टीम इंडिया, जब भी मुसीबत में होती थी तब धोनी अपने कंप्यूटर वाले दिमाग का इस्तेमाल कर विपक्षियों की चाल को नाकाम कर देते थे.

टीम इंडिया को आईसीसी का हर एक मुख्य खिताब दिलाने वाले पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने पिछले साल अगस्त में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेकर सभी को हैरान कर दिया था. हालांकि, इस दिग्गज विकेटकीपर बल्लेबाज ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में खेलने का फैसला जारी रखा.

वहीं, दूसरी तरफ पाकिस्तान टीम के पूर्व दिग्गज लेग स्पिनर दानिश कनेरिया ने धोनी को लेकर बड़ी प्रतिक्रया व्यक्त की है. उनका मानना है कि माही भविष्य में कमेंट्री की बजाय कोचिंग को प्राथमिकता देंगे.

दाएं हाथ के फिरकी गेंदबाज ने कहा, “मुझे लगता है कि एमएस धोनी कमेंट्री की बजाय कोचिंग को प्राथमिकता देंगे. मुझे निश्चित रूप से लगता है कि धोनी जल्द ही कोचिंग की दुनिया में प्रवेश करेंगे और उस क्षेत्र में एक नया करियर शुरू करेंगे.”

माही क्रिकेट के मैदान पर हमेशा कूल नज़र आते थे. टीम इंडिया, जब भी मुसीबत में होती थी तब धोनी अपने कंप्यूटर वाले दिमाग का इस्तेमाल कर विपक्षियों की चाल को नाकाम कर देते थे. इतना ही नहीं, उन्हें उनकी दयालुता, सादगी और शांत स्वेभाव के लिए भी जाना जाता है. क्रिकेट की शायद ही ऐसी कोई विधा होगी, जिससे एमएस धोनी दूर रहे हों.

यहां तक कि उन्होंने अपनी फिटने से भी कभी समझौता नहीं किया. वे संन्यास लेने के बाद आज भी दुनिया के टॉप फिट क्रिकेटर्स में से एक हैं. एमएस धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया ने आईसीसी विश्व कप 2011, टी20 वर्ल्ड कप 2007 और आईसीसी चैंपियन ट्रॉफी 2013 पर कब्ज़ा जमाया था.

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