इंग्लैंड के विरुद्ध चल रही टी20 इंटरनेशनल की सीरीज के पहले मैच में विराट कोहली 0 पर आउट, लेकिन अगले दोनों मैच में 49 गेंद में 73* तथा 46 गेंद में 77* का स्कोर। इन्हीं तीन मैच के बाद जब ICC ने टी 20 इंटरनेशनल की रैंकिंग घोषित की तो विराट कोहली का नाम फिर से टॉप 5 में आ गया। भले ही केएल राहुल, बाबर आज़म, एरोन फिंच और डेविड मलान का नाम उनसे ऊपर है पर विराट कोहली ने अहमदाबाद में, जिस अंदाज़ से बल्लेबाज़ी की – इंग्लिश क्रिकेट के जानकारों ने भी अपने युवा बल्लेबाज़ों को कहा कि विराट से कुछ सीखें। रैंकिंग चाहे उन्हें नंबर 5 दिखाए पर पिच पर बैटिंग का, जो अंदाज़ वे दिखाते हैं, वह हर किसी के लिए सबक बन जाता है।

रोहित शर्मा, डेविड वॉर्नर, मार्टिन गुप्टिल या एरोन फिंच जैसे हिटर भी इसी टाइटल के दावेदार हैं पर विराट कोहली टी20 में इन सब से अलग हैं। टी 20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा रन (88 मैचों में 3078), कम से कम 1000 रन बनाने वालों में औसत में सबसे ऊपर (52.16), सबसे ज्यादा फिफ्टीज़ (27) और सबसे ज्यादा बॉउंड्री (278+88) उनके नाम हैं – और क्या सबूत चाहिए? वे रोहित शर्मा, वॉर्नर, गुप्टिल या फिंच की तरह ओपनर नहीं हैं, जो बिना दबाव बल्लेबाजी करते हैं और अन्य कई जैसे हवाई शॉट लगाने वाले भी नहीं – जो जिम्मेदारी विराट कोहली दिखाते हैं वह इन सबसे अलग है। कम से कम जोखिम पर रन सबसे ज्यादा – ये है विराट कोहली की बल्लेबाज़ी का मूलमंत्र।

वह अपने विकेट को बचाते हैं, स्ट्राइक रोटेट करते हैं और कभी अपने किसी रिकॉर्ड के चक्कर में पड़कर टीम का नुकसान नहीं किया। तीसरे टी20 को ही लें – पहली 29 गेंद में 28 रन, लेकिन अगली 17 में 49 रन। वह जिम्मेदारी अधूरी छोड़ने में विश्वास नहीं करते और दूसरे टी 20 में उनके 73* का सबसे ख़ास पहलू यही था। आज के बल्लेबाजों में सिर्फ शोएब मलिक (31) ही कोहली (23) से ज्यादा पारी आउट हुए बिना खेले – और ये रिकॉर्ड इसी धारणा का सबूत है। इस सच्चाई से भी इंकार नहीं किया जा सकता कि शोएब मलिक (116) ने कोहली (88) की तुलना में कहीं ज्यादा मैच खेले हैं।

टी20 इंटरनेशनल में 3000 रन बनाने वाले वे अकेले बल्लेबाज़ हैं। इसमें सबसे ख़ास है दूसरे नंबर पर बल्लेबाज़ी में उनका रिकॉर्ड। कम से कम 20 जीत में दूसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने वाले बल्लेबाजों में, विराट कोहली 31 जीत में शानदार 108.3 औसत से सबसे ऊपर हैं। उनके बाद- एमएस धोनी (29 जीत में 72.5 औसत) और जॉस बटलर (21 जीत में 71.85 औसत) हैं। कई मिसाल हैं ऐसी बल्लेबाज़ी की। 2016 वर्ल्ड टी 20 में मोहाली में ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध 160 का पीछा करते हुए एक समय भारत को आखिरी 12 ओवर में 9+ का रन रेट चाहिए था। विराट कोहली- 20 गेंद में 20 रन लेकिन आखिर में 51 गेंद पर 82* रन और भारत ने जब जीत दर्ज की तो 5 गेंद बची थीं। 2017 में कोलंबो में 170 का पीछा करते हुए 82 रन, 2019 में 94 रन वेस्टइंडीज के 207 का पीछा करते हुए।

टी 20 का कुल रिकॉर्ड तुलना के लिए नहीं लिया जा सकता क्योंकि विराट कोहली आईपीएल के अतिरिक्त और कोई लीग नहीं खेलते पर उसमें भी सबसे ज्यादा रन (192 मैच में 5878 रन), एक सीज़न में सबसे ज्यादा रन (2016 में 973 रन) और 5 सेंचुरी (सिर्फ गेल 6 सेंचुरी के साथ आगे) अपने आप बता देते हैं कि अगर इस प्रोफेशनल स्तर पर भी मुकाबला होता तो क्या होता ?

हो सकता है कि आगे टी 20 में कोई विराट कोहली से भी बेहतर रिकॉर्ड दर्ज़ करे पर बात तब बनेगी जब कोई उन जैसी जिम्मेदारी के साथ खेलेगा। ऐसे में अगर हाल फिलहाल वे टॉप हैं तो इसमें गलत क्या है ?

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