'अगर भारतीय पेसर्स को प्रैक्टिस का मौका मिलता तो वे कीवी बल्लेबाजों का बुरा हाल कर देते'

साउथेम्पटन के रोज बाउल में खेले जा रहे आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2021 के फाइनल के तीसरे दिन भारतीय क्रिकेट टीम न्यूजीलैंड के खिलाफ 217 रनों के स्कोर पर ऑलआउट हो गई. इसके बाद न्यूजीलैंड ने दिन का खेल समाप्त होने तक 2 विकेट के नुकसान पर 101 रन बना लिए थे. कीवी टीम के लिए स्टार सलामी बल्लेबाज डिवॉन कॉनवे (54) ने महत्वपूर्ण अर्धशतक जड़ा. इससे पहले ब्लैककैप्स के लिए तेज गेंदबाज काइल जैमीसन ने 5 विकेट चटकाए. टीम इंडिया की तरफ से दाएं हाथ के दिग्गज बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे (49) ने सर्वाधिक रनों की पारी खेली.

अगर भारतीय टीम के गेंदबाजों की बात की जाए तो तेज गेंदबाज इशांत शर्मा और दिग्गज ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन को 1-1 विकेट हासिल हुए. उनके अलावा किसी भी गेंदबाज को विकेट नहीं मिल पाया. टीम इंडिया के बोलर्स ने 49 ओवर गेंदबाजी की.

ऐसे में भारतीय तेज गेंदबाज कुछ ख़ास असर नहीं छोड़ पाए. न्यूजीलैंड के पूर्व तेज गेंदबाज साइमन डूल ने बताया कि इस खिताबी मुकाबले में भारतीय पेसर्स अभी तक क्यों असरदार साबित नहीं हो पाए हैं. उन्होंने कहा कि फाइनल से पहले मैच प्रैक्टिस की कमी का खामियाजा तेज गेंदबाजों को उठाना पड़ रहा है.

डूल ने कहा, “कई बार आप इसे देखते हो और सोचते हो कि क्या उन्हें (भारत को) तैयारी का पूरा मौका मिला. मुझे लगता है कि उन्हें मिला. मुझे लगता है कि पिछले 10-12 दिन में उन्होंने पर्याप्त गेंदबाजी की, जिससे कि सुनिश्चित हो कि वे मुकाबले के लिए तैयार रहें.”

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