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क्या ऋषभ पंत चल पड़े हैं अपने आइडल एडम गिलक्रिस्ट की राह पर?

क्रिकेट जगत में, जब भी एक खतरनाक विकेटकीपर बल्लेबाज का जिक्र हो तो यकायक ही ऑस्ट्रेलिया के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज एडम गिलक्रिस्ट का नाम स्वतः ही मुंह से निकल जाता है। एडम गिलक्रिस्ट को सर्वकालिन महान विकेटकीपर बल्लेबाज के रूप में जाना जाता है, जो अपनी जबरदस्त विकेटकीपिंग के साथ ही एक विस्फोटक बल्लेबाज हुए हैं।

एडम गिलक्रिस्ट, जैसा बनना किसी के लिए भी आसान नहीं है, लेकिन भारतीय टीम की युवा सनसनी ऋषभ पंत ऐसा ही कुछ करते नजर आ रहे हैं। भारत के 24 वर्षीय विकेटकीपर की बल्लेबाजी में एडम गिलक्रिस्ट, जैसी झलक दिखाई देती है, जो मैच की किसी भी परिस्थिति में अपने स्वाभाविक अंदाज में ही बल्लेबाजी कर रहे हैं।

दिल्ली के ये युवा खिलाड़ी अपने बचपन से ही ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज खिलाड़ी एडम गिलक्रिस्ट को आइडल मानते हैं। पंत भी गिलक्रिस्ट की तरह एक बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं। उनके खेलने का अंदाज भी कंगारू दिग्गज से मिलता-जुलता है, जिस तरह से गिलक्रिस्ट शुरू से ही आक्रमक रवैये को अपनाते थे, उसी तरह से पंत भी खेलते हुए दिख रहे हैं।

ऐसे में चर्चा शुरू हो गई है कि क्या ऋषभ पंत भी भारत के लिए एडम गिलक्रिस्ट की तरह साबित होंगे। हाल के कुछ सालों में, जिस तरह से ऋषभ पंत का खेल दिखा है, उसके बाद से तो दिग्गजों ने भी उनकी तुलना ऑस्ट्रेलियाई महान विकेटकीपर के साथ करना शुरू कर दिया है।

पिछले ही दिनों ऋषभ पंत ने इंग्लैंड के खिलाफ मुश्किल परिस्थियों में शानदार टेस्ट शतक जड़ा था, जिसके बाद अब ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज कप्तान रिकी पोंटिंग के साथ ही भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाजी कोच संजय बांगड़ ने ऋषभ पंत को गिलक्रिस्ट, जैसा करार दिया है, जिसके बाद क्रिकेट के गलियारों में एक नई चर्चा चल पड़ी है।

ऋषभ पंत का खेल सीमित ओवर के क्रिकेट के लिहाज से तो बहुत ही सही है, लेकिन क्रिकेट पंडितों ने उनके टेस्ट क्रिकेट में सफल होने के बारे में सोचा नहीं था, लेकिन जिस तरह से उन्होंने पिछले कुछ सालों में टेस्ट क्रिकेट में निचले क्रम पर अपने बल्ले से जो योगदान दिया है, वो अपने आप में बहुत ही खास रहा है।

भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट में महेन्द्र सिंह धोनी के संन्यास के बाद रिद्धीमान साहा लगातार विकेट के पीछे की जिम्मेदारी को संभालते रहे। उस दौरान पंत के टेस्ट में आसार बहुत कम नजर आ रहे थे, लेकिन एक बार साहा को चोट लगने के बाद इस युवा खब्बू बल्लेबाज को जो मौका मिला, उन्होंने हर किसी के मन में गहरी छाप छोड़ी।

अपने चिर परिचित अंदाज में खेलने के लिए पहचाने जाने वाले पंत ने इसके बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा। भारत में तो उन्होंने जबरदस्त खेल का प्रदर्शन किया ही है, लेकिन सबसे ज्यादा प्रभाव तो उन्होंने दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड की पिचों पर अपनी बल्लेबाजी से छोड़ा है। इन देशों की तेज कंडिशन में भारत के लिए ये युवा बल्लेबाज कई बार जीत का मुख्य कारण बना।

पंत लगातार शानदार बल्लेबाजी कर रहे हैं। गिलक्रिस्ट की तरह ही नंबर 6 और 7 पर उतरते हुए बहुत ही आक्रमक बल्लेबाजी का खेल दिखा रहे हैं। वैसे तो एशिया की तरफ से टेस्ट क्रिकेट के लिहाज से कुमार संगकारा का बतौर विकेटकीपर बल्लेबाज कोई जवाब नहीं रहा है, लेकिन भारत का ये बाएं हाथ का विकेटकीपर बल्लेबाज मौजूदा दौर में इन देशों में सबसे बेहतरीन बल्लेबाज के रूप में कहे तो गलत नहीं होगा।

ऋषभ पंत के टेस्ट क्रिकेट के आंकड़ों पर नजर डालें तो उन्होंने अब तक 31 टेस्ट मैच खेले हैं, जिसमें 43.32 की औसत से 2123 रन बनाए हैं, जिसमें उन्होंने 5 शतक तो 10 अर्धशतक जड़े हैं। इस दौरान सबसे खास बात ये है कि उन्होंने ज्यादातर रन ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ बनाए हैं। भारतीय टीम के लिए पंत लगातार बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं, जिससे अब उनमें ऑस्ट्रेलिया के पूर्व महान विकेटकीपर बल्लेबाज एडम गिलक्रिस्ट का अक्स दिखने लगा है, जिसके बाद अब कहीं ना कही ये भी कहा जा सकता है कि पंत अपने आइडल गिली की राह पर चल पड़े हैं।

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