dravid ganguly laxman crictoday
क्या सौरव गांगुली, राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण मिलकर कर रहे हैं भारतीय क्रिकेट को बर्बाद?

विश्व क्रिकेट में 2 दशक में भारतीय क्रिकेट का ग्राफ तेजी के साथ आगे आया है। एक तरह से इन दो दशकों में भारतीय क्रिकेट की तस्वीर ही बदल गई है। पिछले कुछ सालों में भारत ने क्रिकेट जगत को एक से एक प्रतिभा दी है। भारतीय क्रिकेट के गलियारों में कई छुपी प्रतिभा सामने आई हैं, जिसने अपने आपको साबित करने में कोई कमी नहीं रखी है।

आज वर्तमान दौर में भारतीय क्रिकेट टीम का विश्व क्रिकेट में एक अच्छा वर्चस्व स्थापित होता जा रहा है, जिससे टीम इंडिया के क्रिकेट का भविष्य काफी अच्छा दिख रहा है। क्रिकेट जगत के कई दिग्गज भारत के क्रिकेट सर्किट में आ रही युवा प्रतिभा का लोहा मान रहे हैं।

भारतीय क्रिकेट की बागडौर आज पूरी तरह से भारत के 3 महान क्रिकेटर रहे सौरव गांगुली, राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण के हाथों में आ चुकी है, जब से एक के बाद एक ये तीनों ही दिग्गज टीम इंडिया के साथ किसी ना किसी तरह से जुड़े तो एक अलग ही भरोसा जग गया है कि इन दिनों दिग्गजों की देखरेख में भारतीय क्रिकेट टीम विश्व क्रिकेट की सबसे बड़ी पावर हाउस बन जाएगी।

सौरव गांगुली तो भारतीय क्रिकेट बोर्ड के आका ही बन गए, जिनके आने के बाद इंडियन क्रिकेट में बदलाव की एक जबरदस्त बहार आई। सौरव गांगुली के बाद पिछले ही साल राहुल द्रविड़ टीम के साथ मुख्य कोच के रूप में जुड़े। राहुल द्रविड़ के बाद वीवीएस को प्रतिभा तराशने का काम मिला। यानी लक्ष्मण को नेशनल क्रिकेट अकादमी का मुख्य बनाया गया। भारत के इन 3 सबसे बड़े खिलाड़ियों के एक साथ काम करने के बाद उम्मीदों को नए पंख लग गए।

इन तमाम उम्मीदों और भरोसे के बीच भारत के इन 3 दिग्गजों की रणनीति कुछ समझ से परे दिख रही हैं। इन्हें भारत की भविष्य की एक जबरदस्त टीम तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई हैं, लेकिन इनकी योजनाएं कुछ ऐसी नजर आ रही हैं, जिससे भारतीय क्रिकेट बर्बादी की तरफ भी जा सकती है।

आपको बर्बादी का ये शब्द पढ़कर काफी हैरानी हो रही होगी, लेकिन यहां हम इसका पूरा आकलन करने जा रहे हैं। क्या भारतीय क्रिकेट को सौरव गांगुली, राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण बर्बाद कर देंगे?  ये सवाल हम ऐसे ही नहीं उठा रहे हैं, बल्कि इसके पीछे कुछ वजह भी साफ तौर पर नजर आने लगी हैं।

सौरव गांगुली एक क्रांतिकारी सोच के व्यक्ति हैं, जो लगातार बदलाव की कोशिश करते हैं, राहुल द्रविड़ में किसी भी खिलाड़ी की प्रतिभा को देखने का खास हुनर है। तो साथ ही वीवीएस लक्ष्मण भी प्रतिभा खोज में किसी से कम नहीं हैं, लेकिन भारत में पिछले कुछ समय से कई युवा खिलाड़ी लगातार सामने आ रहे हैं, लेकिन उन्हें वो मौका नहीं मिल पा रहा है, जो मिलना चाहिए।

विश्व क्रिकेट की कुछ बड़ी टीमों में शुमार ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के अलावा बाकी की टीमें भी नए चेहरों को मौका देने में बिल्कुल भी नहीं हिचकिचाती है, लेकिन भारतीय क्रिकेट में युवा खिलाड़ियों के साथ छलावा होता दिख रहा है।

