अहमदाबाद में भारत – इंग्लैंड टेस्ट सिर्फ 842 गेंद के खेल में ख़त्म हो गया और इसमें स्पष्ट नतीजा भी निकला। अगर उन टेस्ट को देखें, जिनमें स्पष्ट नतीजा निकला तो गेंद की गिनती के हिसाब से 7 टेस्ट ऐसे हैं, जिनमें इससे भी कम गेंद का खेल हुआ। कौन से हैं ये 7 टेस्ट : 

ऑस्ट्रेलिया- दक्षिण अफ्रीका, 656 गेंद, 1931-32, मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया विजयी : दक्षिण अफ्रीका पहले दिन के पहले सैशन के अंदर 36 रन पर आउट – खब्बू बर्ट आयरनमोंगर के 6 रन पर 5 विकेट। ऑस्ट्रेलिया ने फिंगलटन के 40 रन की बदौलत 153 रन बनाए। यहीं से भारी बारिश ने एकदम गड़बड़ की। मेहमान टीम 45 रन पर आउट। इस बार आयरनमोंगर के 18 रन देकर 6 विकेट और ऑस्ट्रेलिया ने दक्षिण अफ्रीका को पारी और 72 रन से हरा दिया। मैच में 656 गेंद यानि कि 1 दिन और 19 ओवर की क्रिकेट।

वेस्टइंडीज- इंग्लैंड, 672 गेंद,1934-35, ब्रिजटाउन, इंग्लैंड विजयी : टॉस जीतने के बाद मेहमान टीम ने गेंदबाजी का फैसला किया और मेजबान टीम को 102 पर आउट कर दिया। केन फ़र्नेस और जॉर्ज पेन ने क्रमशः 4 और 3 विकेट लिए। जॉर्ज हेडली ने 44 रन बनाए। इंग्लैंड जवाब में 81 रन पर आउट। वाली हैमंड ने आधे से ज्यादा रन बनाए – 43 रन। वेस्टइंडीज को मात्र 51 रन पर बोल्ड कर इंग्लैंड को जीत के लिए 73 रन बनाने थे – इस बार जिम स्मिथ ने 5 विकेट लिए। इंग्लैंड 4 विकेट से जीत गया। 672 गेंद की क्रिकेट यानि कि मैच पूरा होने में 1 दिन और 22 ओवर का समय लगा।

इंग्लैंड- ऑस्ट्रेलिया, 788 गेंद, 1888, ओल्ड ट्रेफर्ड, इंग्लैंड विजयी : इंग्लैंड का कोई भी बल्लेबाज नहीं टिका क्योंकि चार्ली टर्नर ने कहर बरपाया, 5 विकेट लिए और पहले ही दिन में 172 पर आउट। खब्बू स्पिनर बॉबी पील ने आस्ट्रेलियाई टीम को 81 रन पर समेटने के लिए गीली पिच पर जादू दिखाया – इंग्लैंड को 91 रन की बढ़त मिल गई। उन दिनों फॉलोऑन 80 रन पर होता था और ऑस्ट्रेलिया दूसरी बार भी नाकामयाब रहा – टॉप 4 ने मिलकर बनाए 0 रन। पील ने 4 विकेट चटकाए- टेस्ट में कुल 11 विकेट। 788 गेंद यानि 1 दिन और 41 ओवर का समय ।

इंग्लैंड – ऑस्ट्रेलिया, 792 गेंद, 1888, लॉर्ड्स, ऑस्ट्रेलिया विजयी : ऑस्ट्रेलिया ने मुश्किल पिच पर बल्लेबाजी को चुना- बॉबी पील और जॉनी ब्रिग्स ने 116 रन पर उन्हें आउट कर दिया। इंग्लैंड 53 रन पर आउट क्योंकि चार्ली टर्नर ने 27 रन पर 5 विकेट चटकाए- मेहमान टीम को 63 रन की बढ़त हासिल हुई पर ऑस्ट्रेलिया दूसरी पारी में 60 पर आउट। बॉबी पील और जॉर्ज लोहमैन ने इस बार 4- 4 विकेट लिए। जीत के लिए 124 रन की चुनौती के सामने, जब इंग्लैंड की टीम खेली तो चार्ली टर्नर और जॉन फेरिस की नई गेंद की जोड़ी ने 5 – 5 विकेट लिए और इंग्लैंड को 62 रन पर आउट कर दिया। 792 गेंद यानि कि 1 दिन और 42 ओवर का समय लगा।

इंग्लैंड – दक्षिण अफ्रीका, 796 गेंद, 1888-89, केप टाउन, इंग्लैंड विजयी : पहले बल्लेबाजी को चुन कर इंग्लैंड ने ओपनर बॉबी एबेल के 120 रन की बदौलत 292  बनाए – विलियम एशले ने 7 विकेट चटकाए। जवाब में दक्षिण अफ्रीकी टीम 47 रन बनाकर आउट, जिसमें जॉनी ब्रिग्स ने 17 रन देकर 7 विकेट लिए। फॉलोऑन किया और इस बार दक्षिण अफ्रीका 43 रन पर आउट। ब्रिग्स ने 11 रन पर 8 विकेट लिए और टेस्ट में सिर्फ 28 रन में 15 विकेट। इंग्लैंड ने दक्षिण अफ्रीका को एक पारी से 'कुचल' दिया। 796 गेंदें जिसका मतलब है 1 दिन और 43 ओवर का समय लगा।

दक्षिण अफ्रीका – इंग्लैंड, 815 गेंद, 1912, द ओवल, इंग्लैंड विजयी : 1912 के अनोखे ट्रायंगुलर टेस्ट टूर्नामेंट का टेस्ट था ये। दक्षिण अफ्रीका ने टॉस जीता और बल्लेबाजी को चुना। 95 पर आउट जिसमें सिडनी बार्न्स और फ्रैंक वूली ने 5-5 विकेट लिए। जवाब में, इंग्लैंड ने जैक हॉब्स के 68 रन की बदौलत 176 बनाए – हालांकि, एब्रे फॉकनर ने 84 रन देकर 7 विकेट चटकाए। दक्षिण अफ्रीका 81 रन से पीछे और तब भी अच्छा प्रदर्शन करने में नाकाम और 93 रन पर ऑल आउट। सिडनी बार्न्स ने मैच में कुल 15 विकेट लिए। इंग्लैंड को सिर्फ 13 रन की जरूरत थी और 10 विकेट की जीत।815 गेंद यानि कि मैच पूरा होने में 1 दिन और 46 ओवर का समय लगा।

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