इंग्लैंड के विरुद्ध भारतीय बल्लेबाजों द्वारा बनाई गई 5 सर्वश्रेष्ठ टेस्ट साझेदारियों के बारे में बताते हैं।

भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मुकाबलों की आगामी टेस्ट सीरीज 4 अगस्त से खेली जाएगी। सीरीज का पहला मैच नॉटिंघम में खेला जाएगा। विराट सेना के लिए इंग्लैंड के विरुद्ध यह टेस्ट सीरीज बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि साल 2007 के बाद से टीम इंडिया एक भी टेस्ट सीरीज इंग्लिश सरजमीं पर जीती नहीं है और मौजूदा समय में भारतीय टेस्ट टीम दुनिया की सर्वश्रेस्ठ टीम्स में से एक हैं, जो किसी भी कंडीशन में विपक्षी टीम को हराने का दम खम रखती है। टीम इंडिया और इंग्लैंड ने एक दूसरे के खिलाफ 126 टेस्ट खेले हैं, जिसमें भारत को 29 में जीत और 48 में हार का सामना करना पड़ा है। वहीं, इंग्लैंड में, भारत ने केवल सात मैच जीते हैं, जबकि 34 टेस्ट हारे हैं। चलिए आपको इंग्लैंड के विरुद्ध भारतीय बल्लेबाजों द्वारा बनाई गई 5 सर्वश्रेष्ठ टेस्ट साझेदारियों के बारे में बताते हैं।

  1. राहुल द्रविड़ और गौतम गंभीर – 314 रनों की साझेदारी, मोहाली, 2008

इस सूची में पांचवें स्थान पर पूर्व सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर और दिग्गज राहुल द्रविड़ की 314 रनों की शानदार साझेदारी शामिल है। गंभीर और द्रविड़ ने साल 2008 में मोहाली टेस्ट में दूसरे विकेट के लिए 314 रनों की बेहतरीन साझेदारी निभाई थी। इस दौरान भारत और इंग्लैंड के बीच दो मुकाबलों की टेस्ट सीरीज खेली गई थी। इस मैच में मेजबान टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था। वीरेंद्र सहवाग के बिना रन बनाए आउट होने के बाद, द्रविड़ और गंभीर ने इंग्लैंड के गेंदबाजों के खिलाफ शानदार बल्लेबाजी करते हुए टीम की पारी संभाली।

गंभीर ने 348 गेंदों का सामना करते हुए 25 चौके और एक छक्के की मदद से 179 रन बनाए थे, जबकि द्रविड़ ने अपना नेचुरल गेम खेलते हुए 328 गेंदों में 19 चौकों की मदद से 136 रन बनाए। हालांकि, यह मैच ड्रा हो गया था, लेकिन गौतम गंभीर और राहुल द्रविड़ की यह साझेदारी टेस्ट क्रिकेट इतिहास में सर्वश्रेष्ठ पार्टनरशिप में शुमार हो गई।

  1. गुंडप्पा विश्वनाथ और यशपाल शर्मा- 316 रनों की साझेदारी, चेन्नई, 1982

गुंडप्पा विश्वनाथ और यशपाल शर्मा के बीच खेली गई साल 1992 चेन्नई टेस्ट में 316 रनों की विशाल साझेदारी इस सूची में चौथे स्थान पर शुमार है। भारतीय टीम के पूर्व दिग्गज विश्वनाथ और यशपाल ने इंग्लैंड के विरुद्ध छह मुकाबलों की टेस्ट सीरीज के पांचवें मैच की दूसरी पारी में तीसरे विकेट के लिए 316 रनों की विशाल साझेदारी निभाई थी।