आईपीएल के साथ ही घरेलू क्रिकेट में एक से एक प्रतिभा सामने आ रही हैं। जिन्हें अलग-अलग फॉर्मेट में अजमाने की जरूरत है, लेकिन अब तक ऐसा कुछ नजर नहीं आ रहा है।

जब बात करें आईपीएल में अपने आप को आगे लाने वाले युवा खिलाड़ियों को हाल ही में जारी दक्षिण अफ्रीका सीरीज में मौका मिला है, जिसमें अर्शदीप सिंह और उमरान मलिक के नाम भी हैं, लेकिन इन्हें 4 मैच होने के बाद भी आजमाया नहीं गया है। राहुल द्रविड़ के पास कोच के रूप में इन युवा खिलाड़ियों को इंटरनेशनल क्रिकेट की तपती भट्टी में डालने का अच्छा मौका था, लेकिन उन्होंने किसी भी तरह से इन युवा खिलाड़ियों को मौका देने के बारे में विचार नहीं किया।

दूसरी तरफ, भारत के घरेलू क्रिकेट की सबसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट रणजी ट्रॉफी के रण में भी एक से एक युवा खिलाड़ियों की फौज तैयार हो रही है, जिसमें हम सरफराज खान का नाम ले या फिर यशस्वी जायसवाल, मुंबई के ये दोनों ही युवा सितारें खूब चमक बिखेर रहे हैं।

सरफराज खान की बात करें तो वो बहुत ही खतरनाक फॉर्म दिखा रहे हैं। रणजी ट्रॉफी की पिछली 13 पारियों में सरफराज ने रन नहीं बनाए बल्कि हाहाकार मचा दिया है, जिसमें उन्होंने 1624 रन बनाए हैं। जिसमें 1 तिहरा शतक और 2 दोहरे शतक के अलावा 3 पारी 150 प्लस रन की रही है।

सरफराज के साथ ही यशस्वी जायसवाल ने पिछली 3 रणजी पारियों में लगातार 3 शतक जड़े हैं। यानी युवा खिलाड़ी टीम इंडिया का दरवाजा अलग ही अंदाज में खटखटा रहे हैं। ऐसे में फ्लॉप हो रहे अजिंक्य रहाणे, चेतेश्वर पुजारा के विकल्प के रूप में इन युवा सितारों को मौका दिया जा सकता है।

इसके अलावा श्रेयस अय्यर को देखे जिन्होंने अपने करियर की शुरुआत खतरनाक अंदाज में की थी। श्रेयस अय्यर को टेस्ट में मौका मिलते ही उन्होंने न्यूजीलैंड और श्रीलंका के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन उन्हें दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर मौका नहीं दिया गया। आखिर राहुल द्रविड़ के कोच बनने के बाद भी प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ी जो अपने आपको साबित भी कर रहे हैं, उन्हें क्यों पीछे धकेला जा रहा है, ये बड़ा सवाल है।

सौरव गांगुली ने हाल ही में इस बात का संकेत दिया था कि भारत की आगामी टी20 सीरीज में टी20 विश्व कप में जगह बनाने वाले खिलाड़ियों को ही मौका दिया जाएगा। ऐसे में क्या अभी से दादा एंड कंपनी ने टी20 विश्व कप की टीम तय कर ली है, तो अगर ये टीम तय कर ली है तो अभी इन युवा खिलाड़ियों के विश्वास के साथ खेल क्यों हो रहा है। सवाल कई हैं, जिसका जवाब ये तीनों ही दिग्गज दे सकते हैं।

ऐसे में हम कह सकते हैं, कि इन तीनों ही दिग्गजों ने युवा खिलाड़ियों को जगह देने के नाम पर केवल और केवल कोरे ख्वाब ही दिखाए जा रहे हैं। इससे निष्कर्ष निकलता है कि गांगुली, द्रविड़ और लक्ष्मण भारत के क्रिकेट को कहीं अंधकार में ना ले जाए।

Leave a comment

Cancel reply