इन खिलाड़ियों को नहीं मिल सकता है पूरी टेस्ट सीरीज में एक भी मैच खेलने का मौका.

विराट कोहली के नेतृत्व वाली भारतीय टीम इस समय इंग्लैंड दौरे पर है। विराट सेना मेजबानों के खिलाफ पांच मुकाबलों की टेस्ट सीरीज खेलेगी। लाल गेंद वाली सीरीज का आगाज 4 अगस्त से होगा, जहां पहला मुकाबला नॉटिंघम में खेला जाएगा। हाल ही में भारत को आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। ऐसा कहा जा रहा है कि मेजबान टीम के विरुद्ध आगामी टेस्ट सीरीज में भारत अपनी प्लेइंग इलेवन में बदलाव कर सकता है, क्योंकि इंग्लैंड की परिस्थितियों में दो स्पिनर्स शामिल करना सही फैसला साबित नहीं होगा और ऐसे में एक सीमर की जरूरत आवश्यक होगी।

इस दौरे के लिए भारतीय टीम 20 सदस्यीय खिलाड़ियों के साथ-साथ पांच रिजर्व खिलाड़ियों के साथ गई है। इस बार टीम में कई विकल्प मौजूद हैं, जिन्हें मौका मिलना मुश्किल नज़र आता दिख रहा है। ऐसे पांच खिलाड़ी हैं, जिन्हें सीरीज के पांचों मुकाबलों में मौका मिलना मुश्किल दिखाई दे रहा है। हम पांच खिलाड़ियों के बारे में बताएंगे, जिन्हें पूरी सीरीज में एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिलेगा।

इन खिलाड़ियों को नहीं मिल सकता है पूरी टेस्ट सीरीज में एक भी मैच खेलने का मौका-

ऋद्धिमान साहा

भारतीय टीम के विकेटकीपर बल्लेबाज ऋद्धिमान साहा का नाम इस सूची में शुमार है, जिन्हें इंग्लैंड के विरुद्ध पांच मुकाबलों की आगामी टेस्ट सीरीज में एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिल सकता है। साहा अब भारत के लिए विकेटकीपर के तौर पर पहली पसंद नहीं रहे हैं। वैसे तो इस आगामी टेस्ट सीरीज में उनका खेल पाना मुश्किल है, लेकिन अगर ऋषभ पंत चोटिल हो जाते हैं तो उन्हें मौका मिल सकता है। पिछले काफी समय से पंत ने भारत के लिए तीनों प्रारूपों में शानदार प्रदर्शन किया है, जिसके चलते उन्हें प्लेइंग इलेवन से बाहर करना नामुकिन है। ऐसे में साहा को इंतजार करना होगा।

36 साल के दाएं हाथ के बल्लेबाज के विदेशी पिच पर कुछ खास अच्छे आंकड़े नहीं हैं। उनका टेस्ट बल्लेबाजी औसत भी 29.1 का है, जो भारतीय टीम के लिए इंग्लैंड जैसी कठिन परिस्थितियों में रन बनाने में मदद नहीं कर पाएगा। हालांकि, साहा की विकेटकीपिंग की तकनीक शानदार है और वे स्टंप्स के पीछे शानदार प्रदर्शन करते हैं। ऐसे में उनको मौके मिलने की संभावना अभी भी बनी रहती है।  

वॉशिंगटन सुंदर

तमिलनाडु के हरफनमौला खिलाड़ी वॉशिंगटन सुंदर का नाम भी इस सूची में शामिल है। सुंदर के टेस्ट करियर की शुरुआत शानदार हुई है। उन्होंने भारत के लिए पिछली टेस्ट सीरीज में चोटिल अश्विन और जडेजा की अनुपस्थिति में मौके मिलने पर जबरदस्त परफॉरमेंस गेंद और बल्ले दोनों से दी थी। हालांकि, अब वॉशिंगटन को विशेष रूप से अंग्रेजी परिस्थितियों में अश्विन के बैकअप विकल्प के रूप में देखा जा रहा है।

