हाल के महीनों में अगर भारत के हर इंटरनेशनल मैच के शुरू होने के समय सवाल ये था कि जीतेंगे या नहीं तो ये भी सवाल था कि क्या इस बार विराट कोहली सेंचुरी बना देंगे? अपनी पिछली 35 इंटरनेशनल पारी में एक भी सेंचुरी नहीं है उनके नाम। अब जबकि अहमदाबाद में चौथा टेस्ट शुरू होने में 24 घंटे भी नहीं बचे तो एक बार फिर से यही सवाल चर्चा में है।  

कई जानकार कहते हैं कि कोहली का 35 पारी में सेंचुरी न बनाना चिंता की बात है पर सुनील गावस्कर इससे सहमत नहीं। वे ये सोचकर हैरान जरूर हैं कि विराट ने कई महीने से कोई सेंचुरी नहीं बनाई पर इससे चिंतित नहीं हैं। विराट कोहली आज तीनों तरह की क्रिकेट में सबसे बेहतर बल्लेबाज़ों में से एक हैं। कई पारी में वे ऐसे खेले कि लगा आज तो 100 का स्कोर बनेगा ही पर ऐसा हुआ नहीं।  

पूरा 2020 निकल गया- वन डे इंटरनेशनल मैचों में एक भी 100 नहीं बना (आख़िरी वन डे 100: विरुद्ध वेस्टइंडीज,14 अगस्त 2019- 114* रन)। 2008 में  इंटरनेशनल क्रिकेट में उनके आने  के बाद पहली बार ऐसा हुआ। इसमें कोई शक नहीं कि कोविड के कारण क्रिकेट भी बहुत कम हुई। सचिन तेंदुलकर के वन डे में 49 सेंचुरी के रिकॉर्ड को कोहली (43) ही चुनौती देते हैं।सुनील गावस्कर को लगता है कोहली का एक बड़ा स्कोर ओवरड्यू है। विराट कोहली का 100 का आखिरी स्कोर (136) 2019 में बना था- कोलकाता में डे – नाईट टेस्ट में बांग्लादेश के विरुद्ध।

कोहली ने इससे पहले कभी इंटरनेशनल क्रिकेट में सेंचुरी के लिए 35 पारी जैसा लंबा इंतज़ार नहीं किया। इससे पहले बांग्लादेश में एशिया कप (28 फरवरी 2014) से वेस्टइंडीज (11 अक्टूबर 2014) के विरुद्ध वन डे सीरीज के बीच 25 पारी तक सेंचुरी का इंतज़ार किया था। कोहली ने अपने करियर में सिर्फ एक और मौके पर एक इंटरनेशनल सेंचुरी के बिना 20+ पारी खेली हैं – 27 फरवरी 2011 से 11 सितंबर 2011 तक 24 पारी। इसके बाद 16 सितंबर को कार्डिफ में वन डे में इंग्लैंड के विरुद्ध सेंचुरी बनाई।  

विराट कोहली ऐसे पहले क्रिकेटर नहीं, जिन्होंने 100 का ऐसा सूखा देखा- असल में उनके बैट से 100 के स्कोर देखने की ऐसी आदत सी हो गई थी कि अब 35 पारी बीत जाने पर हैरानी हो रही है। टेस्ट क्रिकेट में पिछले 7-8 सालों में कोहली का ऐसा दबदबा रहा है कि ये लगा ही नहीं कि वे 100 बनाने के लिए जूझेंगे। उनके इंटरनेशनल करियर की सबसे बड़ी पहचान रही है उनकी 50 के स्कोर को 100 में बदलने की योग्यता। 50 तो वे अब भी बना रहे हैं- बस उन्हें 100 में नहीं बदल रहे।  
 
अगर टेस्ट की ही बात करें तो 2020 में न्यूज़ीलैंड में 2,19, 3 और 14; ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध एडिलेड में 74 (ये वह पारी थी जिसमें वे 100 बनाने के सबसे पक्के इरादे के साथ खेलते दिखाई दिए) और अब इंग्लैंड के विरुद्ध 11,72,0,62 और 27 रन। इसका साफ़ मतलब है कि कोहली आउट ऑफ फॉर्म नहीं हैं- सिर्फ किस्मत साथ नहीं।11 टेस्ट पारी हो गईं बिना सेंचुरी।अपने करियर की शुरुआत में, कोहली ने बिना सेंचुरी 13 पारी खेलीं और इसके बाद 2015 में 11 पारी खेलीं ।इस तरह 2015 वाला रिकॉर्ड तो बराबर हो चुका है।  
हर भारतीय क्रिकेट प्रेमी चाहता है कोहली 100 न बना पाने के इस मनोवैज्ञानिक दबाव से बाहर निकलें। कोहली ऐसा कर सकते हैं – इसका पूरा भरोसा है।

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