भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और दिग्गज विकेटकीपर बल्लेबाज महेंद्र सिंह धोनी पिछले लगभग एक साल से क्रिकेट में सक्रिय नहीं हैं. आईसीसी विश्व कप 2019 के बाद से ही धोनी को क्रिकेट के मैदान पर नहीं देखा गया है. ऐसे में उनके संन्यास के कयास लगाए जा रहे हैं. धोनी को बीसीसीआई ने अपने सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से भी बाहर कर दिया था.  

फिलहाल, धोनी की उम्र अब अत्यधिक हो चुकी है और 39 की उम्र में लगभग सभी खिलाड़ियों का करियर समाप्त हो जाता है. मगर धोनी हैं कि मानते नहीं! सभी जानते हैं कि वे इतने साल के हैं और अब भी टीम में वापसी की कोशिश कर रहे हैं. सही मायने में उन्हें संन्यास लेकर भारतीय टीम के मेंटोर की भूमिका निभानी चाहिए. इससे भारत को काफी मदद मिलेगी और साथ ही धोनी का अनुभव भी विराट सेना के काम आएगा. ऐसा नहीं है कि धोनी टीम इंडिया पर अब बोझ बन चुके हैं. सच तो यह है कि अब वे पहले वाले एमएडी नहीं रहे. 

धोनी एक समय विश्व के सबसे बेहतरीन मैच फिनिशर थे. इतना ही नहीं वे टीम के सबसे बेहतरीन हिटर भी रहे. माही द्वारा खेला गया हेलिकॉप्टर शॉट आज भी फैंस को याद आता है. अब उनके बल्ले से लंबे-लंबे छक्के और शानदार चौके नहीं दिखाई देते. अब उम्रदराज़ होने के बाद वे तेज दौड़ भी नहीं पाते हैं. एक समय वे अपनी गेंदों से डबल रन बनाते थे, लेकिन अब गेंद ज्यादा और रन कम रहते हैं. उम्र बढ़ने के साथ-साथ धोनी की बल्लेबाजी भी काफी धीमी हो चुकी है. साथ ही फिटनेस में भी वो बात नहीं रही है.

धोनी को टीम इंडिया का मेंटोर क्यों बनना चाहिए?

महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया ने आईसीसी का हर एक मुख्य खिताब जीता है, जिसमें 2007 टी20 विश्व कप, 2011 आईसीसी विश्व कप, 2013 चैंपियंस ट्रॉफी शामिल हैं. धोनी विश्व के इकलौते ऐसे कप्तान हैं, जिनकी लीडरशिप में किसी भी टीम ने आईसीसी का हर एक मुख्य खिताब जीता है. इसके अलावा उन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स की कप्तानी करते हुए भी इस फ्रेंचाइजी को टीन बार आईपीएल का खिताब दिलाया है. धोनी की कप्तानी की कुशलता, उनका शांत अंदाज, कभी दबाव न झेलनी की काबिलियत, मैदान पर हमेशा शांत रहना, गेंदबाजों को विकेट के पीछे से गाइड करना, फील्डिंग की सही जमावट करना, गेंदबाजी में सही ढंग से परिवर्तन करना, खुद पर विशवास रखना, आदि ही धोनी को कैप्टन कूल बनाती है. अगर धोनी टीम इंडिया के मेंटोर की भूमिका निभाते हैं तो उनका यह अनुभव मेन इन ब्लू के ज़रूर काम आएगा.  

मेंटोर बनने के बाद कैसी होगी धोनी की भूमिका?

माही को क्रिकेट का इतना अनुभव है कि अब उन्हें क्रिकेट के मैदान पर सही-गलत की आदत सी हो गई है. धोनी वे ‘तुरुप का इक्का’ हैं, जो अकेले दम पर टीम की किस्मत पलट सकते हैं. बतौर मेंटोर धोनी भारतीय कप्तान विराट कोहली और मुख्य कोच रवि शास्त्री के साथ मिलकर टीम की स्ट्रेटेजी पर काम करेंगे तथा टीम प्रबंधन और खिलाड़ियों के साथ अपना अनुभव साझा कर उनकी मदद करेंगे. 

मेंटोर बनने के लिए धोनी को क्या करना होगा?

अगर माही को टीम का मेंटोर बनना है तो 39 साल के धोनी को बीसीसीआई के साथ आपसी सहमति से संन्यास लेना होगा. इसके बाद ही धोनी को भारतीय टीम के मेंटोर का पद पर लाया जा सकता है. धोनी अगर तत्काल प्रभाव से संन्यास लेते हैं तो शायद वे इस पद को हासिल नहीं कर पाएंगे. इसके लिए उन्हें बीसीसीआई से समझौता करना होगा. 

माही क्रिकेट के मैदान पर करने वाले थे वापसी, लेकिन अफ़सोस … 

फिलहाल, धोनी 39 साल के हैं. इतना ही नहीं कुछ समय पहले खबर थी कि माही आईपीएल के आगामी संस्करण में खेलते दिखाई देंगे, लेकिन कोरोना वायरस की वजह से फिलहाल आईपीएल को अनिश्चितकाल के लिए रद्द कर दिया गया है. हाल ही में उनके एक करीबी रिश्तेदार ने रांची में प्रेसवार्ता के दौरान बड़ा खुलासा किया था कि धोनी अभी संन्यास नहीं लेंगे. खबर यह भी थी कि धोनी अगर आईपीएल में अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो उन्हें फिर से टीम इंडिया में शामिल किया जा सकता है. मगर कोरोना के कहर के कारण आईपीएल पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं. ऐसे में माही अब कैसे वापसी करेंगे?

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