सैय्यद मुश्ताक अली ट्रॉफी शुरू होते ही जो नए रिकॉर्ड बने उनमें से सबसे आश्चर्यजनक ये है कि चेतेश्वर पुजारा ने सौराष्ट्र के लिए रेलवे के विरूद्ध 61 गेंद में 100* रन बनाए और ये टी 20 में उनका 100 का पहला स्कोर है। पुजारा और टी-20 में शतक – यही इस रिकॉर्ड का सबसे हैरान करने वाला पहलू है। हालत ये है कि 2014 में उनके किंग्स इलेवन पंजाब के लिए खेलने के बाद से किसी आईपीएल टीम ने भी उन्हें नहीं खरीदा। टेस्ट क्रिकेट को बेहतरीन तकनीक के साथ खेलने की प्रतिष्ठा इस मामले में उनके किसी काम नहीं आई।

चेतेश्वर पुजारा ऐसे पहले क्रिकेटर नहीं है जिस पर किसी एक खास तरह की क्रिकेट का विशेषज्ञ होने का लेबल लगा लेकिन उनके टेस्ट रिकॉर्ड की तुलना में उनके वन डे इंटरनेशनल और टी 20 का ‘सूखा’ बड़ा हैरान करने वाला है। पुजारा ने 68 टेस्ट में 5426 रन बनाए 18 शतक के साथ – इसकी तुलना में सिर्फ 5 वन डे इंटरनेशनल और टी 20 इंटरनेशनल तो एक भी नहीं। वन डे में भी हालात ये है कि आखिरी इंटरनेशनल मैच 19 जून 2014 को खेला था – पांच साल ज्यादा दूर नहीं है। क्या पुजारा, नियमित टेस्ट क्रिकेट खेलने वालों में से ऐसे अनोखे हैं जिसने एक भी टी 20 इंटरनेशनल नहीं खेला? इस चर्चा में नए टेस्ट क्रिकेटरों को नहीं लेंगे – क्योंकि उनका तो करियर अभी शुरू हुआ है और उनके पास इस रिकॉर्ड से निकलने का मौका है।

सबसे पहले टी-20 इंटरनेशनल 17 फरवरी 2005 को खेला गया और जिनका टेस्ट करियर इससे पहले खत्म हो चुका था उन्हें इस चर्चा में लेने का कोई फायदा नहीं। पुजारा का टेस्ट करियर अक्टूबर 2010 में शुरू हुआ। जब इस चर्चा को आगे बढ़ाएं तो मजेदार बातें सामने आती हैं:

– जो तीनों तरह की क्रिकेट खेले हैं उनमें से सबसे ज्यादा टी 20 इंटरनेशनल शोएब मलिक ने खेले हैं – 111 मैच।

– जो आज तक एक भी टी-20 इंटरनेशनल नहीं खेले उनमें कुल रिकॉर्ड में 68 टेस्ट के साथ पुजारा बराबरी पर हैं हेंसी क्रोनये (दक्षिण अफ्रीका) की और 86 खिलाड़ी गिनती में इनसे ऊपर हैं पर जब हाल के दौर के खिलाड़ी देखें तो नजारा एकदम बदल जाता है।

– जो इस समय लगातार टेस्ट क्रिकेट खेल रहे हैं उनमें एक बल्लेबाज पुजारा पर भी भारी पड़ते हैं। पुजारा ने तो 68 टेस्ट के साथ कोई टी-20 इंटरनेशनल नहीं खेला – पाकिस्तान के अजहर अली 73 टेस्ट खेल चुके हैं और उन्हें भी पाकिस्तान ने कोई टी-20 इंटरनेशनल नहीं खिलाया। उनके 5669 रन और 15 शतक काम नहीं आए।

– जो टी-20 इंटरनेशनल की शुरूआत के बाद टेस्ट खेलते रहे पर अब रिटायर हैं उनमें से कुछ दिग्गजों का नाम पुजारा को बड़ी तसल्ली देगा। पुजारा अकेले ऐसे नहीं जो चयनकर्ताओं की स्कीम में नहीं।

जस्टिन लैंगर जनवरी 2007 में आखिरी टेस्ट खेले – कुल 105 टेस्ट। सौरव गांगुली और अनिल कुंबले नंवबर 2008 में आखिरी टेस्ट खेले – कुल क्रमशः 113 और 132 टेस्ट। वीवीएस लक्ष्मण जनवरी 2012 में आखिरी टेस्ट खेले – कुल 134 टेस्ट। थिलन समरवीरा जनवरी 2013 में आखिरी टेस्ट खेले – कुल 81 टेस्ट । इन सभी के रिकॉर्ड में कोई टी-20 इंटरनेशनल नहीं है। इन सब पर सचिन तेंदुल्कर का भारी-भरकम रिकॉर्ड हावी हो जाता पर वे एक टी-20 इंटरनेशनल खेल गए।

– आजकल तो आमतौर पर करियर टी-20 से शुरू होता है और वहां से टेस्ट की लड़ाई शुरू होती है। पुजारा को तसल्ली होनी चाहिए कि आज के कुछ और क्रिकेटर भी हैं जिन्हें चयनकर्ता टी 20 इंटरनेशनल नहीं खिलाते – वेस्टइंडीज के रोस्टन चेस एवं शेन डोरीच के क्रमशः 29 और 30 टेस्ट , रिधिमन साहा 32 टेस्ट , दक्षिण अफ्रीका के टेंबा बवुमा के 36 टेस्ट, वेस्टइंडीज के क्रेग ब्रेथवेट के 56 टेस्ट और दिमुथ करूणारत्ने के 60 टेस्ट ने उन्हें एक भी टी 20 इंटरनेशनल की टीम में जगह नहीं दिलाई।

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