टीम इंडिया के कप्तान सुनील गावस्कर (25) और प्रणब रॉय (6) का विकेट जल्दी गिर गया था, जबकि दिलीप वेंगसरकर 71 रन पर रिटायर्ड हर्ट हो गए थे। इसके बाद भारत की पारी को विश्वनाथ और शर्मा ने आकर संभालते हुए स्कोर 400 के पार पहुंचाया। महान विश्वनाथ ने 374 गेंदों का सामना करते हुए 31 चौकों में 222 रन बनाए थे। वहीं, यशपाल शर्मा ने 298 गेंदों में 18 चौकों और दो छक्कों की मदद से 140 रनों का योगदान दिया। हालांकि, यह मैच ड्रा हो गया था।

  1. विराट कोहली और जयंत यादव – 241 रनों की साझेदारी, मुंबई, 2016

विराट कोहली और जयंत यादव की 241 रनों की बेहतरीन साझेदारी का नाम भी इस सूची में शामिल है और यह तीसरे स्थान पर काबिज है। भारत और इंग्लैंड के बीच साल 2016 में खेली गई पांच मुकाबलों की टेस्ट सीरीज के चौथे मैच में दोनों खिलाड़ियों ने आठ विकेट के लिए 241 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी निभाई थी। कीटन जेनिंग्स के डेब्यू शतक की बदौलत इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए बोर्ड पर 400 रन लगा दिए थे।

किंग कोहली ने 340 गेंदों में 25 चौके और एक छक्के की मदद से 235 रन बनाए थे। यादव ने 204 गेंदों का सामना करते हुए 15 चौकों की मदद से 104 रन बनाए। भारत ने इस मुकाबले में मेहमान टीम को 36 रन और एक पारी से हरा दिया था।

  1. सुनील गावस्कर और चेतन चौहान – 213 रनों की साझेदारी, द ओवल, 1979

टीम इंडिया के पूर्व सलामी बल्लेबाज सुनील गावस्कर और दिवंगत क्रिकेटर चेतन चौहान की साल 1979 में ओवल टेस्ट की चौथी पारी में खेली गई 213 रनों की अहम साझेदारी भी इस सूची में दूसरे स्थान पर है। इंग्लैंड ने टीम इंडिया को जीत के लिए दूसरी पारी में 438 रनों का लक्ष्य दिया था और, जिसका पीछा करते हुए भारत ने 8 विकेट से नुकसान पर 429 रन बनाए।

गावस्कर और चौहान ने विलिस और बॉथम के खिलाफ बेहतरीन बल्लेबाजी की और जैसे-जैसे साझेदारी बढ़ती गई, वैसे-वैसे टीम इंडिया की जीत की उम्मीदें भी बढ़ती गईं। चौहान ने 263 गेंदों का सामना करते हुए सात चौकों की मदद से 80 रन बनाए। वहीं, गावस्कर ने 443 गेंदों पर 21 चौकों की मदद से 221 रन बनाए। भारत यह मुकाबला ड्रा करवाने में सफल रहा था।

  1. सौरव गांगुली और सचिन तेंदुलकर – 249 रनों की साझेदारी, लीड्स, 2002

इस सूची में सौरव गांगुली और सचिन तेंदुलकर की भी 249 रनों की प्रसिद्ध साझेदारी शामिल है। दोनों खिलाड़ियों की यह साझेदारी पहले स्थान पर है। भारत और इंग्लैंड के बीच साल 2002 में खेली गई चार मुकाबलों की टेस्ट सीरीज के तीसरे मैच में यह पाटनर्शिप हुई थी। तेंदुलकर और गांगुली ने चौथे विकेट के लिए 249 रन जोड़े थे।

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इस मैच में तेंदुलकर ने 330 गेंदों में 19 चौके और तीन छक्कों की मदद से 197 रन बनाए थे, जबकि गांगुली ने 167 गेंदों का सामना करते हुए 14 चौके और तीन छक्कों की मदद से 128 रन बनाए। हालांकि, भारतीय गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन से भारत ने इंग्लैंड को 46 रनों और एक पारी से इस मैच में शिकस्त दे दी थी।