21 साल के बाएं हाथ के बल्लेबाज को विश्व टेस्ट चैंपियनशिप से पहले घोषित 15 सदस्यीय टीम में नहीं चुना गया था। वॉशिंगटन सुंदर को मेजबान टीम के खिलाफ पांच मुकाबलों की टेस्ट सीरीज के एक भी मैच में मौका मिलना मुश्किल है। सुंदर ने अब तक भारत के लिए 4 मुकाबले खेले हैं, जिसमें उन्होंने 49.83 के औसत और 87.60 के स्ट्राइक रेट से 299 रन बनाए हैं। उन्हें अभी भी टेस्ट में अपनी गेंदबाजी में सुधार करने की जरूरत है।

अक्षर पटेल

बाएं हाथ के स्पिनर अक्षर पटेल का नाम भी इस सूची में शुमार है। पटेल को चोटिल  रविंद्र जडेजा की जगह इंग्लैंड की घरेलू श्रृंखला के लिए टीम में शामिल किया गया था और उन्होंने बल्ले और गेंद दोनों से शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम इंडिया की जीत में अहम भूमिका निभाई थी। अक्षर ने अब तक 3 टेस्ट मुकाबले खेले हैं, जिसमें उन्होंने 10.6 के औसत से 27 विकेट चटकाए। इस दौरान उन्होंने चार बार पांच विकेट हौल भी लिया है।

अक्षर को उनके प्रभावशाली प्रदर्शन के बाद इंग्लैंड के लिए 20 सदस्यीय टीम में शामिल किया गया है। हालांकि, रविंद्र जडेजा की भी टीम में वापसी हो चुकी है। ऐसे में अक्षर को प्लेइंग इलेवन में मौका मिलना मुश्किल है। उन्हें टीम में जडेजा के बैकअप विकल्प के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन उन्हें इस सीरीज के लिए मौका मिलना मुश्किल है।

शार्दुल ठाकुर

भारतीय टीम के तेज गेंदबाज शार्दुल ठाकुर का नाम भी इस लिस्ट में शामिल है, जिन्हें इंग्लैंड के विरुद्ध पांच मुकाबलों की टेस्ट सीरीज के लिए एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिल सकता है। शार्दुल को एक सीम-बॉलिंग ऑलराउंडर के रूप में देखा जा रहा है, जो निचले क्रम में आकर बल्लेबाजी कर सकते हैं। 27 साल के सीमर ने ऑस्ट्रेलिया दौरे में आठवें नंबर पर आकर बल्लेबाजी करते हुए भारत के लिए महत्वपूर्ण 67 रन बनाए थे और साथ ही उस दौरे पर उन्होंने नियमित रूप से विकेट भी निकाल कर दिए थे।

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दाएं हाथ के गेंदबाज को घरेलू क्रिकेट में बहुत अनुभव है। वे मुंबई की टीम से फर्स्ट क्लास क्रिकेट में खेलते हैं। हालांकि, शार्दुल ठाकुर ने अब तक भारत के लिए महज 2 ही टेस्ट मुकाबले खेले हैं। इस समय भारत के पास मोहम्मद सिराज के साथ तीन फ्रंटलाइन अनुभवी तेज गेंदबाज हैं और अब यह देखना होगा कि आगामी टेस्ट सीरीज के लिए किस को प्लेइंग इलेवन में जगह मिलती है।

उमेश यादव

टीम इंडिया के तेज गेंदबाज उमेश यादव का नाम भी इस सूची में शुमार है। इस समय वे भारतीय डगआउट में सबसे बदकिस्मत खिलाड़ी हैं, क्योंकि जब भी उन्हें प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया है तो उन्होंने हर बार गेंद से शानदार प्रदर्शन किया है और नई गेंद से तो वे जबरदस्त गेंदबाजी करते हैं।

33 साल के दाएं हाथ के पेसर में नई गेंद से आउट स्विंग कराने की प्रतिभा है और वे पुरानी गेंद से रिवर्स स्विंग भी बेहतरीन करते हैं। उमेश यादव ने भारत के लिए अब तक 48 टेस्ट मुकाबले खेले हैं, जिसमें यादव ने 30.54  के औसत और 3.55 के इकोनॉमी रेट से 148 विकेट चटकाए हैं। उन्होंने 3 बार पांच विकेट हौल लिया है, जबकि एक बार 10 विकेट एक मैच में चटकाए हैं।