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हार्दिक और पंत की मौजूदा फॉर्म टीम इंडिया को दिलाएगी टी20 विश्व कप 2022 का खिताब?

अब ये कहना गलत नहीं होगा कि टीम इंडिया को किसी भी तरह की क्रिकेट में कोई टाइटल जीतना है तो टीम बल्लेबाजी में, सिर्फ रोहित शर्मा और विराट कोहली पर निर्भर नहीं है। ये दोनों अभी भी टीम में हैं पर साथ में हार्दिक पांड्या और ऋषभ पंत भी हैं जो मुश्किल में फंसी बाजी को जीत में बदल सकते हैं। अब इग्लैंड टूर में ओल्ड ट्रैफर्ड के तीसरे वन डे इंटरनेशनल को ही ले लीजिए- भारत की जीत में हार्दिक पांड्या ने 24 रन देकर 4 विकेट लिए और 71 रन बनाए जबकि पंत ने नाबाद शतक (125) बनाया और जब भारत ने मैच जीता तो उनके हिस्से की 47 गेंद बची थीं। हार्दिक पांड्या और ऋषभ पंत एमिरेट्स ओल्ड ट्रैफर्ड में फॉर्म में थे और पांच विकेट की जीत से सीरीज में 2-1 से फतह हासिल की।

पंत और पांड्या ने मिलकर इंग्लैंड से मैच छीन लिया और पांचवें विकेट के लिए 115 गेंदों पर 133 रन जोड़े। इस जीत का सबसे बड़ा सन्देश ये है कि टीम के टॉप आर्डर के बल्लेबाजों की नाकामी के बावजूद टीम में मुकाबला ख़त्म नहीं होता। यही जलवा इंग्लैंड के एक टूर में, कुछ साल पहले युवराज सिंह और मोहम्मद कैफ ने दिखाया था और भारत को दो स्टार क्रिकेटर मिले थे। इन दोनों की मौजूदा फॉर्म टीम के लिए बोनस है और अगर दोनों, यही फार्म बरकरार रख पाए तो टी 20 वर्ल्ड कप के लिए टीम इंडिया को वह संतुलन मिल जाएगा, जिसकी सख्त जरूरत है ।

स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या और विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत, टी 20 वर्ल्ड कप में भारत के लिए प्रभावशाली खिलाड़ी साबित होने के लिए तैयार हैं। पांड्या की एक गेंदबाज के रूप में भूमिका उनकी फिटनेस के कारण, एक सवाल बनी हुई थी। ऐसे में पांड्या ने पहले आईपीएल और अब इंग्लैंड टूर में दिखा दिया कि वे फिट हैं और टीम के स्ट्राइक गेंदबाज हैं। पांड्या के खेलने से टीम को न सिर्फ एक स्ट्राइक गेंदबाज मिल जाता है, टीम की निचले क्रम में एक बेहतर बल्लेबाज की जरूरत भी पूरी हो जाती है।

टीम मैनेजमेंट ने बार-बार टीम के सही संतुलन के लिए उनकी गेंदबाजी के महत्व पर जोर दिया- अब वही कमी पूरी हुई है। एक ही टेस्ट, वन डे इंटरनेशनल और टी 20 इंटरनेशनल में 50+ रन और 4 विकेट का रिकॉर्ड अब पांड्या के नाम पर भी है- इससे पहले ये रिकॉर्ड सिर्फ मोहम्मद हफीज के नाम था।बस अब उन्हें सपोर्ट की जरूरत है ताकि टीम में अपनी जगह की चिंता किए बिना सही फार्म में खेलें ।

ये तो सब जानते हैं कि ऋषभ पंत गेम-चेंजर हैं पर ख़ास तौर पर वाइट बॉल क्रिकेट में उनके खेलने की स्टाइल को शक के दायरे में देखा जा रहा था। वह एक ऐसे बल्लेबाज हैं जो फौरन मैच का रंग बदल सकते हैं। ओल्ड ट्रेफर्ड में उनकी बल्लेबाजी देखकर किसी को भी ये अहसास नहीं हुआ कि वन डे इंटरनेशनल में रन चेज में पंत ने इससे पहले कभी 35 का स्कोर भी नहीं बनाया था। क्या अब ये बात कोई कम है कि एक विकेटकीपर द्वारा टेस्ट और वन डे दोनों में, इंग्लैंड में इंग्लैंड के विरुद्ध,100 सिर्फ एडम गिलक्रिस्ट और ऋषभ पंत के नाम है।

ये पांड्या और पंत दोनों के इंटरनेशनल करियर के शुरुआती साल हैं, पांड्या अगर 29 साल के भी नहीं तो पंत 25 साल के भी नहीं हैं। दोनों के पास सब है: पॉवर, बैलेंस और रेंज और किसी भी तरह के गेंदबाज के खिलाफ कोई कमजोरी नहीं। दोनों को बेशक, आने वाले सालों में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है जैसे शार्ट बॉल के विरुद्ध कमजोरी या फिटनेस और या फिर अपने विकेट की कीमत न समझ कर, एक दम जोश में कोई गलत स्ट्रोक लगाना। इसी पर काबू किया तो ऑस्ट्रेलियाई पिचों पर इन दोनों की क्रिकेट देखने वाली होगी।

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