाइनल में इंग्लैंड के हाथों 10 विकेट से बुरी तरह पराजय झेलने के बाद हर तरफ से यही आवाज उठ रही थी कि रोहित शर्मा से टीम की कमान छीन लेनी चाहिए। हालांकि, इस पर विचार-विमर्श और चर्चाएं बहुत तेजी से जारी हैं। टी20 विश्व कप के बाद न्यूजीलैंड दौरे में रोहित को आराम देकर और टी-20 में हार्दिक पंड्या को कप्तान बनाकर इसके काफी कुछ संकेत भी दे दिए गए। फिलहाल, बांग्लादेश दौरे के लिए रोहित शर्मा को ही वनडे और टेस्ट का कप्तान बनाया गया है लेकिन वो कितने वक्त तक कप्तान के रूप में बने रहते हैं, ये तो आने वाला वक्त ही बता पाएगा।

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पूर्व खिलाड़ी भी हिटमैन के पक्ष में नहीं

इंग्लैंड के हाथों टी-20 वर्ल्डकप के सेमीफाइनल में बुरी तरह पराजय झेलने के बाद इंग्लैंड के पूर्व स्पिन गेंदबाज मोंटी पनेसर ने कहा था कि भारत ने बुरी तरह निराश किया। मुझे लगता है कि रोहित जैसे दिग्गज खिलाड़ियों को अब संन्यास ले लेना चाहिए। उनकी कप्तानी में कहीं से भी ये नहीं लगा कि वो मैच जीतने का प्रयास कर रहे थे। उन्होंने कुछ गलतियां कीं, जिसका भारी खमियाजा टीम को उठाना पड़ा। टीम इंडिया के पूर्व कोच रवि शास्त्री भी रोहित शर्मा की बजाए हार्दिक पंड्या को बेहतर कप्तान बता रहे हैं। सुनील गावस्कर और वीवीएस लक्ष्मण की भी यही राय है कि टी-20 की कप्तानी अब पूर्ण रूप से हार्दिक को ही सौंप दी जानी चाहिए। भारत के पूर्व क्रिकेटर और चयन समिति के पूर्व अध्यक्ष कृष्णमाचारी श्रीकांत ने भी रोहित शर्मा की जगह टी-20 में हार्दिक को ही पूर्ण रूप से कप्तान घोषित करने की बात कही थी। वेस्टइंडीज के पूर्व तेज गेंदबाज इयान बिशप भी इशारों-इशारों में कह चुके हैं कि भारत में उपलब्ध प्रतिभाओं के साथ चयनकर्ताओं को भविष्य में भारतीय टीम में सही खिलाड़ियों का चयन करते समय सही विकल्प चुनने की आवश्यकता है। अतुल वासन ने भी बीते दिनों कहा था कि रोहित तो रिमोट कप्तान थे। उनके फैसले तो टीम मैनेजमेंट ले रहा था। उन्होंने यह भी कह डाला था कि कप्तान के तौर पर रोहित का करियर अब खत्म हो चुका है।

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हार्दिक को टी20 कप्तान बनाए जाने पर रोहित को आपत्ति नहीं

भारतीय टीम में बदलाव की शुरुआत हो चुकी है। बीसीसीआई ने रोहित को आराम देकर पांड्या को कप्तान के रूप में खड़ा किया और न्यूजीलैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ उन्होंने खुद को साबित भी कर दिया है। सूत्रों की मानें तो रोहित शर्मा को टी-20 की कप्तानी से हटने का कोई मलाल नहीं होगा। उन्हें हार्दिक पांड्या को इस फटाफट क्रिकेट का कप्तान बनाए जाने पर आपत्ति नहीं है। एक वेबसाइट ने बोर्ड के विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से बताया कि रोहित टी-20 में पंड्या की कप्तानी से बेहद खुश हैं। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के एक शीर्ष अधिकारी ने रोहित शर्मा से इस बाबत बात की थी और वह भी इसे छोड़ने को लेकर सहज हैं। रोहित भी मान चुके हैं कि उन पर क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट की कप्तानी का अत्यधिक भार है। ऐसे में एक प्रारूप से कप्तानी छोड़ने के बाद वह टेस्ट और वनडे पर ज्यादा ध्यान केंद्रित कर पाएंगे। नए टी-20 कप्तान के रूप में हार्दिक पांड्या की घोषणा नई चयन समिति की नियुक्ति के बाद ही तय होनी सुनिश्चित की जाएगी। सूत्रों का यह भी कहना है कि रोहित एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों और टेस्ट में कप्तानी जारी रखेंगे। श्रीलंका के खिलाफ सीरीज से पहले हार्दिक को आधिकारिक तौर पर टी-20 का कप्तान घोषित किया जाएगा।

रिटायरमेंट का वक्त भी आ रहा है करीब

30 अप्रैल 1987 को नागपुर में पैदा हुए रोहित शर्मा उम्र के 35वें पड़ाव को पार कर चुके हैं। एक वक्त था, जब वो शॉर्ट बॉल खेलने में इस तरह माहिर थे कि अगर उन्हें सोते से भी उठा लाया जाए तो वह शॉर्ट बॉल पर छक्का मार सकते हैं। हालांकि, बढ़ती उम्र की वजह से वह ना तो पहले की तरह फुर्तीले नजर आते हैं और ना अच्छे शॉट्स लगाते हुए देखे जाते हैं। जिन शॉट्स पर वो पहले छक्के-चौके लगाते थे, अब वो उन पर पवेलियन लौटते हुए दिखते हैं। वह इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के पिछले 6 सीजन से भी पूरी तरह से फ्लॉप ही साबित हुए हैं। अगर द हिटमैन के पिछले 5 साल के आंकड़ों पर गौर करें तो उनका प्रदर्शन बेहद फीका ही रहा है और उनका स्ट्राइक रेट महज 30 के करीब ही दिखा है। 5 बार की आईपीएल चैंपियन मुंबई इंडियंस के लिए खेलते हुए 2017 में उन्होंने 23.78 के औसत से 333 रन, 2018 में 23.83 के औसत से 286 रन। 2019 में 28.92 के औसत से 405 रन, 2020 में 27.66 के औसत से 332 रन, 2021 में 29.30 के औसत से 381 रन और 2022 में 19.14 के औसत से 268 रन बनाए हैं। वनडे में रोहित के बीती 3 सीरीजों के प्रदर्शन को देखें तो इंग्लैंड के खिलाफ 2 सीरीज और विंडीज के खिलाफ एक सीरीज के कुल 9 मैचों में उन्होंने सिर्फ 2 पचासे लगाए हैं। उन्होंने 29 के स्ट्राइक रेट से 261 रन ही बनाए हैं। पिछले 10 टी-20 मैचों की नौ पारियों में उनका प्रदर्शन देखें तो वो भारत के हर क्रिकेट प्रेमी को निराश ही करेगा। उन्होंने हाल ही में ऑस्ट्रेलिया में खत्म हुए टी-20 वर्ल्डकप में महज एक पचासा वो भी नीदरलैंड्स के खिलाफ ही जड़ा है। वह कुल 9 पारियों में कुल 134 रन बना पाए हैं। इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि टी-20 में उनका प्रदर्शन कितना नीचे गिरता जा रहा है।

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