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World Cup 2023: विश्व कप के साल में स्पांसर नई परेशानी बन रहे हैं BCCI के लिए?

टीम इंडिया (India) और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के लिए 2023 (Year 2023) बड़ा ख़ास है, क्योंकि ये 50 ओवर वर्ल्ड कप (ICC World Cup 2023) का साल है। टीम को ग्राउंड पर बेहतर प्रदर्शन करना है, तो बीसीसीआई को ग्राउंड के बाहर, एक बेहतर आयोजक के तौर पर, जिसमें नजर बड़े मुनाफे पर भी है। क्या ऐसा हो पाएगा? जैसे-जैसे वर्ल्ड कप के दिन नजदीक आ रहे हैं, हालात बीसीसीआई का साथ देते नजर नहीं आ रहे और देश में बना हुआ मंदी का माहौल भी इसके लिए बहुत कुछ जिम्मेदार है। अब देखिए स्टार इंडिया, जिनके पास भारत के घरेलू क्रिकेट सीजन के मीडिया अधिकार हैं, ने बीसीसीआई से मौजूदा सौदे में 130 करोड़ रुपये की छूट मांगी है, जबकि जर्सी स्पांसर बायजू ने बोर्ड को कहा है कि कॉन्ट्रैक्ट के बकाया पैसे की वसूली में वे लगभग 140 करोड़ रुपये बैंक गारंटी भुगतान से ले लें। अब इन दोनों मसलों को अलग-अलग देखते हैं :

स्टार इंडिया ने मांगी 130 करोड़ रुपये की छूट: स्टार ने 2018-2023 के सालों के लिए भारत के इंटरनेशनल और घरेलू क्रिकेट अधिकार खरीदे थे 6138.1 रुपये में, इसी में वे लगभग 130 करोड़ रुपये की छूट मांग रहे हैं। आम तौर पर इस खबर को सही तरह से समझा नहीं गया। स्टार ने न तो कोई डिस्काउंट मांगा है और न ही पैसा माफ़ करने के लिए कहा है।

असल में 2018-2023 के सालों के उनके कॉन्ट्रैक्ट के बीच में ही कोविड ने पूरी दुनिया को अपनी चपेट में लिया और इसी से क्रिकेट कैलेंडर भी बिगड़ा। कुछ मैचों का प्रोग्राम भी बदला और स्टार का कहना है कि कॉन्ट्रैक्ट की शर्तों के मुताबिक़ हर मैच की जो तय कीमत है, उसे नए कैलेंडर पर लागू कर, नई रकम की गिनती की जाए (जो मैच 2020 में खेलने थे वे अगर 2022 में खेले तो इसमें स्टार की क्या गलती, इसलिए उन मैचों की कीमत 2020 के लिए तय दर से लें न कि 2022 की दर से), उनके अनुसार, ये पहले तय हुई रकम से लगभग 130 करोड़ रुपये कम बनती है। बीसीसीआई ने अभी तक इस नई गिनती को मंजूरी नहीं दी है।

इतने बड़े कॉन्ट्रैक्ट में ये कोई बहुत बड़ी रकम नहीं। बीसीसीआई को ज्यादा परेशानी, इस खबर से पैदा हुई गलतफहमी पर है, क्योंकि इससे बाजार में एक गलत संदेश जा रहा है। ये गलतफहमी बड़े गलत वक्त पर बनी, मीडिया अधिकार का मौजूदा राउंड इस साल मार्च में ही तो खत्म हो रहा है और बीसीसीआई अगले पांच साल के राउंड के लिए मीडिया अधिकार बेचने की तैयारी कर रहा है। आईपीएल के मीडिया अधिकारों की 48,390 करोड़ रुपये की चौंका देने वाली बिक्री को देख कर बीसीसीआई एक और बड़ी बिक्री पर नजर लगाए हुए है।

ये लगभग तय है कि इस बार रकम 2018-2023 के सालों के लिए मिले 6138.1 करोड़ रुपये से ज्यादा ही होगी और ऐसे में बीसीसीआई की कोशिश है कि किसी भी स्पांसर के साथ कोई विवाद न हो। उससे पहले, जब महिला आईपीएल के मीडिया अधिकार बेचेंगे, तो उसी से पता चल जाएगा कि बाजार भाव क्या है?

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जर्सी स्पांसर पर ‘कोविड’ का असर: आम तौर पर, धारणा ये है कि कोविड ने व्यापार पर असर डाला और कोविड के कारण कमाई गिरी। टीम इंडिया के जर्सी स्पांसर बायजू (कॉन्ट्रैक्ट की रकम : लगभग 35 मिलियन अमरीकी डालर) का मामला उल्टा है। कोविड में ऑन लाइन क्लास ने बैजू के व्यापार को नई बुलंदी पर पहुंचाया और उसी दौर में उन्होंने न सिर्फ क्रिकेट, कुछ और स्पांसरशिप कॉन्ट्रैक्ट भी कर लिए। आज हालत ये है कि स्कूल-कॉलेज खुलने से ऑनलाइन क्लास के लिए रजिस्ट्रेशन बुरी तरह गिर रहा है और उसी हिसाब से आने वाली फीस गिर रही है, नतीजा वे कॉन्ट्रैक्ट की शर्तों के हिसाब से पैसा नहीं दे पा रहे।

भारत के टी20 वर्ल्ड कप से बाहर होते ही बायजू ने बीसीसीआई से उनका कॉन्ट्रैक्ट बीच में ही रोकने का अनुरोध किया था। बीसीसीआई ने, किसी न किसी तरह, उन्हें मना लिया कि वे जुड़े रहें और कॉन्ट्रैक्ट की नई तारीख मार्च 2023 तय कर दी। अब बायजू, इससे ज्यादा साथ रहने के लिए तैयार नहीं और मार्च 2023 तक के अपने हिसाब को फाइनल करते हुए बीसीसीआई से कहा कि जो बैंक गारंटी, उनके पास ‘गारंटी’ के तौर पर पड़ी है- उसका पैसा बैंक से क्लेम कर लें।

ये ठीक है कि लगभग 140 करोड़ रुपये बीसीसीआई को बैंक गारंटी से मिल सकते हैं पर आपको बता दें कि बैंकिंग में, बैंक गारंटी का भुगतान लेना कतई अच्छा नहीं माना जाता- ये कंपनी की गिरती साख और उनकी तंग आर्थिक हालत की मिसाल है। बायजू जो पहले से, खर्चा कम करने के लिए, अपने 50,000 के वर्क फ़ोर्स में से लगभग 2500 स्टॉफ को निकालने की बदनामी झेल रहे हैं, अब खुद कह रहे हैं कि बैंक गारंटी का पैसा ले लो। इस बात की क्या गारंटी कि बैंक इसका पैसा दे देगा?

बीसीसीआई ने पिछले 6 महीनों में अपने स्पांसर के तौर पर तीन बड़ी कंपनियों को गंवा दिया है PayTM, जिसके पास घरेलू सीजन के लिए टाइटल अधिकार थे वे चले गए और मास्टरकार्ड ने उनकी जगह ली, टीम किट और मर्चेंटाइज स्पांसर एमपीएल ने साथ छोड़ा और केकेसीएल को अपने अधिकार दे दिए। अब बायजू जा रहे हैं। वर्ल्ड कप के साल में ये कोई अच्छी खबर नहीं।

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