Greg Chappell Sourav Ganguly
ग्रेग चैपल ने एक बार फिर भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली के खिलाफ चौंकाने वाले बयान दिया है।

ग्रेग चैपल ने एक बार फिर भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली के खिलाफ चौंकाने वाले बयान दिया है। पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान साल 2015 में भारतीय टीम के मुख्य कोच बने थे। चैपल ने अपने कोचिंग के दिनों को याद करते हुए गांगुली पर आरोप लगाया है कि वे बतौर खिलाड़ी अपने खेल को सुधारना नहीं चाहते थे और टीम के कप्तान बनकर चीजों पर काबू करना चाहते थे।

72 साल के पूर्व कंगारू क्रिकेटर ने क्रिकेट लाइफ स्‍टोरीज पोडकास्‍ट में सौरव गांगुली के साथ अपने विवादों को याद करते हुए कहा, “गांगुली ही वो व्‍यक्ति थे, जिन्‍होंने मुझे भारत का कोच बनने के लिए संपर्क किया था। मेरे पास और भी विकल्‍प थे, लेकिन मैंने भारत का कोच बनने का फैसला किया, क्‍योंकि उस समय जॉन बुकानन ऑस्‍ट्रेलिया के कोच पद पर नियुक्त थे।”

ग्रेग चैपल ने आगे कहा, “मुझे सबसे ज्‍यादा लोकप्रिय, दुनिया में क्रिकेट के प्रति लगाव रखने वाले देश की कोचिंग करने का मौका मिला था और यह मौका सौरव गांगुली के कारण ही मिला था, जो उस समय कप्‍तान थे और सुनिश्‍चित करना चाहते थे कि मैं ये जिम्‍मेदारी संभालूं।”

चैपल ने आगे कहा, “भारत में वह दो साल मेरे बहुत चुनौतीपूर्ण रहे थे। अपेक्षाएं बहुत ज्‍यादा थी। सौरव गांगुली के कप्‍तान रहने के कारण कुछ मसले भी थे। गांगुली विशेषकर कड़ी मेहनत नहीं करना चाहते थे। वे अपने क्रिकेट को सुधारना नहीं चाहते थे। वे बस टीम के कप्‍तान बने रहना चाहते थे ताकि चीजें नियंत्रित कर सकें।”

उन्होंने राहुल द्रविड़ की कप्तानी को लेकर कहा, “द्रविड़ ने भारत को दुनिया की सर्वश्रेष्‍ठ टीम बनाने के लिए वाकई निवेश किया था। दुर्भाग्‍यवश टीम में हर किसी की ऐसी सोच नहीं थी। वे एक टीम बनकर खेलने पर ध्‍यान दे रहे थे, जबकि कुछ सीनियर खिलाड़‍ियों ने प्रतिरोध किया, क्‍योंकि उनमें से कुछ खिलाड़ी अपने करियर के आखिरी पड़ाव पर थे। इसके बाद सौरव गांगुली टीम से जब ड्रॉप हुए तो हम पर खिलाड़‍ियों ने काफी ध्‍यान दिया, क्‍योंकि उन्‍हें एहसास हो गया था कि अगर गांगुली जा सकते है तो कोई भी जा सकता है।”

चैपल ने कहा, “हमारा एक साल शानदार रहा। मगर फिर प्रतिरोध काफी बढ़ गया। गांगुली टीम में वापस आ गए थे। खिलाड़‍ियों की तरफ से संदेश एकदम स्‍पष्‍ट था। हम नहीं बदलना चाहते हैं। भले ही बोर्ड ने मुझे नया अनुबंध प्रस्‍तावित किया था, लेकिन मैंने फैसला कर लिया था कि मुझे इस तरह के दबाव की जरूरत नहीं

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