चेन्नई के दूसरे टेस्ट की जिस पिच पर इंग्लैंड ने 20 विकेट की कीमत पर यानि की दो पारी में 298 रन (134+164) बनाए उसी पर अकेले रोहित शर्मा ने 187 रन (161+26) बना दिए। इंग्लैंड वालों को अगर चिंता ये है कि वे चेन्नई के दूसरे टेस्ट में रन क्यों नहीं बना पाए तो ये भी कि रोहित शर्मा के बैट ने फिर से भारत की पिचों पर रन बरसाना शुरू कर दिया है। भारत में रन बनाने के मामले में तो रोहित शर्मा कमाल के माहिर हैं। अगर ये उनकी ख़ासियत है तो ये भी कि तुलना में वे भारत से बाहर उतने ही साधारण किस्म के बल्लेबाज़ हैं। इस बात को रिकॉर्ड से समझते हैं –

अहमदाबाद से पहले के 36 टेस्ट की 61 पारी में रोहित शर्मा का रिकॉर्ड 2475 रन है 45.83 औसत से। इसमें से जो 24 पारी भारत में खेलीं उनमें तो 1530 रन बना दिए 80.53 औसत से 7 सेंचुरी के साथ, लेकिन जिन 37 पारी में भारत से बाहर बैटिंग की उनमें सिर्फ 945 रन बनाए 27.00 औसत से और इनमें एक भी सेंचुरी नहीं है। दोनों औसत के बीच अंतर है 53.53 का और अगर टेस्ट में कम से कम 2000 रन बनाने वालों का रिकॉर्ड देखें तो रोहित शर्मा 'होम-अवे 'औसत के अंतर में टॉप पर है। इसीलिए 'होम' पिचों के माहिर रोहित शर्मा का विकेट इंग्लैंड के लिए सबसे कीमती बन जाता है।  

रोहित शर्मा की इस मामले में तुलना की जा सकती है। पहले पाकिस्तान के बाबर आज़म – कुल रिकॉर्ड 31 टेस्ट की 57 पारी में 2167 रन 44.22 औसत से, जिसमें पाकिस्तान में 8 पारी में 527 रन 87.83 औसत से 3 सेंचुरी के साथ, लेकिन पाकिस्तान से बाहर 49 पारी में 1640 रन 38.14 औसत से सिर्फ 2 सेंचुरी के साथ यानि कि औसत का फर्क हुआ 49.69 का। इसी तरह बांग्लादेश के मोमिनुल हक़ – कुल रिकॉर्ड 42 टेस्ट की 78 पारी में 3048 रन 41.19 औसत से, जिसमें बांग्लादेश में 45 पारी में 2312 रन 56.39 औसत से 10 सेंचुरी के साथ लेकिन बाहर 33 पारी में 736 रन 22.30 औसत से और इसमें एक भी सेंचुरी नहीं यानि कि औसत का फर्क हुआ 34.09 का। ऐसा नहीं कि ये तीनों आगे अपना रिकॉर्ड सुधर नहीं सकते पर हाल फिलहाल तो पिच का फर्क बड़ा ख़ास बनता जा रहा है।अब ऑस्ट्रेलिया मारनस लाबुशेन को ही ले लें – एक समय उनका नाम भी इस कड़ी में लिया जाता था पर उन्होंने अपना रिकॉर्ड बहुत कुछ सुधार लिया और अब उनके मामले में औसत का फर्क घटता हुआ 33.10 पर आ पहुंचा है।  

इंग्लैंड के बॉडीलाइन कप्तान डगलस जार्डिन – अपनी पिचों पर औसत 81.67 और 38.38 बाहर, 43.29 के अंतर से औसतन रन बनाए।'होम' और 'अवे ' दोनों में कम से कम 1000 रन पर जोर दें तो बॉब काउपर ने ऑस्ट्रेलिया में औसत दर्ज़ की 75.79 लेकिन 33.33 बाहर यानि कि 42.45 का फर्क । 

अलग अलग पिचों पर बल्लेबाज़ी के इसी मिज़ाज़ के कारण रोहित शर्मा का टेस्ट करियर  डोलता ही रहा है और इसका सबूत है उनका टीम में बैटिंग का नंबर। हाल ही में उनके टेस्ट करियर को नया जीवनदान मिला और ऐसा लगा कि वे इसका फायदा उठाएंगे – टेस्ट में भी ओपनिंग करने का मौका।बैटिंग में औसत के फर्क वाला मामला बहरहाल बढ़ गया। 

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पिछली 4 मैचों की सीरीज के आख़िरी दो टेस्ट में वे खेले तो उम्मीद थी कि अनुभवी बल्लेबाज अपनी घरेलू जैसी फॉर्म वहां भी दिखाएंगे,लेकिन ऐसा हुआ नहीं। ये तो हुई रिकॉर्ड की बात पर टीम इंडिया तो उनके रन गिन रही है- कहीं भी बनें।

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