आईपीएल 2018 के दौरान सनराइज़र्स हैदराबाद टीम को उस वक़्त तगड़ा झटका लगा था, जब सलामी बल्लेबाज डेविड वॉर्नर को क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने बॉल टेम्परिंग विवाद के चलते हर तरह की क्रिकेट खेलने से प्रतिबंधित कर दिया था और वह आईपीएल में एसआरएच फ्रेंचाइजी का हिस्सा तक नहीं बन सके थे. आईपीएल के 11वें संस्करण में हैदराबाद के लिए यह दोहरे झटके जैसा रहा. क्योंकि उन्होंने अपने कप्तान के साथ-साथ टीम के एक बेहतरीन बल्लेबाज को भी खोया.

इसके बाद हैदराबाद ने कीवी टीम के स्टार क्रिकेटर केन विलियमसन को टीम की कमान सौंपी थी, जिन्होंने अपनी टीम को फाइनल तक पहुंचाया. इसके अलावा विलियमसन टूर्नामेंट में सर्वाधिक रन बटोरने वाले बल्लेबाज भी बने थे.

केन विलियमसन की कप्तानी में सनराइज़र्स हैदराबाद टीम का हिस्सा रहे स्टार ऑलराउंडर यूसुफ़ पठान ने क्रिकटुडे के रिपोर्टर हर्षित आनंद को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में कहा, “एक अच्छा रहनुमा वह होता है, जो मुश्किल वक़्त में अपनी टीम को ऊंचाइयों तक ले जाए और केन विलियमसन में यह काबिलियत है. इसलिए हमने फाइनल तक का सफ़र तय किया. उन्होंने अपनी टीम को कई बार मुश्किल परस्थितियों से बाहर निकाला.”

पठान ने कहा, “वह काफी शांत स्वभाव वाले व्यक्ति हैं. वह परिस्थितियों को अच्छी तरह से समझते हैं. टीम के साथी खिलाड़ियों के प्रति भी उनका रवैया बहुत अच्छा रहता है. इसलिए वह एक कप्तान की भूमिका में नज़र आते हैं. पहली बार टीम की कप्तानी करते हुए उसे फाइनल तक पहुंचाना बहुत कठिन बात है. डेविड वॉर्नर की गैरमौजूदगी में उन्होंने ऐसा किया. साथ ही उन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए टूर्नामेंट में सर्वाधिक रन भी बटोरे.”

आईपीएल में केन विलियमसन के नेतृत्व में खेलने से पहले यूसुफ़ पठान राजस्थान रॉयल्स के पूर्व कप्तान शेन वार्न और कोलकाता नाइटराइडर्स के पूर्व कप्तान गौतम गंभीर की कप्तानी में भी खेले. पठान ने दोनों के नेतृत्व को लेकर भी बात कही.

उन्होंने कहा, “एक व्यक्ति और एक क्रिकेटर के रूप में शेन वार्न बहुत सकारात्मक हैं. उन्होंने 1996 और 1999 विश्व कप के सेमी फाइनल्स में 4-4 विकेट हासिल किए थे. लेग स्पिनर ने 1999 के फाइनल में भी चार विकेट चटकाए थे. वह एक बड़े खिलाड़ी रहे. वार्न से मुझे बहुत कुछ सीखने को मिला. उन्होंने मुझे विज़ुअलाइजेशन करने की तकनीक सिखाई. साथ ही उन्होंने विपक्षी टीमों के खिलाड़ियों से निपटने का तरीका बताया.”

इसके अलावा उन्होंने गौतम गंभीर को लेकर कहा, “वह एक आक्रामक क्रिकेटर हैं, वह मैदान पर बहुत सकारात्मकता के साथ कदम रखते हैं.”

पठान ने अपनी तारीफ करते हुए कहा, “मैं मैच विनर हूं और इस बार भी मेरी कोशिश आक्रामक प्रदर्शन कर अपनी टीम को जीत दिलाने की होगी. इंशाअल्लाह, जब तक मैं क्रिकेट खेलता रहूंगा, तब तक आक्रामक बल्लेबाजी करूंगा.” साथ ही उन्होंने कहा, “मेरी आक्रामक वृत्ति पर अंकुश लगाने के लिए, विपक्ष मेरे बारे में बहुत अधिक सोचता है और परिणामस्वरूप, मेरे सहयोगियों को लाभ मिलता है और वे रन बनाने के लिए आगे बढ़ते हैं.”

पठान ने आईपीएल में वीवीएस लक्ष्मण और मुथैया मुरलीधरन की कप्तानी में खेलने को लेकर कहा, “वीवीएस भाई कहते हैं कि जब मैं बल्लेबाजी करने उतरता हूं तो विपक्षी टीम के खिलाड़ी भयभीत नज़र आते हैं. वीवीएस भाई मेरी प्रतिभा और दृष्टिकोण की सराहना करते हैं.”

इसके अलावा उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक विकेट चटकाने वाले पूर्व दिग्गज श्रीलंकाई स्पिनर मुरलीधरन की तारीफ में कहा, “वह बहुत मजाकिया किस्म के व्यक्ति हैं. उन्होंने मेरे साथ कई बार मज़ाक किया और उनके साथ खेलने में मुझे बहुत आनंद मिला. मैं उनके खिलाफ भी खेला हूं, लेकिन जब आप ऐसे दिग्गज की कप्तानी में खेलते हैं तो आपको अधिक अनुभव हासिल होता है.”

बता दें कि युसूफ पठान भारत की 2007 आईसीसी वर्ल्ड टी-20 और 2011 वनडे वर्ल्ड कप विजयी टीम का भी हिस्सा रहे हैं. हालांकि उन्होंने नीली जर्सी में टीम इंडिया के लिए ज़्यादा मैच नहीं खेले, लेकिन उनकी कुछ पारियां आज भी फैंस के ज़हन में घर बनाए हुए हैं. पठान ने कहा, “मेरी कई ऐसी पारियां हैं, जिन्हें मैं अब भूल चुका हूं, लेकिन जब फैंस मेरी उन पारियों की बात करते हैं तो मुझे बहुत अच्छा लगता है.”

उन्होंने भारत के लिए कुछ शानदार मुकाबले खेले हैं. 2010 में न्यूजीलैंड के खिलाफ उनकी 96 गेंदों में 123 रन की पारी, जहां भारत ने चार विकेट पर 108 रन बनाकर 316 रन का पीछा किया और 2011 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ केपटाउन में उनकी 50 गेंदों में 59 रन की पारी पठान के अंतर्राष्ट्रीय करियर की खूबसूरत पारियों में से एक हैं.

उन्होंने कहा, “मैं आगे भी ऐसी पारियां खेलना चाहता हूं. मैं कठिन परिस्थितियों में शानदार प्रदर्शन करने की कोशिश करता हूं और जब में एकांत में बैठकर उन पारियों को याद करता हूं तो मुझे अच्छा लगता है.”

युसूफ पठान ने आगामी आईपीएल में अपने प्रदर्शन को लेकर कहा, “आईपीएल के लिए मेरी तैयारियां शानदार हैं. सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी भी बहुत बेहतरीन रही. मैं जमकर अभ्यास कर रहा हूं और आगामी कैंप से पहले लय हासिल करने की कोशिश में लगा हूं.”

पठान के अनुसार, “आगे बहुत सारा क्रिकेट बाकी है. इंशाअल्लाह, मैं अपनी टीम के लिए कई यादगार पारियां खेलना चाहता हूं.”

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