शेफाली वर्मा की बल्लेबाजी देखकर सभी को याद आ गए वीरेंद्र सहवाग.

ब्रिस्टल में इंग्लैंड के विरुद्ध भारतीय महिला टीम का टेस्ट नतीजा चाहे जो रहे, इतना तय है कि इंग्लैंड टीम और उनके क्रिकेट जानकार शेफाली वर्मा को जरूर याद रखेंगे। अपने टेस्ट डेब्यू पर पहली पारी में 100 बनाने से चूकने की निराशा किसे नहीं होगी पर क्या गजब की बैटिंग की। ढेरों नए रिकॉर्ड बना दिए। अभी ये चर्चा चल ही रही थी कि फॉलोऑन पारी में तीसरे दिन का खेल ख़त्म होने पर 55* पर थीं। हालांकि, टीम में सबसे ‘जूनियर’ पर ये कहना गलत नहीं होगा कि टेस्ट बचाने का दारोमदार सबसे ज्यादा उन पर है।

इस डेब्यू पर शेफाली वर्मा की बैटिंग देखकर उन्हें कई ‘नाम’ मिले पर, जो टाइटल उनके नाम के साथ सबसे ज्यादा फिट हो रहा है, वह वही है जो उनके टेस्ट डेब्यू से भी पहले उन्हें मिल गया था, ‘महिला क्रिकेट की वीरेंद्र सहवाग’ का। शायद ये नाम उनके जहन में था, तभी तो 96 पर पहुंचने के बावजूद न संयम और न 100 के स्कोर का लालच, ठीक सहवाग की तरह बड़े स्ट्रोक के साथ 100 पूरे करने की कोशिश की और उसी में अपना विकेट दे दिया।

उन्हें सहवाग का नाम देने की एक ख़ास वजह थी उनका स्ट्रोक प्ले और रिकॉर्ड। देखिए: शेफाली ने अपना पहला टी20 इंटरनेशनल 24 सितंबर 2019 को खेला दक्षिण अफ्रीका के विरुद्ध सूरत में। दो साल भी नहीं हुए और रिकॉर्ड 22 मैच में 617 रन 148.31 स्ट्राइक रेट से है, तीन स्कोर 50 वाले बनाए। ऐसा क्या है इस रिकॉर्ड में, जिसने उन्हें टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट की ICC रेंकिंग में नंबर 1 बल्लेबाज बना दिया? देखिए:

  • कम से कम 500 रन बनाने वालों में उनसे बेहतर स्ट्राइक रेट किसी का नहीं।
  • 22 मैच में 73 चौके और 29 छक्के – यानि कि बॉउंड्री शॉट से 466 रन और ये उनके कुल रन का 75.53 प्रतिशत हिस्सा बनता है, कम से कम 500 रन बनाने वाली क्रिकेटर में से और किसी का भी ऐसा हिस्सा 70 प्रतिशत भी नहीं।
  • इंटरनेशनल क्रिकेट में आने के बाद से किसी भी अन्य महिला क्रिकेटर की तुलना में टी 20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा छक्के लगाए।

ऐसे रिकॉर्ड ने ही उन्हें डेब्यू से पहले टाइटल भी दिला दिया, वे टेस्ट क्रिकेट की ‘वीरेंद्र सहवाग’ होंगी। कम से कम 5000 रन बनाने वालों में सहवाग 82.23 स्ट्राइक रेट से टॉप पर हैं। न सहवाग बंधकर खेले और न शेफाली बंधकर खेलना जानती हैं। ऐसी बेधड़क और जांबाज़ क्रिकेट ही तो आज हर कोई देखना चाहता है। ब्रिस्टल में शेफाली ने यही तो किया :

  • अपने टेस्ट डेब्यू पर छक्का लगाने वाली पहली भारतीय महिला क्रिकेटर।
  • शेफाली वर्मा (17 वर्ष 140 दिन) महिला टेस्ट में सबसे कम उम्र में 100 का रिकॉर्ड बनाने से चूक गईं।
  • एक पारी में 2 या ज्यादा छक्के लगाने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी।
  • पहली भारतीय जिसने टेस्ट डेब्यू पर 2 या अधिक छक्के लगाए।
  • भारत के लिए एक टेस्ट मैच में 100+ रन बनाने वाले सबसे युवा खिलाड़ी: 17-107 सचिन तेंदुलकर और 17-139 शेफाली वर्मा।

सहवाग के साथ एक बड़ी मजेदार समानता और है, अपने करियर के शुरू में न तो सहवाग के पास फुटवर्क था और शेफाली भी इस मामले में कमज़ोर हैं। बहरहाल, इस कमी ने दोनों में से किसी को भी रन मशीन बनने से नहीं रोका।

Leave a comment